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पूर्व मंत्री अग्रवाल बोले: SECL में नीलकंठ कम्पनी ने पाल रखे हैं किराए के गुंडे, आदिवासी क्षेत्र में अत्याचार
Mon, 15 Sep 2025 01:36 PM IST
Digvijay Singh
अमर उजाला नेटवर्क, कोरबा
अमर उजाला नेटवर्क, कोरबा
Published by: Digvijay Singh
Updated Mon, 15 Sep 2025 01:36 PM IST
सार
एसईसीएल कुसमुंडा खदान में जीएम कार्यालय के बाहर आंदोलन पर बैठी महिलाओं को हटाने लेडी बाउंसरों का दादागिरी करते वीडियो आया सामने वीडियो सोशल मीडिया में वायरल हो रहा है
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पूर्व मंत्री अग्रवाल
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
एसईसीएल कुसमुंडा खदान में जीएम कार्यालय के बाहर आंदोलन पर बैठी महिलाओं को हटाने लेडी बाउंसरों का दादागिरी करते वीडियो आया सामने वीडियो सोशल मीडिया में वायरल हो रहा है एसईसीएल में नीलकंठ नामक निजी कंपनी के बाउंसरों की हरकत सामने आई है। जहां आंदोलन पर बैठी महिलाओं के साथ अभद्र व्यवहार और गुंडागर्दी करते नजर आए। अपनी मांगों को लेकर एसईसीएल प्रभावित भूस्थापित परिवार मुआवजा,नौकरी बसाहट समेत अन्य मांगों को लेकर कर रहे अनिश्चितकालीन धरना प्रदर्शन पर रहे थे जहा आश्वासन के बाद समाप्त हो गया है लेकिन लेडी बाउंसरों का वीडियो सोशल मीडिया में जमकर वायरल हो रहा है जिसकी प्रतिक्रिया अब सामने आने लगी है।
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वीडियो वायरल होने के बाद कांग्रेस के पूर्व मंत्री जयसिंह अग्रवाल का बयान आया सामने कहा अमानव कृत्य है जिस तरह से आदिवासी महिलाओं के साथ अत्याचार किया जा रहा है यह गलत बात है जबकि कोरबा आदिवासी बाहुल्य क्षेत्र है उसके बावजूद भी उनके साथ अत्याचार हो रहा है सीधी शब्दों में कहे तो हम और आप बाउंसर कहते हैं लेकिन वह किराए के गुंडे जो निजी कंपनी गुंडो को पाल रहे हैं और जिला शासन प्रशासन मुक्त दर्शक बनकर देख रही है। एसईसीएल कुसमुंडा कोयला खदान क्षेत्र के प्रभावित महिला भूविस्थापितों के मामला को गंभीरता से देखते हुए कटघोरा एसडीएम ने अपने ऑफिस दफ्तर में बुलाकर गोमती केवट के मामले को लेकर एसडीएम ने 72 घंटे के अंदर उस व्यक्ति का नौकरी को खत्म कर गोमती को नौकरी देने की सहमति बनी । बाकी शेष महिला भूविस्थापित परिवारों के संबंध में एसडीएम का कहना है जांच पड़ताल कर एक हफ्ता के भीतर में समस्या का समाधान करने का आश्वासन व आश्वास्त दिया गया हैं ।
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तीन दिवसीय आंदोलन की चेतावनी के तहत एसईसीएल कुसमुंडा में मुख्यमहाप्रबंधक कार्यालय के मुख्य गेट पर तालाबंद कर गेट के सामने खाट लगाकर हड़िया-बर्तन रखकर रोजगार की मांग को लेकर धरना प्रदर्शन शुरू परिवार बैठी हुई थी। महिलाओं व पुरुषों ने अपनी मांगों को बुलंद करते हुए एक बार फिर मोर्चा खोलकर कुसमुण्डा प्रबंधन के अधिकारियों को सकते में ला दिया प्रदर्शन के दौरान एसईसीएल के अधिकारियों के साथ भूविस्थापितों की नोंक-झोंक भी होती रही ।
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