{"_id":"6a9ff2fd618c2028fc0a5bce","slug":"korba-hostel-superintendent-sharda-netam-suspended-after-girl-students-alleged-misconduct-massage-domestic-work-korba-news-c-1-1-noi1487-4701189-2026-09-08","type":"story","status":"publish","title_hn":"छत्तीसगढ़: छात्राओं की शिकायत पर छात्रावास अधीक्षिका निलंबित, मालिश और घरेलू काम करवाने का आरोप","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
छत्तीसगढ़: छात्राओं की शिकायत पर छात्रावास अधीक्षिका निलंबित, मालिश और घरेलू काम करवाने का आरोप
Tue, 08 Sep 2026 09:13 PM IST
कोरबा ब्यूरो
अमर उजाला नेटवर्क, कोरबा
अमर उजाला नेटवर्क, कोरबा
Published by: कोरबा ब्यूरो
Updated Tue, 08 Sep 2026 09:13 PM IST
सार
पोड़ी उपरोड़ा के 100 सीटर कन्या छात्रावास में छात्राओं के साथ अनुचित व्यवहार और प्रताड़ना की शिकायतों को शिक्षा विभाग ने गंभीरता से लिया है। मामले की जांच के बाद छात्रावास अधीक्षिका शारदा नेताम को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।
विज्ञापन
छात्रावास अधीक्षिका सस्पेंड, छात्राओं से मालिश और घरेलू काम करवाने का आरोप
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
कोरबा जिले के पोड़ी उपरोड़ा के 100 सीटर कन्या छात्रावास में छात्राओं के साथ अनुचित व्यवहार और प्रताड़ना की शिकायतों को शिक्षा विभाग ने गंभीरता से लिया है। मामले की जांच के बाद छात्रावास अधीक्षिका शारदा नेताम को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। निलंबन आदेश संयुक्त संचालक, शिक्षा संभाग बिलासपुर द्वारा जारी किया गया है।
शारदा नेताम का मूल पद सहायक शिक्षक एलबी का है और वे शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला अमलडीहा में पदस्थ हैं। प्रतिनियुक्ति पर वे पोड़ी उपरोड़ा स्थित कन्या छात्रावास की अधीक्षिका के रूप में जिम्मेदारी संभाल रही थीं।
पूरा मामला 6 अगस्त 2026 का है। छात्राओं ने अधीक्षिका के कार्य व्यवहार से परेशान होकर मुख्य मार्ग पर प्रदर्शन किया था। उन्होंने अधीक्षिका को हटाने और उनके स्थान पर किसी अन्य को नियुक्त करने की मांग की थी। छात्राओं ने आरोप लगाया था कि उनसे मालिश कराई जाती है, घरेलू काम करवाया जाता है और उनके साथ अभद्र व्यवहार किया जाता है। शिकायत सामने आने के बाद प्रशासन ने मामले की जांच कराने का निर्णय लिया।
विज्ञापन
तीन वरिष्ठ प्राचार्यों की समिति ने की जांच
अनुविभागीय अधिकारी राजस्व, पोड़ी उपरोड़ा ने प्रकरण की जांच के लिए तीन वरिष्ठ प्राचार्यों की समिति गठित की। जांच टीम ने छात्रावास पहुंचकर छात्राओं के बयान दर्ज किए और वहां की व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया। जांच में अधीक्षिका का छात्राओं के प्रति व्यवहार उचित नहीं पाए जाने की पुष्टि हुई। जांच प्रतिवेदन में यह भी सामने आया कि छात्रावास में निर्धारित मेन्यू के अनुसार भोजन नहीं दिया जा रहा था और भोजन की गुणवत्ता भी संतोषजनक नहीं थी।
इसके अलावा अधीक्षिका द्वारा छात्रावास परिसर में देर रात तक पूजा-पाठ करने और घंटी बजाने की बात भी जांच में सामने आई। इससे छात्राओं की पढ़ाई और नींद प्रभावित होने की शिकायत की गई थी। छात्राओं से मालिश कराने और निजी घरेलू काम करवाने संबंधी आरोपों को भी जांच समिति ने गंभीरता से लिया।
जिला शिक्षा अधिकारी, कोरबा से प्राप्त प्रस्ताव और जांच प्रतिवेदन के आधार पर संयुक्त संचालक ने शारदा नेताम के कृत्य को गंभीर कदाचरण की श्रेणी में माना। इसके बाद छत्तीसगढ़ सिविल सेवा आचरण नियम, 1965 के तहत उन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया। निलंबन अवधि के दौरान उन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता मिलेगा। उनका मुख्यालय विकासखंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय, पोड़ी उपरोड़ा निर्धारित किया गया है।
विज्ञापन
शारदा नेताम का मूल पद सहायक शिक्षक एलबी का है और वे शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला अमलडीहा में पदस्थ हैं। प्रतिनियुक्ति पर वे पोड़ी उपरोड़ा स्थित कन्या छात्रावास की अधीक्षिका के रूप में जिम्मेदारी संभाल रही थीं।
विज्ञापन
पूरा मामला 6 अगस्त 2026 का है। छात्राओं ने अधीक्षिका के कार्य व्यवहार से परेशान होकर मुख्य मार्ग पर प्रदर्शन किया था। उन्होंने अधीक्षिका को हटाने और उनके स्थान पर किसी अन्य को नियुक्त करने की मांग की थी। छात्राओं ने आरोप लगाया था कि उनसे मालिश कराई जाती है, घरेलू काम करवाया जाता है और उनके साथ अभद्र व्यवहार किया जाता है। शिकायत सामने आने के बाद प्रशासन ने मामले की जांच कराने का निर्णय लिया।
विज्ञापन
तीन वरिष्ठ प्राचार्यों की समिति ने की जांच
अनुविभागीय अधिकारी राजस्व, पोड़ी उपरोड़ा ने प्रकरण की जांच के लिए तीन वरिष्ठ प्राचार्यों की समिति गठित की। जांच टीम ने छात्रावास पहुंचकर छात्राओं के बयान दर्ज किए और वहां की व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया। जांच में अधीक्षिका का छात्राओं के प्रति व्यवहार उचित नहीं पाए जाने की पुष्टि हुई। जांच प्रतिवेदन में यह भी सामने आया कि छात्रावास में निर्धारित मेन्यू के अनुसार भोजन नहीं दिया जा रहा था और भोजन की गुणवत्ता भी संतोषजनक नहीं थी।
इसके अलावा अधीक्षिका द्वारा छात्रावास परिसर में देर रात तक पूजा-पाठ करने और घंटी बजाने की बात भी जांच में सामने आई। इससे छात्राओं की पढ़ाई और नींद प्रभावित होने की शिकायत की गई थी। छात्राओं से मालिश कराने और निजी घरेलू काम करवाने संबंधी आरोपों को भी जांच समिति ने गंभीरता से लिया।
जिला शिक्षा अधिकारी, कोरबा से प्राप्त प्रस्ताव और जांच प्रतिवेदन के आधार पर संयुक्त संचालक ने शारदा नेताम के कृत्य को गंभीर कदाचरण की श्रेणी में माना। इसके बाद छत्तीसगढ़ सिविल सेवा आचरण नियम, 1965 के तहत उन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया। निलंबन अवधि के दौरान उन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता मिलेगा। उनका मुख्यालय विकासखंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय, पोड़ी उपरोड़ा निर्धारित किया गया है।

छात्रावास अधीक्षिका सस्पेंड, छात्राओं से मालिश और घरेलू काम करवाने का आरोप