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बस्तर संभाग में बारिश का 'तांडव': जगदलपुर में तीन मंजिला मकान धंसा; जान बचाकर भागे लोग, पहुंची रेस्क्यू टीम

Thu, 28 Aug 2025 01:54 PM IST
ललित कुमार सिंह अमर उजाला ब्यूरो, रायपुर/जगदलपुर
अमर उजाला ब्यूरो, रायपुर/जगदलपुर Published by: ललित कुमार सिंह Updated Thu, 28 Aug 2025 01:54 PM IST
सार

Havy Rain in Bastar division: छत्तीसगढ़ के बस्तर संभाग में बाढ़ का 'तांडव' जारी है। लगातार बारिश होने से जनजीवन अस्त व्यस्त हो गया है।

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Havy Rain in Bastar division: A three-storey house collapsed in Jagjalpur, people, chhattisgarh weather
जगदलपुर में तीन मंजिला मकान धंसा - फोटो : अमर उजाला डिजिटल

विस्तार

Havy Rain in Bastar division: छत्तीसगढ़ के बस्तर संभाग में बाढ़ का 'तांडव' जारी है। लगातार बारिश होने से जनजीवन अस्त व्यस्त हो गया है। बस्तर संभाग के कई जिलों में बारिश का जलजला देखने को मिल रहा है। लगातार चार दिनों से बारिश कहर बरपा रही है। लोगों का जीना मुहाल हो गया है। बुधवार की रात को जगदलपुर के श्यामाप्रसाद मुखर्जी वार्ड में बनी एक पुराने मकान का प्रथम दल अचानक से धंस गया। एसडीआरएफ टीम के साथ ही मेयर और निगम दस्ता भी बचाव कार्य में लगा है। पीड़ितों को बाहर निकालकर राहत शिविरों में भेजा जा रहा है। 
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सूचना पर एसडीआरएफ टीम के साथ ही महापौर और निगम दस्ता मौके पर पहुँचा, जहाँ पीड़ित परिवार को बाहर निकाला गया। बस्तर में लगातार हो रही बारिश के थमने के बाद लोगों ने राहत की सांस ली है। सड़कों में भरे बारिश का पानी धीरे धीरे सड़क से नीचे उतर रहा है। वहीं पुल-पुलिया के क्षतिग्रस्त होने के बाद उसका सर्वेक्षण कार्य भी शुरू हो गया है। 
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बरसात के चलते जिन-जिन लोगों के घर ढहे हैं, उनका भी सर्वे करने के साथ ही मुआवजा राशि देने के लिए कहा जा रहा है। बीती रात को श्यामाप्रसाद मुखर्जी वार्ड में एक पुराने घर का पहला मंजिल धंस गया, जिसकी जानकारी लगते ही परिजन बाहर निकाले। 
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दूसरी ओर सुकमा के  यहां के 611 से ज्यादा राहत शिविरों में लोग को सुरक्षित रखा गया है। यहां पर हर तरह की मूलभूत सुविधाओं का ख्याल रखा जा रहा है। जिला प्रशासन ने भोजन और ठहरने की पुख़्ता व्यवस्था की है। लगातार बारिश होने से नदी और नालों का जलस्तर बढ़ा हुआ है। कलेक्टर देवेश कुमार ध्रुव ने लोगों से अपील की है कि स्थिति सामान्य होने तक वो अनावश्यक यात्रा से बचें। वहीं एनडीआरएफ की टीम ने बाढ़ और बरसात में फंसे 611 से ज्यादा लोगों की जान बचाई है। 



जापान से ही सीएम साय ने ली बस्तर बाढ़ की जानकारी
सीएम विष्णुदेव साय ने छत्तीसगढ़ के बाढ़ प्रभावित जिलों बीजापुर, सुकमा, दंतेवाड़ा और बस्तर में राहत और बचाव कार्यों की जानकारी लेते हुए अधिकारियों को त्वरित कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट कहा कि जनता की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और किसी भी प्रभावित परिवार को असुविधा न हो, इसके लिए प्रशासन पूरी सक्रियता से कार्य करे । छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने अपने जापान प्रवास के दौरान बस्तर संभाग में आई बाढ़ की स्थिति की समीक्षा की। उन्होंने राजस्व सचिव रीना बाबासाहेब कंगाले और बस्तर संभाग आयुक्त डोमन सिंह से दूरभाष पर चर्चा कर राहत एवं बचाव कार्यों की जानकारी ली और जरूरी निर्देश दिए।




जापान से ही सीएम साय ने ली बस्तर बाढ़ की जानकारी
सीएम विष्णुदेव साय ने छत्तीसगढ़ के बाढ़ प्रभावित जिलों बीजापुर, सुकमा, दंतेवाड़ा और बस्तर में राहत और बचाव कार्यों की जानकारी लेते हुए अधिकारियों को त्वरित कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट कहा कि जनता की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और किसी भी प्रभावित परिवार को असुविधा न हो, इसके लिए प्रशासन पूरी सक्रियता से कार्य करे । छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने अपने जापान प्रवास के दौरान बस्तर संभाग में आई बाढ़ की स्थिति की समीक्षा की। उन्होंने राजस्व सचिव रीना बाबासाहेब कंगाले और बस्तर संभाग आयुक्त डोमन सिंह से दूरभाष पर चर्चा कर राहत एवं बचाव कार्यों की जानकारी ली और जरूरी निर्देश दिए।






अधिकारियों ने बताया कि दंतेवाड़ा, बीजापुर और बस्तर जिले में बाढ़ की स्थिति बनी हुई है। बस्तर जिले के लोहंडीगुड़ा, दरभा और तोकापाल विकासखंडों में प्रशासन लगातार राहत कार्य चला रहा है। लोहंडीगुड़ा विकासखंड के ग्राम मांदर से 21 ग्रामीणों को सुरक्षित निकाला गया है। हेलीकॉप्टर और नाव की मदद से भी ग्रामीणों को रेस्क्यू कर सुरक्षित स्थानों पर पहुँचाया गया। पिछले 24 घंटों में 68 से अधिक लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला गया है।





मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि एसडीआरएफ को हाई अलर्ट पर रखा जाए और राहत कार्यों में किसी भी प्रकार की ढिलाई न बरती जाए। उन्होंने संभाग के सभी कलेक्टरों को निचले इलाकों में मुनादी कराकर लोगों को सतर्क करने और सुरक्षित स्थानों पर जल्द पहुँचाने के निर्देश भी दिए।





राहत कार्यों में जुटे प्रशासनिक अमले, एसडीआरएफ और पुलिस बल के प्रयासों की सराहना करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि जनता की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। सरकार हर प्रभावित तक सहायता पहुँचाने और किसी को भी संकट में अकेला न छोड़ने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।





छत्तीसगढ़ के चार जिलों में जनजीवन प्रभावित
लगातार बारिश से छत्तीसगढ़ के चार जिलों में जनजीवन प्रभावित हुआ है। आपदा प्रबंधन विभाग के मुताबिक, 26 और 27 अगस्त को सबसे अधिक वर्षा दंतेवाड़ा जिले में दर्ज की गई, जहां क्रमशः 93.7 मिमी और 118.4 मिमी बारिश हुई। सुकमा में 35 से 109.3 मिमी, बीजापुर में 34.9 से 50.2 मिमी तथा बस्तर में 67.3 से 121.3 मिमी वर्षा रिकार्ड की गई जिससे 25 गांव बाढ़ से प्रभावित हुए हैं।
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