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'जब पत्रकार मुकेश ने नक्सलियों के चंगुल से जवान को छुड़ाया था': वो पल को याद कर भावुक हुए पूर्व सीएम भूपेश

Sat, 04 Jan 2025 05:16 PM IST
ललित कुमार सिंह अमर उजाला ब्यूरो, रायपुर
अमर उजाला ब्यूरो, रायपुर Published by: ललित कुमार सिंह Updated Sat, 04 Jan 2025 05:16 PM IST
सार

Bhupesh baghel on journalist Mukesh  chandrakar: छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले के युवा पत्रकार मुकेश चंद्राकर हत्या मामले में प्रदेश की सियासत गरमाई हुई है।

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journalist Mukesh rescued a soldier from Naxalites Kidnapping, Bhupesh baghel emotional remembering
प्रदेश के पूर्व सीएम भूपेश बघेल - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी

विस्तार

Bhupesh baghel on journalist Mukesh  chandrakar: छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले के युवा पत्रकार मुकेश चंद्राकर हत्या मामले में प्रदेश की सियासत गरमाई हुई है। कांग्रेस और बीजेपी एक दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप लगा रहे हैं। इस मामले में प्रदेश के पूर्व सीएम भूपेश बघेल ने पत्रकार मुकेश चंद्राकर के साथ बिताये गये वो पल को याद करते हुए कहा कि वो बहुत ही निर्भिक और साहसी पत्रकार था। बस्तर संभाग के अंदरुनी जगहों में जाकर खबरें निकालकर लाथा था।  उसे मैं व्यक्तिगत रूप से जानता हूं। जब कोबरा बटालियन के जवान का नक्सलियों ने अपहरण किया था तब उसने मध्यस्थता करने में महत्वपूर्ण योगदान निभाई थी। वह जाकर उसे छुड़वाकर लाया था। 

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उन्होंने कहा कि ऐसे देशभक्त पत्रकार जो समाज की सेवा भी कर रहे हैं। प्राणों की बाजी लगाकर जनसेवा की। जो भी भ्रष्टाचार को उजागर करेगा वह सुरक्षित नहीं है। कांग्रेस नेताओं के साथ आरोपी ठेकेदार सुरेश चंद्राकर की फोटो खिंचवाने की बात पर कहा कि इस मामले में भाजपा राजनीति कर रही है। मुकेश चंद्राकर के साथ मेरे भी फोटो हैं तो क्या वह कांग्रेसी हो गया? 
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पूर्व सीएम ने कहा कि डिप्टी सीएम अरुण साव बहुत ही ताकतवर उपमुख्यमंत्री हैं। उनके विभाग में कोई सवाल करेगा तो सीधे ईडी नोटिस भेजेगी या या फिर मुकेश चंद्राकर जैसे हाल होगा। सड़क निर्माण में भष्टाचार को लेकर कहा कि 
विधानसभा में यह मामला कवासी लखमा ने उठाया था । पुल-पुलिया बिना टेंडर के, बिना स्वीकृति के निर्माण कर दिए गये। इसके बाद उन्हें नोटिस मिल गया और वह ईडी कार्यालय गए थे। पांच दिन पहले मुकेश चंद्राकर ने खबर छापी और उसकी हत्या हो गई और उसे सेप्टिक टैंक में डाल दिया गया। इस प्रदेश में कोई भी सुरक्षित नहीं है।

भूपेश ने ट्वीट कर लिखा कि 'मैंने सोचा था कि स्व. मुकेश चंद्राकर जी के मामले में न्याय मिलने तक इस पर राजनीतिक बयानबाजी नहीं होनी चाहिए, लेकिन भाजपा नेताओं के हद से अधिक गिर जाने पर मुझे कहना पड़ेगा कि…प्रदेश के उपमुख्यमंत्री अरुण साव, जिनके पास ही PWD विभाग भी है, इतने ताकतवर हो गए हैं कि:

1. उनके PWD विभाग में हुए बड़े सड़क घोटाले को जब पत्रकार मुकेश चंद्राकर ने उजागर किया तो उन्हें मौत के घाट उतार दिया गया

2. इसी PWD विभाग में जब आचार संहिता के दौरान पुल निर्माण का मामला विधानसभा में वरिष्ठ कांग्रेस विधायक कवासी लखमा द्वारा उठाया गया तो दस दिन बाद उनके घर ED भेज दी गई'

 

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