Bijapur: विधायक विक्रम का आरोप, पूर्व BJP नेता ने तेंदूपत्ता ठेकेदार से वसूले रुपये; गागड़ा ने भी किया पलटवार
कांग्रेस विधायक विक्रम मंडावी ने भाजपा के पूर्व मंत्री महेश गागड़ा पर आरोप लगाया है कि उन्होंने तेंदुपत्ता ठेकेदार से पैसे हड़पे हैं। जिसपर गागड़ा ने भी प्रेस कॉन्फ्रेंस कर पलटवार किया है।
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बुधवार को कांग्रेस विधायक विक्रम मंडावी ने अपने आवास पर प्रेस कॉन्फ्रेंस कर भाजपा के पूर्व मंत्री महेश गागड़ा व जिला उपाध्यक्ष लवकुमार रायडू पर तेंदूपत्ता ठेकेदार को डरा धमकाकर तेंदूपत्ता मजदूरों की राशि अपने रिश्तेदार पेखन गागड़ा के खाते डलवाकर हड़पने का आरोप लगाया है। वहीं, विधायक के आरोप पर पलटवार करते हुए पूर्व मंत्री महेश गागड़ा ने भी पत्रवार्ता लेकर उनके आरोप को निराधार बताते हुए दस दिनों के भीतर आरोप सिद्ध करने को कहा, अन्यथा वे विधायक के खिलाफ मानहानि का दावा करेंगे।
विधानसभा चुनाव के नजदीक आते ही बीजापुर की राजनीति गरमाती जा रही हैं। पिछले दिनों तेंदूपत्ता तोड़ाई व ढुलाई का भुगतान एक साल से नहीं होने से पूर्व मंत्री महेश गागड़ा के नेतृत्व में भाजपा ने नेलसनार में भुगतान की मांग को लेकर एनएच जाम कर दिया था। इसके बाद डीएफओ से भुगतान करवाने का आश्वासन मिलने के बाद विरोध समाप्त कर दिया गया था। अब बुधवार को इसी मामले में विधायक विक्रम मंडावी ने पत्रवार्ता लेकर पूर्व मंत्री महेश गागड़ा व भाजपा जिला उपाध्यक्ष लवकुमार रायडू पर तेंदूपत्ता ठेकेदार सुधीर कुमार माणिक को डरा धमकाकर अपने रिश्तेदार भैरमगढ़ निवासी पेखन गागड़ा के खाते में लाखों रुपये लेने का आरोप लगाया हैं। विधायक ने बैंक ट्रांजेक्शन की प्रतियां भी साझा की। इतना ही नहीं विधायक ने उनके इस कृत्य को गंभीर अपराध की श्रेणी वाला बताया हैं। उन्होंने पत्रकारों को बताया कि गागड़ा और रायडू ने ठेकेदार के 12 मोटरसाइकलों को भी अपने कब्जे में कर रखा हैं। उन्होंने कहा कि जब से भाजपा और महेश गागड़ा चुनाव हारे है तब से मीडिया में बने रहने के लिए प्रदेश सरकार व स्थानीय प्रशासन पर उलजुलूल आरोप लगा रहे है।
वहीं, दूसरी ओर पूर्व मंत्री महेश गागड़ा ने भी पत्रवार्ता लेकर विधायक को आरोप सिद्ध करने की चुनौती दी। दस दिनों के भीतर आरोप सिद्ध करने पर उन्होंने मानहानि का दावा करने की बात कही है। गागड़ा ने पत्रवार्ता में कहा कि विधायक आदिवासियों के हित मे खड़े न होकर ठेकेदार के प्रवक्ता बनकर निराधार आरोप लगा रहे है। क्षेत्र में उनकी बन रही बुरी स्थिति से घबराकर उलजुलूल बयानबाजी कर रहे हैं। गागड़ा ने कहा कि सरकार, विभाग और पुलिस उनकी है। वे जांच करवाएं। गागड़ा ने विधायक पर निशाना साधते हुए कहा कि भाजपा हितग्राहियों के हित में विभिन्न माध्यमो से लड़ रही हैं। लेकिन विधायक कहीं न कहीं ठेकेदार और डीएफओ को बचाने का प्रयास कर रहे हैं। आंदोलन के बाद भी भुगतान नहीं हुआ है। इस पर विधायक चुप्पी क्यों साधे हुए हैं।
गागड़ा ने कहा कि विधायक के आरोप पर वे एसपी को आवेदन दे रहे हैं। इस विषय पर निष्पक्ष जांच हो और दस दिनों के अंदर हो। जांच में दूध का दूध और पानी का पानी हो जाएगा। गागड़ा ने कहा कि विधायक ने जिस बैंक ट्रांजेक्शन का आधार दिखाया है। वह ट्रांजेक्शन ठेकेदार का ही है। चूंकि जिस खातेदार का स्टेटमेंट विधायक ने मीडिया के समक्ष रखा है। ठेकेदार उस खातेदार के यहां किराये पर रहता था। यहां का खाता नहीं होने की स्थिति में उनके खाते से ठेकेदार ट्रांजेक्शन किया करता था। गागड़ा ने कहा कि विधायक बिना सच जाने ही राजनीति फायदा लेने की जल्दबाजी दिखाई और सच्चाई से वाकिफ नहीं रहे। वहीं, उन्होंने कहा कि विधायक अपने आरोप को दस दिनों के भीतर साबित करें। आरोप साबित नहीं पर उन्होंने मानहानि का दावा करने की बात कही हैं।