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अंधविश्वास में बच्चे की बलि: बीमार बेटे को ठीक करने के लिए पिता ने मासूम का किया अपहरण, काटा गला; ऐसे खुला राज

Thu, 17 Jul 2025 03:46 PM IST
श्याम जी. अमर उजाला नेटवर्क, बलरामपुर रामानुजगंज
अमर उजाला नेटवर्क, बलरामपुर रामानुजगंज Published by: श्याम जी. Updated Thu, 17 Jul 2025 03:46 PM IST
सार

बलरामपुर के सामरी थाना क्षेत्र में राजू कोरवा ने अपने बीमार बेटे के ठीक होने के अंधविश्वास में तीन वर्षीय अजय नगेसिया की बलि दे दी। पुलिस ने 15 माह की जांच के बाद आरोपी को गिरफ्तार कर बालक की खोपड़ी बरामद की।

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Police arrested the accused of sacrificing child in Balrampur Ramanujganj
आरोपी गिरफ्तार - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

बलरामपुर-रामानुजगंज जिले के सामरी थाना क्षेत्र में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहां अंधविश्वास के चलते एक तीन वर्षीय बालक की बलि दे दी गई। पुलिस ने 15 माह की गहन जांच के बाद आरोपित राजू कोरवा (40) को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी ने अपने बीमार बेटे के ठीक होने के अंधविश्वास में इस जघन्य अपराध को अंजाम दिया।

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बालक का अपहरण
29 मार्च 2024 को सामरी थाना क्षेत्र के ग्राम सबाग सुलुंगडीह निवासी बिरेंद्र नगेसिया (24) अपने परिवार के साथ महुआ फूल इकट्ठा करने झलबासा जंगल गया था। वहां झाला बनाकर रह रहा था। 1 अप्रैल 2024 की सुबह उसका तीन वर्षीय बेटा अजय नगेसिया अचानक लापता हो गया। परिजनों की शिकायत पर पुलिस ने अपहरण का मामला दर्ज कर जांच शुरू की।

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राजू झाड़-फूंक का काम करता था 
विवेचना के दौरान ग्राम पंचायत चटनिया के कटईडीह निवासी राजू कोरवा पर संदेह हुआ। राजू झाड़-फूंक का काम करता था और लापता बालक के परिजनों ने उससे संपर्क किया था। उसने परिजनों को बताया कि 'बड़ी पूजा' करने पर बच्चा मिल सकता है। पहली पूछताछ में राजू ने पुलिस को गुमराह करने की कोशिश की, लेकिन उसकी संदिग्ध गतिविधियों के आधार पर पुलिस ने निगरानी बढ़ाई।

चाकू से बालक की गर्दन काटकर दी बलि
लगातार जांच और मुखबिरों की सूचना के बाद पुलिस ने राजू से सख्ती से पूछताछ की। अंततः वह टूट गया और उसने अपराध कबूल कर लिया। राजू ने बताया कि उसका बड़ा बेटा बचपन से मिर्गी और मानसिक कमजोरी से पीड़ित था। उसे विश्वास था कि किसी बच्चे की बलि देने से उसका बेटा ठीक हो जाएगा। 1 अप्रैल को उसने अजय को मिठाई और बिस्किट का लालच देकर अपने घर ले गया। उसी दिन चाकू से बालक की गर्दन काटकर हत्या कर दी।

तीन दिन तक अपने घर में छिपाकर रखा शव
राजू ने बताया कि उसने बालक के शरीर को बोरे में भरकर बोड़ादह कोना नाले के पास जला दिया। सिर को तीन दिन तक अपने घर में छिपाकर रखा और बाद में परिजनों के खोजबीन शुरू करने पर उसे कपड़े में लपेटकर नाले के पास गड्ढे में दफना दिया। पुलिस ने तहसीलदार सामरी की उपस्थिति में गड्ढा खोदकर बालक की खोपड़ी और हड्डी के अवशेष बरामद किए। घटना में प्रयुक्त चाकू भी जब्त किया गया।

पुलिस की कार्रवाई
सामरी थाना प्रभारी और पुलिस टीम ने इस मामले में लगातार जांच और सबूत जुटाने में अहम भूमिका निभाई। आरोपी राजू कोरवा को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया है। पुलिस ने इस मामले में कठोर कार्रवाई का आश्वासन दिया है।

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