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CG: कोयलांचल का अस्तित्व खतरे में, भटगांव क्षेत्र में लगातार बंद हो रहीं खदानें; महाप्रबंधक ने झोंकी ताकत

Thu, 18 Jan 2024 03:27 PM IST
श्याम जी. अमर उजाला नेटवर्क, सूरजपुर
अमर उजाला नेटवर्क, सूरजपुर Published by: श्याम जी. Updated Thu, 18 Jan 2024 03:27 PM IST
सार

भटगांव क्षेत्र में एक के बाद एक खदानों के बंद हो रही हैं। इससे कोयला कामगारों के साथ-साथ क्षेत्र के व्यवसायियों की भी हालत बद से बदत्तर होने की कगार पर पहुंच चुकी है। हालत को सुधारने के लिए मुख्य महाप्रबंधक एड़ी चोटी का जोर लगने की जुगत में जुटे हुए है।
 

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Mines are closing in Bhatgaon area existence of coalfield is in danger surajpur
महाप्रबंधक - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

कोयलांचल की नगरी भटगांव क्षेत्र का अस्तित्व इन दोनों खतरे में दिखाई पड़ता दिख रहा है। एक के बाद एक खदानों के बंद होने से कोयला कामगारों के साथ-साथ क्षेत्र के व्यवसायियों की भी हालत बद से बदत्तर होने की कगार पर पहुंच चुकी है। वहीं, क्षेत्र की हालत को सुधारने के लिए मुख्य महाप्रबंधक एड़ी चोटी का जोर लगने की जुगत में जुटे हुए है।

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कोल इंडिया के द्वारा पांच दशक पूर्व भटगांव में पहली बार कोयला खदान खोल कोयला उत्पादन का कार्य प्रारंभ किया गया था। इसके बाद विभिन्न प्रांतो से यहां पहुंचकर लोगों ने दिन-रात एक करके कोयला उत्पादन में वृद्धि कर देश के चौमुखी विकास में महत्वपूर्ण योगदान दे रहा है। वहीं, यहां खदान खुलने से हजारों की संख्या में यहां के लोगों को रोजगार की प्राप्त हुआ। वर्ष 2012 में दुग्गा खुली खदान को प्रबंधकीय लापरवाही के कारण समय से पूर्व फॉरेस्ट एंड एनवायरमेंट क्लीयरेंस नहीं मिलने के कारण बीच में ही बंद कर दिया गया था। 
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इसके बाद सैकड़ों की संख्या में यहां से कोयला कामगारों को पलायन कर दूसरे क्षेत्रों की ओर रुख करना पड़ा था। वहीं, वर्ष 2018 में पुनः कल्याणी भूमिगत परियोजना को भी प्रबंधकीय लापरवाही का भेट चढ़ते हुए बंद कर दिया गया। तो वहीं इस वर्ष एक जनवरी से नवापारा भूमिगत परियोजना में एनवायरमेंट क्लींयरेस नहीं मिलने का हवाला देते हुए प्रबंधन के द्वारा माइंस में ताला जड़ दिया गया। इसको लेकर प्रबंधन के खिलाफ मजदूरों ने हाल ही में मोर्चा खोल उग्र प्रदर्शन किया था।
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वहीं, प्रबंधन ने मजदूरों के द्वारा लगाए जा रहे सभी आरोपों को बेबुनियादी बताते हुए माइंस खोलने में जुटी ही है। इन दिनों महाप्रबंधक प्रदीप कुमार क्षेत्र की बदत्तर हालत को सुधारने के लिए शिवानी भूमिगत परियोजना, नवापारा भूमिगत परियोजना, 1/2 भटगांव भूमिगत परियोजना व क्षेत्र की बहु प्रतीक्षित परियोजना महामाया ओसीपी माइंस को शुरू करने हेतु वनमंत्री केदार कश्यप से मुलाकात कर आवश्यक चर्चा कर माइंस के संचालन हो रही दिक्कतें को साझा किया और सुचारू रूप से चलने सहयोग करने हेतु आग्रह किया। 


इस संबंध में महाप्रबंधक प्रदीप कुमार ने बताया कि मौजूदा समय क्षेत्र के लिए चिंता जनक है, लेकिन हमारे द्वारा माइंस को दोबारा चालू करने के लिए एड़ी चोटी एक कर दिया गया है। माइंस को चालू करने के लिए तेजी से हमारे लोगों के द्वारा फाइल मूव किए जा रहे हैं। जल्द ही हमें इसमे सफलता मिलेंगी, जिससे बंद माइंस दोबारा चालू हो सकेगा।

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