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बम धमाके से बच्चे की मौत: खेल-खेल में मुंह से खोलने की कर रहा था कोशिश; जंगली सुअर का शिकार करने रखा गया था
Sun, 19 Feb 2023 07:23 PM IST
मोहनीश श्रीवास्तव
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोरबा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोरबा
Published by: मोहनीश श्रीवास्तव
Updated Sun, 19 Feb 2023 07:23 PM IST
सार
कुछ दिनों पहले पसान वन क्षेत्र में जंगल के पति पत्नी भी बम ब्लास्ट होने से हादसे का शिकार हो गए थे जहां पत्नी गंभीर रूप से घायल हो गई थी। बालको रेंजर जैनत सरकार ने बताया कि सूचना पर वन विभाग टीम मौके पर पहुंची। ग्रामीणों के बताए अनुसार जंगली जानवर शिकार करने के लिए बम लगाया गया था। मामले की जांच कर रहे हैं।
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कोरबा में बम ब्लास्ट से बच्चे की मौत हो गई।
- फोटो : संवाद
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विस्तार
छत्तीसगढ़ के कोरबा में रविवार को बम ब्लास्ट से सात साल के आदिवासी बच्चे की मौत हो गई। बच्चा जंगल में महुआ बीनने के लिए गया था। इसी दौरान वहां पड़े बम को उठाकर मुंह से खोलने लगा। तभी धमाका हुआ और उससे बच्चे के सिर के परखच्चे उड़ गए। बताया जा रहा है कि जंगली सुअर के शिकार के लिए कुछ लोगों ने वहां बम लगाए थे। सूचना मिलने पर पुलिस ने मर्ग कायम किया है। फिलहाल बच्चे के शव का पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। मामला अजगरबहार ग्राम पंचायत का है।
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जानकारी के मुताबिक, डोंगाभाटा गांव निवासी आदिवासी कोरवा सात साल का बच्चा बिहानुराम अपने बड़े भाई रामप्रसाद के साथ रविवार सुबह महुआ बीनने के लिए पास के जंगल गया था। लौटने के दौरान एक जगह अजीब सी चीज दिखाई देने पर बिहानुराम ने उसे उठा लिया। इसके बाद हाथ से खोलने का प्रयास करने लगा। जब काफी कोशिश के बाद भी हाथ से नहीं खुला तो मुंह से खोल रहा था। तभी ब्लास्ट हो गया और बच्चे की मौके पर ही मौत हो गई। इसके बाद बड़ा भाई घर पहुंचा और जानकरी दी।
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आसपास के लोगों ने स्वास्थ्य विभाग को जानकारी दी और बच्चे के शव को एंबुलेंस से जिला अस्पताल लाया गया। बच्चे के नाना बिरन ने बताया कि घर जंगल से लगा हुआ है। जब ब्लास्ट हुआ तो आवाज उस तक जरूर पहुंची, लेकिन लगा की किसी के यहां छठी कार्यक्रम में पटाखा फोड़ा गया होगा। जब बड़ा नाती घर पहुंचा तो जानकारी हुई। उन्होंने कहा कि, जंगली सुअर का शिकार करने वालों के चक्कर में यह घटना हुई है। दोपहिया और चार पहिया वाहन से यहां पहुंचने वाले आसपास में बम रख देते हैं।
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