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Bijapur Naxalite Attack: पिता को नहीं था मालूम कि बेटा पुलिस लाइन में चला रहा था वाहन, शाम को मिली मौत की खबर

Mon, 06 Jan 2025 09:30 PM IST
आकाश दुबे अमर उजाला नेटवर्क, जगदलपुर
अमर उजाला नेटवर्क, जगदलपुर Published by: आकाश दुबे Updated Mon, 06 Jan 2025 09:30 PM IST
सार

तुलेश्वर अपने दोस्तों के साथ जगदलपुर में ही एक किराए के मकान में रह रहा था। आखिरी बार 20 या 22 दिसंबर को अपने घर गया था, जहां अपने परिजनों से बात करने के बाद चला गया था। 

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Father of driver Died in Bijapur Naxal attack did not know that his son was driving vehicle in police line
मृतक तुलेश्वर राना की फाइल फोटो - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

बीजापुर जिले के कुटरू थाना क्षेत्र के ग्राम अम्बेली में हुए आईईडी धमाके में एक आम वाहन चालक की भी मौत हो गई। इस घटना के बारे में परिजनों को पता ही नहीं था, देर शाम जब बीजापुर पुलिस ने परिजनों से संपर्क कर घटना की जानकारी दी, जिसके बाद परिजनों के ऊपर दुखों का पहाड़ टूट गया, पिता को इस बात की भी जानकारी नहीं थी कि उनका बेटा पुलिस विभाग में वाहन चलाने का काम कर रहा था। 

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मामले के बारे में जानकारी देते हुए बताया गया कि बस्तर जिले के कोड़ेनार थाना क्षेत्र के अंतर्गत बड़े आरापुर निवासी कमल साय राना का सबसे छोटा बेटा तुलेश्वर राना 25 वर्ष कुछ समय तक नगरनार स्थित एनएमडीसी में वाहन चलाने का काम करता था। अचानक से वहां से कुछ महीने पहले ही पुलिस लाइन में वाहन चलाने का काम करने लगा। वीआईपी दौरा या फिर जवानों को लाने ले जाने का काम तुलेश्वर के द्वारा किया जा रहा था। तुलेश्वर अपने दोस्तों के साथ जगदलपुर में ही एक किराए के मकान में रह रहा था। आखिरी बार 20 या 22 दिसंबर को अपने घर गया था, जहां अपने परिजनों से बात करने के बाद चला गया था। चार भाई-बहनों में तुलेश्वर को छोड़कर सभी भाई-बहन की शादी हो चुकी है। आज सुबह भी तुलेश्वर की अपनी मां से बात हुई, उसके बाद उसने अपने सोशल मीडिया के अकाउंट के स्टेटस में अपनी एक फोटो भी शेयर की, लेकिन सोमवार की दोपहर को तुलेश्वर को बिल्कुल भी अहसास नहीं हुआ कि आज के बाद वह अपने घर नहीं जा पाएगा, नक्सलियों के द्वारा लगाए गए आईईडी की चपेट में आने से आठ डीआरजी जवान के साथ ही वाहन चालक तुलेश्वर राना ने भी अपनी जान गंवा दी।

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पिता को पता ही नहीं था कि बेटा कहां चला रहा है वाहन
मृतक तुलेश्वर राना के पिता कमल साय राना ने बताया कि उन्हें पता ही नहीं था कि उसका बेटा नगरनार एनएमडीसी में वाहन चला रहा है, उसे इस बात की बिल्कुल जानकारी नहीं थी कि आज के बाद उसका बेटा वापस नहीं आएगा। 

अनजान नंबर से आया फोन कहा आ जाओ बीजापुर
कमल साय ने बताया कि सोमवार की शाम को अचानक एक अनजान नंबर से फोन आया कि आपके बेटे का निधन  हो गया है, आप सभी बीजापुर आ जाओ।

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सूचना के बाद गांव में छाया मातम
तुलेश्वर के मौत की खबर लगते ही गांव में मातम छा गया, वहीं तुलेश्वर के घर के बाहर लोगों की भीड़ जमा हो गई, इसके अलावा पिता को अब भी यकीन नहीं हो रहा है कि उसका सबसे छोटा बेटा अब इस दुनिया में नहीं है, बीजापुर में पोस्टमार्टम के बाद मंगलवार को शव परिजनों को सौंप दिया जाएगा, जहां गांव में पूरे रीति-रिवाज से अंतिम संस्कार किया जाएगा।

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