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Korba: आधी रात को गांव में हाथी ने मचाया तांडव, सब्जी की फसल को किया चौपट, डर में रात गुजारने को मजबूर ग्रामीण
Fri, 02 Aug 2024 06:24 PM IST
Digvijay Singh
अमर उजाला नेटवर्क, कोरबा
अमर उजाला नेटवर्क, कोरबा
Published by: Digvijay Singh
Updated Fri, 02 Aug 2024 06:24 PM IST
सार
कोरबा में वन मंडल कोरबा के छातापाठ में एक दंतैल हाथी की हरकत से एक परिवार के प्राण संकट में पड़ गए।। असुरक्षा की भावना के बीच उन्होंने पूरी रात यूं ही गुजारी।
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हाथी ने मचाया उत्पात
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
कोरबा में वन मंडल कोरबा के छातापाठ में एक दंतैल हाथी की हरकत से एक परिवार के प्राण संकट में पड़ गए।। असुरक्षा की भावना के बीच उन्होंने पूरी रात यूं ही गुजारी। दूसरी और हाथी ने उत्पाद मचाते हुए ग्रामीण के द्वारा बड़ी में लगाई गई बहुत सारी सब्जी भाजी की फसल को चौपट कर दिया। हाथियों की गतिविधियों पर अंकुश नहीं लगने से ग्रामीण लोग परेशान है।
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जानकारी मिली है कि करतला फॉरेस्ट रेंज में दंतैल हाथी लगभग 7-8 दिन से विचरण कर रहा है। वह किसी की बाड़ी, किसी के अनाज तो किसी की झोपडी को नुकसान पहुँचा रहा है। गुरुवार की रात दंतैल छातापाठ में पहुच गया। उसने खूब उत्पात किया। किसान दया राम पटेल ने बताया की रात को 2 बजे के आस पास हाथी विचरण करते हुए उनकी बाड़ी मे आया। बाड़ी मे केले,गन्ने करेला, बरबत्ती, भिंडी, लालभाजी को उसने खाया और तहस नहस कर दिया।
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किसान ने बताया कि हाथी पिछले एक सप्ताह से इस क्षेत्र में विचरण कर रहा है जिसके कारण किसान परेशान है इसे लेकर इसे लेकर जन दर्शन में भी शिकायत किया गया है लेकिन वन विभाग के द्वारा हाथी नहीं होने की बात कही गई। आसपास के कई गांव के लोग इस हाथी से परेशान है।
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दयाराम ने यह भी बताया कि गांव में कई बार लाइट नहीं रहती जिसके चलते ग्रामीणों को परेशानियों का सामना करना पड़ता है अचानक अगर हाथी से सामना हो जाए तो उसका क्या होगा यह वही जानता है इसकी शिकायत विद्युत विभाग से भी की गई है।
हर बार की तरह इस बार भी सूचना मिलने पर फॉरेस्ट की टीम प्रभावित गांवों में पहुंची और मौके का जायजा लेने के साथ इसकी फोटोग्राफी कराई। नुकसान का आकलन करने के साथ प्रभावित पक्ष को सरकार के नियम के अंतर्गत मुआवजा का भुगतान किया जाएगा इन सब के बावजूद असली सवाल कायम है कि कोरबा जिले में हाथी उत्पाद की समस्या कब दूर होगी और मुआवजा बांटने का सिलसिला कब बंद होगा।