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Jagdalpur: खेल के दौरान हादसा, एक छात्रा के भाई ने पिंकू की आंख में डाला स्प्रिंग, डॉक्टरों ने दी नई जिंदगी

Sat, 21 Sep 2024 02:34 PM IST
निकिता गुप्ता अमर उजाला नेटवर्क, जगदलपुर
अमर उजाला नेटवर्क, जगदलपुर Published by: निकिता गुप्ता Updated Sat, 21 Sep 2024 02:34 PM IST
सार

जगदलपुर में 12 साल के स्कूली छात्र की आँख में स्प्रिंग घुसने के बाद मेकाज के डॉक्टरों ने सफल आपरेशन कर उसकी आँख बचाई।

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Spring in school student's eye, Mekaj Hospital, Pinku's successful operation, Jagdalpur News, Accident in Jagd
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

मेडिकल कॉलेज डिमरापाल के चिकित्सकों ने 12 वर्षीय पिंकू को एक गंभीर दुर्घटना से बचाते हुए सफल ऑपरेशन किया है। यह मामला तब सामने आया जब स्कूल के खेल के दौरान एक छात्रा के भाई ने गलती से पिंकू की आंख में स्प्रिंग घुसा दिया, जिससे वह लहूलुहान हो गया।

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जानकारी के अनुसार, डोंगरीगुड़ा निवासी स्व. नीलकंठ का बेटा पिंकू गांव के एक स्कूल में सातवीं कक्षा का छात्र है। घटना 19 सितंबर को हुई जब पिंकू छुट्टी के दौरान स्कूल के ग्राउंड में छात्रा के साथ खेल रहा था। इसी दौरान, छात्रा के भाई ने उसकी पिटाई करने की बात समझते हुए पिंकू की आंख में स्प्रिंग मार दिया।
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परिजन और स्कूल के शिक्षक तुरंत पिंकू को पास के स्वास्थ्य केंद्र ले गए, लेकिन उसकी गंभीर स्थिति को देखते हुए उसे कोटपाड़ के अस्पताल भेजा गया। वहां से बेहतर उपचार के लिए उसे मेकाज रेफर किया गया। मेकाज पहुंचने तक पिंकू की आंख में स्प्रिंग धंस चुका था। मेकाज में नेत्र रोग विशेषज्ञों की टीम ने पिंकू का तत्काल इलाज शुरू किया। डॉक्टर भाषिता, डॉक्टर विशाल, डॉक्टर अंजना, डॉक्टर श्रुति और डॉक्टर विनीत ने मिलकर ऑपरेशन किया, जिसमें कुछ घंटों की मेहनत के बाद स्प्रिंग को सुरक्षित निकाल लिया गया और आँख को सही किया गया।
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डॉक्टर छाया सोरी ने कहा कि 9 से 14 वर्ष के बच्चों में ऐसी घटनाएं सामान्य हैं, जब खेल के दौरान नुकीले चीज  आंख में लग जाते हैं। उन्होंने सलाह दी कि बच्चों को अपनी आंखों की सुरक्षा के लिए अधिक सतर्क रहना चाहिए। दो दिन की देखभाल के बाद, पिंकू को शनिवार को अस्पताल से डिस्चार्ज कर दिया गया। अब वह स्वस्थ है और अपने परिवार के पास लौट आया है। यह घटना एक बार फिर से बच्चों की सुरक्षा के महत्व को रेखांकित करती है।

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