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CG: नए साल पर घर लौटने का मां से किया था वादा, नक्सली हमले में जवान हुआ बलिदान; छोटे भाई ने दी मुखाग्नि

Thu, 14 Dec 2023 04:09 PM IST
श्याम जी. अमर उजाला नेटवर्क, सक्ती
अमर उजाला नेटवर्क, सक्ती Published by: श्याम जी. Updated Thu, 14 Dec 2023 04:09 PM IST
सार

आमदई खदान के पास सीएएफ के जवान सर्चिंग के लिए निकले थे। कमलेश साहू और एक और जवान बालोद निवासी विनय कुमार सर्चिंग के दौरान फंड में थे। इस दौरान आईईडी ब्लास्ट हो गई, जिससे वह चपेट में आ गए। 

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last rites of martyred soldier performed in his native village in sakti
पैतृक गांव में किया गया जवान का अंतिम संस्कार - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

मन में देश और राज्य की सेवा करने का संकल्प लेकर छत्तीसगढ़ सशस्त्र बल ज्वाइन करने वाले हसौद के लाल कमलेश साहू दशहरा और दिवाली मनाने गांव आया था। गांव से लौटते वक्त उसने घर पर बताया था कि इस साल की छुट्टी खत्म हो गई है और अगले साल वह फिर आएगा। घर में उसकी पत्नी बुजुर्ग पिता-माता और भाई को भी उसके वापस आने का इंतजार  था, लेकिन बुधवार की दोपहर एक दुखद खबर ने पूरे परिवार को झकझोर कर रख दिया। नारायणपुर में हुए आईईडी ब्लास्ट में सर्चिंग के लिए निकले कमलेश साहू बलिदान हो गए। 

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हसौद निवासी मुंगेश्वर साहू और उनकी पत्नी ताराबाई के दो बेटे थे। कमलेश सबसे बड़ा और यशवंत छोटा है, उनकी एक बेटी भी है। छोटे भाई यशवंत ने बताया कि कमलेश 2010 से सेवा में था। सीएएफ में जाने के लिए तैयारी कर रहे थे। 2018 में उन्होंने सीएएफ की ज्वाइनिंग ली थी। कमलेश साहू सीएएफ नवमी बटालियन के जवान में थे। उनकी पोस्टिंग नारायणपुर में थी। बुधवार को आमदई खदान के पास कैफ के जवान सर्चिंग के लिए निकले थे। कमलेश साहू और एक और जवान बालोद निवासी विनय कुमार सर्चिंग के दौरान फंड में थे। इस दौरान आईईडी ब्लास्ट हो गई, जिससे वह चपेट में आ गए। इस घटना में कमलेश साहू बलिदान हो गए और विनय कुमार भी घायल हो गया।
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20 महीने पहले ही हुई थी शादी
कमलेश साहू की शादी 20 महीने पहले ही हुई थी। उसकी शादी मुड़पार गांव के बिंदा साहू के साथ 28 अप्रैल 2022 को धूमधाम से हुई थी। उनके कोई संतान नहीं है। दिवाली के समय अपनी पत्नी से फिर से आने का वादा करके कमलेश गया था, लेकिन आईईडी ब्लास्ट में कमलेश बलिदान हो गए। 
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कलेक्टर और एसएसपी पहुंचे बलिदान जवान के घर
आईईडी ब्लास्ट में जवान के बलिदान होने की सूचना मिलने पर कलेक्टर नूपुर राशि पन्ना और एसपी मरी सहित जवान कमलेश साहू के घर पहुंचे। कलेक्टर ने उनकी पत्नी बिंदा को गले लगाकर ढाढ़स बंधाया। उन्होंने उनके पिता और मन से भी मुलाकात की।


स्पेशल एंबुलेंस से जवान कमलेश साहू को लाया गया गृह ग्राम हसौद
जवान कमलेश साहू को स्पेशल एंबुलेंस से नारायणपुर से उनके गृह ग्राम हसौद लाया गया। घर पर अंतिम दर्शन कराने के बाद पूरे गांव का भ्रमण किया।

डिप्टी सीएम विजय शर्मा ने जवान को श्रद्धांजलि अर्पित की
उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने बलिदान जवान के पिता से गले लगकर सांत्वना व्यक्त की। बलिदान जवान कमलेश साहू के शहादत की खबर से हसौद क्षेत्र सहित पूरे सक्ती जिले में शोक की लहर व्याप्त है। उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा बलिदान कमलेश साहू के घर पहुंचे और उनके पिता मुंगेश्वर साहू, माता तारा देवी साहू, पत्नी वृंदाबाई साहू समेत बलिदान जवान की बड़ी बहन कमलेश्वरी साहू और छोटे भाई यशवंत साहू सहित अन्य परिजनों से मुलाकात कर ढाढ़स बंधाया। साथ ही ईश्वर से दुख की इस घड़ी में जवान के परिजनों को इस दर्द को सहने के लिए प्रार्थना की। उन्होंने कहा कि बलिदान कमलेश साहू आदम्य साहस का परिचय देते हुवे वीरगति को प्राप्त हुवे है, उनकी शहादत को नमन है। छोटे भाई यशवंत साहू ने दी अपने बड़े भाई कमलेश साहू को मुखाग्नि दी।

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