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बड़ी खबर: मिड डे मील में शामिल होगा मिलेट्स, छत्तीसगढ़ के सीएम भूपेश के प्रस्ताव को केंद्र सरकार ने दी मंजूरी

Sat, 18 Feb 2023 10:10 PM IST
ललित कुमार सिंह अमर उजाला ब्यूरो, रायपुर
अमर उजाला ब्यूरो, रायपुर Published by: ललित कुमार सिंह Updated Sat, 18 Feb 2023 10:10 PM IST
सार

छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में चल रहे छत्तीसगढ़  मिलेट कॉर्निवाल के बीच बड़ी खबर सामने आ रही है। इस कॉर्निवाल में शुक्रवार को मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के मध्यान्ह भोजन योजना में मिलेट्स को शामिल करने के प्रस्ताव को केन्द्र सरकार ने मंजूरी दे दी है।

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Millets to be included in mid-day meal, Center govt approves CM Bhupesh proposal
सीएम भूपेश बघेल, पीएम नरेंद्र मोदी - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी

विस्तार

छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में चल रहे छत्तीसगढ़  मिलेट कॉर्निवाल के बीच बड़ी खबर सामने आ रही है। इस कॉर्निवाल में शुक्रवार को मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के मध्यान्ह भोजन योजना में मिलेट्स को शामिल करने के प्रस्ताव को केन्द्र सरकार ने मंजूरी दे दी है। अब प्रधानमंत्री पोषण शक्ति योजना के तहत छत्तीसगढ़ के 12 जिलों में सोया चिक्की के स्थान पर सप्ताह में चार दिन स्कूली बच्चों को मिलेट्स से निर्मित खाद्य पदार्थ वितरित किए जाएंगे।  

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छत्तीसगढ़ सरकार की मंशा के अनुरूप लोक शिक्षण संचालनालय की ओर से केन्द्र सरकार को इस योजना को आंशिक रूप से संशोधित करते हुए सोया चिक्की के स्थान पर मिलेट्स से बने खाद्य सामग्री वितरित किए जाने का प्रस्ताव भेजा गया था। इस प्रस्ताव को केन्द्र सरकार के डायरेक्टर पीएम पोषण ने मंजूरी दे दी है।  राज्य में मिलेट्स के उत्पादन के लिए किसानों को भरपूर प्रोत्साहन दिया जा रहा है। कोदो, कुटकी-रागी जैसे मिलेट का समर्थन मूल्य पर उपार्जन किया जा रहा है। इसके अलावा मिलेट मिशन के अंतर्गत राज्य के मिलेट्स उत्पादक किसानों को 9 हजार रूपए की इनपुट सब्सिडी प्रदान की जा रही है। वर्ष 2023 को अंतर्राष्ट्रीय मिलेट वर्ष घोषित किया गया है। 





55 दिनों के लिए सोया चिक्की देने मिला था इतना फंड
पूर्व में प्रधानमंत्री पोषण शक्ति निर्माण योजना की वार्षिक कार्ययोजना में केन्द्र सरकार की ओर से छत्तीसगढ़ के 7 जिलों में बच्चों को पूरक पोषण आहार के अंतर्गत 55 दिनों के लिए सोया चिक्की प्रदान करने के लिए केन्द्रांश के रूप में 1787.20 लाख रूपए और राज्यांश के रूप में 1198.14 लाख रुपए इस प्रकार कुल 2995.34 लाख रुपए की मंजूरी दी गई थी।



बता दें कि प्रदेश के मुखिया भूपेश बघेल ने शुक्रवार को राजधानी रायपुर में छत्तीसगढ़ मिलेट कार्निवल का शुभारंभ किया है। इस अवसर पर सीएम ने  मिलेट्स को बढ़ावा देने के लिए स्कूलों में बच्चों के लिए मिड डे मील में मिलेट्स को शामिल करने के लिए मंच से ही केंद्र सरकार से अनुरोध किया था। सीएम ने कहा था कि इससे देशभर के बच्चों को जहां भरपूर पोषक तत्व मिलेंगे। वहीं मिलेट्स का उत्पादन करने वाले किसानों के लिए मिलेट्स उत्पादों के बाजार की समस्या नहीं रहेगी और किसानों को फायदा भी होगा। 

