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Chhattisgarh: सरस छेरछेरा महोत्सव संपन्न, मंत्री नेताम बोले- सरस मेले से बढ़ेगा महिला समूहों का आत्मविश्वास
Tue, 14 Jan 2025 01:14 PM IST
अमन कोशले
अमर उजाला नेटवर्क, रायपुर
अमर उजाला नेटवर्क, रायपुर
Published by: अमन कोशले
Updated Tue, 14 Jan 2025 01:14 PM IST
सार
छत्तीसगढ़ के कृषि मंत्री रामविचार नेताम के मुख्य आतिथ्य में क्षेत्रीय सरस मेला का समापन हुआ। राज्य में दान लेन-देन का प्रसिद्ध छेरछेरा पर्व के अवसर पर सरस छेरछेरा महोत्सव का आयोजन किया गया।
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सरस छेरछेरा महोत्सव संपन्न
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
छत्तीसगढ़ के कृषि मंत्री रामविचार नेताम के मुख्य आतिथ्य में क्षेत्रीय सरस मेला का समापन हुआ। राज्य में दान लेन-देन का प्रसिद्ध छेरछेरा पर्व के अवसर पर सरस छेरछेरा महोत्सव का आयोजन किया गया। इस मौके पर 38.17 करोड़ रुपये लागत की 21 विकास कार्यों का भूमिपूजन किया। सरस मेले में महिला समूहों की ओर से एक करोड़ रुपए की विभिन्न उत्पादों की बिक्री की गई। महिला समूहों द्वारा मेले के समापन तक 99 लाख 97 हजार 200 रुपये की बिक्री हुई थी। वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने 2800 रुपये की खरीदी की जिससे आंकड़ा एक करोड़ रुपए पहुंच गया।
मंत्री नेताम ने कहा कि छत्तीसगढ़ की कला एवं संस्कृति बहुआयामी है। यहां हमें कई प्रकार के लोक नृत्य, जातियां, लोक कला, मेले, भाषा, शिल्प और विशेष व्यंजन देखने को मिलते हैं। प्रदेश में यहां के आभूषणों, वस्त्रों का विशेष स्थान है जो यहां की संस्कृति को और अधिक प्रभावशाली एवं समृद्ध बनाती हैं। प्रदेश की महिला स्व सहायता से जुड़ी महिलाएं राज्य की संस्कृति को सहेजने के साथ ही आर्थिक रूप से सशक्त बन रही है।
वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने कहा कि रायगढ़ में पहली बार आयोजित सरस मेले ने प्रदेश के हस्तशिल्प एवं संस्कृति से जन-जन को जोड़ने का काम किया है। उन्होंने कहा कि मेले में महिला समूहों ने बढ़-चढ़कर हिस्सेदारी निभायी है। दस दिनों में 1 करोड़ रुपए की बिक्री महिला समूहों द्वारा की गई है। यह बड़ी उपलब्धि है इसके लिए सभी समूहों को बहुत बधाई।
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सरस मेला में रायगढ़ समेत छत्तीसगढ़ के सभी 33 जिलों से बिहान की महिला स्व-सहायता समूह की दीदियां एवं अन्य राज्यों जैसे-झारखण्ड, बिहार, मध्यप्रदेश, हरियाणा, पंजाब, असम, महाराष्ट्र की स्व-सहायता समूह की महिलाओं ने भाग लिया है। सरस मेला में 224 से अधिक स्टॉल लगाये है, जिनमें 268 से अधिक महिला स्व-सहायता समूह की दीदियों ने भाग लिया है। इस अवसर पर अनेक जनप्रतिनिधि सहित अन्य गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।
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मंत्री नेताम ने कहा कि छत्तीसगढ़ की कला एवं संस्कृति बहुआयामी है। यहां हमें कई प्रकार के लोक नृत्य, जातियां, लोक कला, मेले, भाषा, शिल्प और विशेष व्यंजन देखने को मिलते हैं। प्रदेश में यहां के आभूषणों, वस्त्रों का विशेष स्थान है जो यहां की संस्कृति को और अधिक प्रभावशाली एवं समृद्ध बनाती हैं। प्रदेश की महिला स्व सहायता से जुड़ी महिलाएं राज्य की संस्कृति को सहेजने के साथ ही आर्थिक रूप से सशक्त बन रही है।
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वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने कहा कि रायगढ़ में पहली बार आयोजित सरस मेले ने प्रदेश के हस्तशिल्प एवं संस्कृति से जन-जन को जोड़ने का काम किया है। उन्होंने कहा कि मेले में महिला समूहों ने बढ़-चढ़कर हिस्सेदारी निभायी है। दस दिनों में 1 करोड़ रुपए की बिक्री महिला समूहों द्वारा की गई है। यह बड़ी उपलब्धि है इसके लिए सभी समूहों को बहुत बधाई।
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सरस मेला में रायगढ़ समेत छत्तीसगढ़ के सभी 33 जिलों से बिहान की महिला स्व-सहायता समूह की दीदियां एवं अन्य राज्यों जैसे-झारखण्ड, बिहार, मध्यप्रदेश, हरियाणा, पंजाब, असम, महाराष्ट्र की स्व-सहायता समूह की महिलाओं ने भाग लिया है। सरस मेला में 224 से अधिक स्टॉल लगाये है, जिनमें 268 से अधिक महिला स्व-सहायता समूह की दीदियों ने भाग लिया है। इस अवसर पर अनेक जनप्रतिनिधि सहित अन्य गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।