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राष्ट्रीय उत्कृष्टता सम्मान समारोह में मेधावियों का सम्मान: राज्यपाल बोले-मोबाइल और डिजिटल एडिक्शन से रहें दूर
Sat, 18 Jul 2026 06:14 PM IST
अमन कोशले
अमर उजाला नेटवर्क, रायपुर
अमर उजाला नेटवर्क, रायपुर
Published by: अमन कोशले
Updated Sat, 18 Jul 2026 06:14 PM IST
सार
पीएसवाय एजुकेशन एंड रिसर्च फेडरेशन द्वारा आयोजित राष्ट्रीय उत्कृष्टता सम्मान समारोह एवं पदक-निधि वितरण कार्यक्रम में प्रदेश के विभिन्न जिलों के मेधावी विद्यार्थियों और उत्कृष्ट जिला शिक्षा अधिकारियों को सम्मानित किया गया।
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राज्यपाल रमेन डेका
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
राजधानी के विमतारा ऑडिटोरियम में शनिवार को पीएसवाय एजुकेशन एंड रिसर्च फेडरेशन द्वारा आयोजित राष्ट्रीय उत्कृष्टता सम्मान समारोह एवं पदक-निधि वितरण कार्यक्रम में प्रदेश के विभिन्न जिलों के मेधावी विद्यार्थियों और उत्कृष्ट जिला शिक्षा अधिकारियों को सम्मानित किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि राज्यपाल रमेन डेका ने विद्यार्थियों से मोबाइल और डिजिटल एडिक्शन से दूर रहने तथा अपनी मौलिक सोच और अध्ययन की आदत बनाए रखने का आह्वान किया।
राज्यपाल ने कहा कि आज इंटरनेट और कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) का दौर है, लेकिन मानव बुद्धि का कोई विकल्प नहीं हो सकता। गूगल और एआई उपयोगी साधन हैं, परंतु सोचने, समझने और निर्णय लेने की क्षमता ही मनुष्य की सबसे बड़ी ताकत है। उन्होंने विद्यार्थियों से मोबाइल का उपयोग केवल पढ़ाई और जरूरी कार्यों तक सीमित रखने की सलाह दी।
उन्होंने कहा कि छात्र जीवन की मित्रता सबसे अमूल्य होती है और इसे जीवनभर संजोकर रखना चाहिए। साथ ही विद्यार्थियों से किसी भी प्रकार की लत से दूर रहने की अपील करते हुए कहा कि डिजिटल एडिक्शन भी अन्य नशों की तरह नुकसानदायक है।
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राज्यपाल ने अभिभावकों से बच्चों की रुचि और प्रतिभा को पहचानकर उसी दिशा में आगे बढ़ाने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि हर छात्र का लक्ष्य केवल आईआईटी या मेडिकल नहीं होना चाहिए। राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के तहत विभिन्न क्षेत्रों में नए अवसर उपलब्ध हैं और हर विद्यार्थी अपनी क्षमता के अनुसार सफलता हासिल कर सकता है।
उन्होंने कहा कि किसी व्यक्ति की पृष्ठभूमि नहीं, बल्कि उसकी मेहनत, लगन और संकल्प उसके भविष्य का निर्धारण करते हैं। उन्होंने अभिभावकों से बच्चों की तुलना दूसरों से नहीं करने और उन्हें अपनी पसंद के क्षेत्र में आगे बढ़ने का अवसर देने की बात कही।
कार्यक्रम में विधायक एवं पूर्व विधानसभा अध्यक्ष धरमलाल कौशिक ने शिक्षा को सफलता का सबसे मजबूत माध्यम बताते हुए विद्यार्थियों से स्पष्ट लक्ष्य तय करने का आग्रह किया। विधायक पुरंदर मिश्रा ने भी अनुशासन, निरंतर सीखने और कठिन परिश्रम को सफलता की कुंजी बताया।
कार्यक्रम की शुरुआत पीएसवाय एजुकेशन एंड रिसर्च फेडरेशन के निदेशक डॉ. एस.के. मिश्रा ने स्वागत उद्बोधन के साथ की। समारोह में सीबीएसई के क्षेत्रीय निदेशक जगदीश बर्मन, विभिन्न संभागों के जिला शिक्षा अधिकारी, प्राचार्य, शिक्षक, विद्यार्थी और उनके अभिभावक भी मौजूद रहे।
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राज्यपाल ने कहा कि आज इंटरनेट और कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) का दौर है, लेकिन मानव बुद्धि का कोई विकल्प नहीं हो सकता। गूगल और एआई उपयोगी साधन हैं, परंतु सोचने, समझने और निर्णय लेने की क्षमता ही मनुष्य की सबसे बड़ी ताकत है। उन्होंने विद्यार्थियों से मोबाइल का उपयोग केवल पढ़ाई और जरूरी कार्यों तक सीमित रखने की सलाह दी।
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उन्होंने कहा कि छात्र जीवन की मित्रता सबसे अमूल्य होती है और इसे जीवनभर संजोकर रखना चाहिए। साथ ही विद्यार्थियों से किसी भी प्रकार की लत से दूर रहने की अपील करते हुए कहा कि डिजिटल एडिक्शन भी अन्य नशों की तरह नुकसानदायक है।
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राज्यपाल ने अभिभावकों से बच्चों की रुचि और प्रतिभा को पहचानकर उसी दिशा में आगे बढ़ाने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि हर छात्र का लक्ष्य केवल आईआईटी या मेडिकल नहीं होना चाहिए। राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के तहत विभिन्न क्षेत्रों में नए अवसर उपलब्ध हैं और हर विद्यार्थी अपनी क्षमता के अनुसार सफलता हासिल कर सकता है।
उन्होंने कहा कि किसी व्यक्ति की पृष्ठभूमि नहीं, बल्कि उसकी मेहनत, लगन और संकल्प उसके भविष्य का निर्धारण करते हैं। उन्होंने अभिभावकों से बच्चों की तुलना दूसरों से नहीं करने और उन्हें अपनी पसंद के क्षेत्र में आगे बढ़ने का अवसर देने की बात कही।
कार्यक्रम में विधायक एवं पूर्व विधानसभा अध्यक्ष धरमलाल कौशिक ने शिक्षा को सफलता का सबसे मजबूत माध्यम बताते हुए विद्यार्थियों से स्पष्ट लक्ष्य तय करने का आग्रह किया। विधायक पुरंदर मिश्रा ने भी अनुशासन, निरंतर सीखने और कठिन परिश्रम को सफलता की कुंजी बताया।
कार्यक्रम की शुरुआत पीएसवाय एजुकेशन एंड रिसर्च फेडरेशन के निदेशक डॉ. एस.के. मिश्रा ने स्वागत उद्बोधन के साथ की। समारोह में सीबीएसई के क्षेत्रीय निदेशक जगदीश बर्मन, विभिन्न संभागों के जिला शिक्षा अधिकारी, प्राचार्य, शिक्षक, विद्यार्थी और उनके अभिभावक भी मौजूद रहे।