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कोरबा: सड़क हादसा पीड़ितों के लिए कैशलेस उपचार योजना की समीक्षा, परिवहन विभाग की टीम ने लिया जायजा
Sun, 28 Sep 2025 08:07 PM IST
Digvijay Singh
अमर उजाला नेटवर्क, कोरबा
अमर उजाला नेटवर्क, कोरबा
Published by: Digvijay Singh
Updated Sun, 28 Sep 2025 08:07 PM IST
सार
कोरबा को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दूसरे कार्यकाल में सरकारी मेडिकल कॉलेज की सौगात मिली थी। वर्तमान में यह पुराने हंड्रेड बेड्स अस्पताल की इमारत में अस्थायी रूप से संचालित हो रहा है।
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परिवहन विभाग की टीम ने लिया जायजा
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
कोरबा को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दूसरे कार्यकाल में सरकारी मेडिकल कॉलेज की सौगात मिली थी। वर्तमान में यह पुराने हंड्रेड बेड्स अस्पताल की इमारत में अस्थायी रूप से संचालित हो रहा है, जबकि नकटीखार में नई इमारत का निर्माण तेजी से चल रहा है। इस मेडिकल कॉलेज में चिकित्सा शिक्षा भी शुरू हो चुकी है। आने वाले वर्षों में कोरबा स्वास्थ्य और आपातकालीन सेवाओं के क्षेत्र में एक मजबूत केंद्र बनने की ओर अग्रसर है।
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यह निरीक्षण सड़क सुरक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं को एकीकृत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। परिवहन विभाग ने स्पष्ट किया कि अन्य जिलों में भी इसी तरह की समीक्षा जारी रहेगी, ताकि पीड़ितों को समय पर और प्रभावी सहायता मिल सके। कोरबा जिले में सड़क दुर्घटना पीड़ितों को त्वरित चिकित्सा सुविधा प्रदान करने के लिए केंद्र सरकार की ‘कैशलेस उपचार योजना 2025’ के तहत व्यवस्थाओं का जायजा लेने का सिलसिला जारी है। इसी क्रम में मंगलवार को परिवहन विभाग की एक टीम ने कोरबा मेडिकल कॉलेज अस्पताल का दौरा किया। परिवहन निरीक्षक के नेतृत्व में पहुंची इस टीम ने सड़क हादसों में घायल लोगों के लिए उपलब्ध सुविधाओं, उपचार प्रक्रियाओं और कमियों की जांच की। यह कदम राज्य सरकार के निर्देशों का हिस्सा है, जिसमें परिवहन विभाग को सड़क सुरक्षा के साथ-साथ स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने का आदेश दिया गया है।
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टीम ने अस्पताल में ‘गोल्डन आवर’ के दौरान तत्काल उपचार, कैशलेस इलाज और ट्रॉमा केयर जैसी सुविधाओं की उपलब्धता की समीक्षा की। केंद्र सरकार की इस योजना के तहत सड़क दुर्घटना में घायल व्यक्ति को दुर्घटना के सात दिनों तक अधिकतम 1.5 लाख रुपये तक का मुफ्त इलाज नामित अस्पतालों में उपलब्ध कराया जाएगा। निरीक्षण के दौरान पाया गया कि कोरबा मेडिकल कॉलेज अस्पताल अधिकांश मानकों पर खरा उतर रहा है, लेकिन कुछ बिंदुओं पर सुधार की आवश्यकता है। अस्पताल प्रशासन ने इन कमियों को जल्द दूर करने का भरोसा दिलाया है।
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अस्पताल के अधीक्षक डॉ. गोपाल कंवर ने कहा, “हमने कैशलेस उपचार योजना के सभी मानकों पर पहले से ही काम शुरू कर दिया है। परिवहन विभाग द्वारा बताए गए कुछ बिंदुओं पर तत्काल कार्रवाई की जाएगी।” उन्होंने बताया कि पूर्व में प्राप्त शिकायतों का भी समाधान कर लिया गया है। डॉ. कंवर ने जोर देकर कहा कि यह योजना सड़क हादसों में होने वाली मौतों को कम करने में अहम भूमिका निभाएगी, खासकर उन मामलों में जहां समय पर उपचार से जान बचाई जा सकती है।