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Chhattisgarh: SECL में हैवी ब्लास्टिंग से लोगों में दहशत, घर से निकलकर भागे, कई गांवों में छाया धूल का गुबार
Mon, 19 Dec 2022 05:15 PM IST
मोहनीश श्रीवास्तव
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोरबा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोरबा
Published by: मोहनीश श्रीवास्तव
Updated Mon, 19 Dec 2022 05:15 PM IST
सार
ब्लास्टिंग से हुई यह समस्या पहली बार नहीं है। कुछ दिनों पहले कुसमुंडा खदान में भी हैवी ब्लास्टिंग के चलते हैं पाली पठानिया गांव के मकान जर्जर हो गए थे। कोयला लोगों के घर तक जाकर गिरा। इससे मकान में लगे शीट क्षतिग्रस्त हुए थे। इसकी शिकायत लेकर ग्रामीण कलेक्ट्रेट भी पहुंचे हुए थे।
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कोरबा स्थित एसईसीएल खदान में हैवी ब्लास्टिंग।
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
विस्तार
छत्तीसगढ़ के कोरबा स्थित SECL में हुई हैवी ब्लास्टिंग से ग्रामीण दहशत में आ गए हैं। धमाके की आवाज और धूल का गुबार इतना ज्यादा था कि लोग घर से निकलकर बाहर भागने लगे। कई गांवों में ब्लास्ट से उड़ी धूल का गुबार छाया हुआ है। ग्रामीणों का कहना है कि कई बार ऐसे धमाकों के चलते गांव में लगे बोरवेल धंस गए हैं। कई मकान जर्जर हो चुके हैं और प्रदूषण के चलते लोग बीमार हो रहे हैं। आरोप है कि कई बार शिकायत की गई, लेकिन फिर भी कोई सुधार नहीं हो रहा है।
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ब्लास्ट से निकली धूल कर रही बीमार
दरअसल, SECL की दीपका खदान में कोयला उत्पादन के लिए होने वाला हैवी ब्लास्ट ग्रामीणों के लिए परेशानी का कारण बन गया है। ब्लास्टिंग के साथ ही खदान से धूल का गुबार उड़ता है, जो रिहायशी इलाकों में पहुंच रहा है। हालात यह हो गए हैं कि हरदीबाजार, अमगांव, मलगांव सहित सरईश्रृंगार गांवों के आसमान में धूल का गुबार छाया हुआ है। आमगांव के सरपंच बृजकुंवर ने बताया कि ब्लास्टिंग की समस्या पिछले कई सालों से बनी हुई है। इसके चलते बीमार भी हो रहे हैं।
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ग्रामीणों ने दी आंदोलन की चेतावनी
कटघोरा विधायक पुरुषोत्तम कंवर ने बताया कि, ग्रामीणों की समस्या को लेकर वह कई बार एसईसीएल और जिला प्रशासन को अवगत करा चुके हैं। रविवार को हुई ब्लास्टिंग से ग्रामीण डरे हुए हैं। उन्होंने बताया कि ग्रामीण ब्लास्टिंग के बाद मिलने के लिए आए थे। ग्रामीण पहले भी आंदोलन कर चुके हैं। इस बार कोई बड़ा आंदोलन करना पड़ेगा। इस दिशा में बैठक कर प्रयास किया जाएगा।