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मुख्यमंत्री बघेल ने राजधानी रायपुर के सुभाष स्टेडियम में आयोजित तीन दिवसीय 'छत्तीसगढ़ मिलेट कार्निवल' के शुभारंभ करते हुए कहा कि मिलेट्स के उत्पादन को बढ़ावा देने और इनसे मिलने वाले पोषक तत्वों के बारे में जन जागरूकता के लिए वर्ष 2023 को अंतर्राष्ट्रीय मिलेट वर्ष घोषित किया गया है। छत्तीसगढ़ पहले ही मिलेट्स के उत्पादन, प्रसंस्करण और विपणन के मामले में काफी आगे है और धीरे धीरे मिलेट्स हब के रूप में उभर रहा है। आज जब मिलेट्स फसलों का रकबा जब पूरी दुनिया में सिमट रहा है, तब हमारे राज्य में इसका रकबा बढ़ रहा है। राज्य सरकार से मिलेट्स उत्पादक किसानों को मिले प्रोत्साहन से प्रदेश में मिलेट्स फसलों के रकबा में लगभग 3 गुना वृद्धि हुई है, पहले 70 हजार हेक्टेयर रकबा में मिलेट्स की खेती होती थी, अब यह रकबा बढ़कर 1 लाख 65 हजार हेक्टेयर हो गया है। 



समर्थन मूल्य पर खरीदी करने वाला देश का पहला राज्य
मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ में मिलेट्स के अंतर्गत मुख्य रूप से कोदो, कुटकी और रागी की खेती होती रही है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ कोदो, कुटकी और रागी का समर्थन मूल्य घोषित करने वाला और समर्थन मूल्य पर खरीदी करने वाला देश का पहला राज्य है। राज्य सरकार द्वारा कोदो और कुटकी का तीन हजार रूपए समर्थन मूल्य घोषित किया गया और राजीव गांधी किसान न्याय योजना में मिलेट्स उत्पादक किसानों को 9 हजार रूपए प्रति एकड़ की इनपुट सब्सिडी देने के परिणामस्वरूप छत्तीसगढ़ में मिलेट्स का उत्पादन बढ़ा। हमारे किसानों का उत्साह बढ़ा और पहले ही साल में 55 हजार क्विंटल मिलेट्स की खरीदी की गई। मिलेट्स की डिमांड बढ़ने के कारण खुले बाजार में इसकी खपत हो रही है, इसके कारण इस वर्ष समर्थन मूल्य पर 35 हजार क्विंटल की खरीदी ही हो पाई। कोदो, कुटकी एवं रागी का बाजार मूल्य भी बढ़ा, पहले 12 से 15 रुपए प्रति किलो मिलेट्स का बाजार मूल्य होता था, आज बढ़कर 25 से 28 रुपए तक पहुंच चुका है।

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मिलेट्स प्रसंस्करण के मामले में भी छत्तीसगढ़ बहुत आगे
मुख्यमंत्री ने कहा कि मिलेट्स प्रसंस्करण के मामले में भी छत्तीसगढ़ बहुत आगे निकल गया है। मिलेट्स प्रसंस्करण का देश का सबसे बड़ा प्लांट छत्तीसगढ़ के कांकेर जिले के नथिया नवागांव में बनाया गया है, जिसमें 22 प्रकार के उत्पाद तैयार किए जा रहे हैं। मिलेट्स के उत्पादन, महिला स्व-सहायता समूहों और वनधन समितियों के माध्यम से संग्रहण और प्रसंस्करण के जरिए हजारों महिलाओं को रोजगार मिला। मिलेट्स की खेती के प्रति किसानों का आकर्षण बढ़ा, उनकी आय में भी वृद्धि हुई। 



मिलेट्स की देश-विदेश में डिमांड 
मुख्यमंत्री ने कहा कि पोषक गुणों के कारण आज मिलेट्स की डिमांड देश-विदेश में बढ़ गई है। उन्होंने कहा कि कोदो, कुटकी और रागी छत्तीसगढ़ में यह हमेशा से बोया जाता रहा है। यह फसल ग्रामीण क्षेत्रो में उन जमीनों पर लगाई जाती थी, जहां सिचाई नहीं के बराबर होती थी। पहले छत्तीसगढ़ के बड़े किसान भी कोदो को संग्रहित करके रखते थे, क्योंकि सूखे के समय यही पेट भरने के काम आता था। कोदो के बीज 12 वर्ष तक सुरक्षित रहते हैं। इसकी फसल में बीमारी नहीं लगती इस कारण इसमें पेस्टिसाइड का उपयोग नहीं होता। आज फसलों में उपयोग किए जाने वाले पेस्टिसाइड भी लाईफ स्टाईल के साथ बीपी, शुगर, कैंसर जैसे रोगों की वजह है। मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि पानी पड़ने के बाद कोदो का उपयोग नहीं किया जाना चाहिए, इससे फूड पाईजनिंग का खतरा रहता है। 



उन्होंने कहा कि मिलेट्स विशेष रूप से कोदो को मेहनतकश लोगों का भोजन समझा जाता था, कोदो मिनरल्स और पोषक तत्वों से भरपूर है, शुगर इसमें कम से कम है। आज कोदो अमीरों का भोजन बन गया है। क्योंकि डायबिटिज सबसे ज्यादा इस वर्ग के लोगों में है। उन्होंने कोदो, कुटकी और रागी, लघु वनोपजों की खरीदी और प्रसंस्करण के कार्य में वन विभाग द्वारा किए गए कार्यों की सराहना की। मुख्यमंत्री ने कहा कि मिलेट्स के गुणों को देखते हुए इसे भोजन की थाली में शामिल किया जाना चाहिए।  

