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शिकायत करने पहुंचा था थाने, HIV पॉजीटिव का पता लगते ही पुलिस ने भगाया

Thu, 02 Jul 2015 09:11 AM IST
Updated Thu, 02 Jul 2015 09:11 AM IST
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police refused to register the complain of a HIV positive man

छत्तीसगढ़ में एक एड्स पीडि़त से भेदभाव करने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। अपनी रिक्शा चोरी होने की शिकायत दर्ज कराने थाने पहुंचे एक व्यक्ति को पुलिस ने उसके एड्स पीड़ित होने का पता चलते ही थाने से धक्के देकर भगा दिया।

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हैरत की बात ये है कि ये सबकुछ वहां हुआ जहां मुख्यमंत्री रमन सिंह अपने पूरे अमले और शासन प्रशासन के साथ बैठते हैं। ऐसे में उनकी नाक के नीचे ही इस तरह के भेदभाव का होना पूरे सिस्टम पर सवाल खड़ा करता है।
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अंग्रेजी वेबसाइट टीवी 18 के अनुसार मामला छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर के भटगांव क्षेत्र का है। जहां एक रिक्शा चालक बीती 28 मई को अपनी रिक्शा चोरी होने की रिपोर्ट दर्ज कराने के लिए रायपुर के कोतवाली पुलिस थाने पहुंचा था।
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एचआईवी पॉजीटिव होने का पता चलते ही पुलिस ने भगाया

police refused to register the complain of a HIV positive man

भटगांव निवासी पीड़ित ने बताया कि उसकी रिक्‍शा को दिन में ही चोरी कर लिया गया। उसने आरोप लगाया कि जब उसने थाने पहुंचकर बताया कि वो एड्स पीड़ित है और उसकी रिक्‍शा चोरी कर ली गई है यह सुनते ही पुलिस ने उसे धक्का देकर बाहर कर दिया।

पीड़ित ने बताया कि वो रिक्‍शा ही उसकी जीविका का एकमात्र सहारा थी जिसे वह 40 रुपए रोजाना किराए पर चलाता था। आरोप है कि पुलिस ने पीड़ित की रिपोर्ट सिर्फ इसलिए दर्ज करने से भी इंकार कर दिया क्योंकि वह एड्स पीड़ित है।

पु‌लिस अधीक्षक बीएन मीना ने बताया कि उन्हें घटना की जानकारी नहीं थी, लेकिन जब उन्हें इसके बारे में पता चला तो उन्होंने थाना पुलिस को पीड़ित की रिपोर्ट दर्ज करने और उसकी रिक्‍शा ढूंढने के निर्देश दिए।

एड्स पीड़ितों से रोज हो रहा भेदभाव

police refused to register the complain of a HIV positive man

वहीं छत्‍तीसगढ़ के एचआईटीवी पीड़ित लोगों के नेटवर्क की अध्यक्ष रिंकी अरोरा ने बताया कि यह कोई पहला मामला नहीं है जब छत्‍तीसगढ़ में एड्स पीड़ितों को भेदभाव का सामना करना पड़ा हो।

उन्होंने आरोप लगाया कि एचआईवी पीड़ित लोगों को यहां रोजाना भेदभाव का सामना करना पड़ता है। यहां तक कि पीड़ितों के इलाज के लिए बनाए गए एआरटी केन्द्र और सीडी फोर्ट टेस्ट केन्द्रों पर भी एड्स पी‌ड़ितों को इस तरह की छुआछूत का सामना करना पड़ता है।

कई बार रोगी आरोप लगाते हैं कि उनके साथ गंदे जानवरों की तरह व्यवहार करते हुए सड़ने के लिए छोड़ दिया जाता है। रिंकी ने आरोप लगाया कि एड्स पीड़ितों को दवाएं और वैक्सीनेशन भी समय पर नहीं मिल पाता।

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