‘सेहत के मोती, कोदो-कुटकी-रागी’
वन मंत्री मोहम्मद अकबर ने कहा कि मिलेट्स के गुणों को देखते हुए ‘सेहत के मोती, कोदो-कुटकी-रागी’ के स्लोगन के साथ छत्तीसगढ़ मिलेट कार्निवल का आयोजन राजधानी रायपुर में किया जा रहा है। इस कार्निवाल के माध्यम से हमें मिलेट्स की खूबियों के बारे में जानने को मिलेगा। कोदो, कुटकी और रागी सेहत के लिए बहुत ही फायदेमंद है। उन्होंने कहा भूपेश बघेल की पहल पर 10 जनवरी 2022 को छत्तीसगढ़ मिलेट्स मिशन शुरू किया गया। राज्य सरकार द्वारा मिलेट्स को प्रोत्साहन देने का अभियान छत्तीसगढ़ में सफल रहा, इससे मिलेट्स की बाजार में मांग बढ़ गई है। यह प्रशंसनीय है।



भारत सरकार के प्रतिनिधि ने की छत्तीसगढ़ मिलेट मिशन की सराहना 
शुभारंभ समारोह में भारत सरकार के मिलेट्स रिसर्च इंस्टीट्यूट, न्यूट्रीहब के सीईओ डॉ. बी. दयाकर रॉव ने छत्तीसगढ़ मिलेट मिशन की सराहना करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ में मिलेट मिशन का कार्य काफी अच्छा है। अब तक मिलेट्स के क्षेत्र में छत्तीसगढ़ में जितने कार्य हुए उसे देखते हुए कहा जा सकता है कि छत्तीसगढ़ में मिलेट मिशन का भविष्य उज्ज्वल है। 

महिला स्व-सहायता समूहों को वितरित किए गए लैपटॉप
मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम में नारायणपुर में फूल झाडू और वनौषधियों का उत्पादन करने वाले चरख महिला स्व-सहायता समूह की सरिता निषाद और कटघोरा के हरबोल स्व-सहायता समूह की सरोज पटेल को प्रतीक स्वरूप लैपटॉप वितरित किए। आज के कार्यक्रम में 12 समूहों को क्रॉप स्टेज के सहयोग से लैपटॉप वितरित किए गए। मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ राज्य लघु वनोपज संघ द्वारा प्रकाशित कॉफी टेबल बुक का विमोचन भी किया।

कार्निवाल में 7 राज्यों ने की शिरकत  
प्रमुख सचिव वन मनोज कुमार पिंगुआ ने बताया कि कार्निवाल का आयोजन छत्तीसगढ़ राज्य लघु वनोपज संघ और आईआईएमआर हैदराबाद के संयुक्त तत्वावधान में किया गया। उन्होंने बताया कि कार्निवाल 49 स्टॉल लगाए गए हैं, जिनमें से 25 छत्तीसगढ़ के तथा 24 अन्य राज्यों के हैं। इस कार्निवाल में 7 राज्यों के प्रतिनिधियों ने शिरकत की है। 

इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय रायपुर के कुलपति डॉ. गिरीश चंदेल ने बताया कि कृषि विश्वविद्यालय द्वारा कोदो, कुटकी और रागी की 9 प्रजातियां विकसित की गई है। विश्व विद्यालय के पास 300 क्विंटल बीज उपलब्ध हैं। उन्होंने बताया कि 6 स्थानों पर मिलेट्स कैफे प्रारंभ करने की योजना है। कार्यक्रम को प्रधान मुख्य वन संरक्षक एवं वन बल प्रमुख संजय शुक्ला ने कहा कि मिलेट्स सुपर फूड हैं, इसमें फायबर, प्रोटीन, मिनरल्स के साथ ग्लूटेन फ्री है, इसका ग्लाइसेमिक इनडेक्स बहुत कम है। राज्य सरकार द्वारा दिए गए प्रोत्साहन से छत्तीसगढ़ में मिलेट्स का मूल्य काफी बढ़ गया है। अन्य राज्यों के लोग छत्तीसगढ़ से मिलेट्स की खरीदी कर रहे हैं। एन.टी.बी.एन. के सदस्य डॉ. राज भंडारी, आईसीएआर-आईआईएमआर की संचालक डॉ. तारा सत्यवथी, वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. जे. स्टेनली ने भी सम्बोधित किया। कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मंडल के अध्यक्ष कुलदीप जुनेजा, रायपुर महापौर एजाज ढेबर, कृषि उत्पादन आयुक्त डॉ. कमलप्रीत सिंह भी उपस्थित थे।

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