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Jagdalpur: उफनाती नदी को पार कर पहुंचे महतारी एक्सप्रेस के कर्मचारी, गर्भवती को डोली में बिठाकर कराया पार
Tue, 05 Aug 2025 09:45 PM IST
आकाश दुबे
अमर उजाला नेटवर्क, जगदलपुर
अमर उजाला नेटवर्क, जगदलपुर
Published by: आकाश दुबे
Updated Tue, 05 Aug 2025 09:45 PM IST
सार
बास्तानार से बड़े बोदेनार की दूरी 25 किमी है, चालक ने अपनी जान की परवाह किए बगैर नदी को पार कर 2 किमी पैदल जाकर महिला को लाया।
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नदी को पार कराकर महिला का कराया गया सुरक्षित प्रसव
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
स्वास्थ्य सुविधाओं की अव्यवस्थाओं को लेकर होने वाली परेशानियां आए दिन सुर्खियों में बनी रहती हैं, लेकिन ऐसी अव्यवस्थाओं के बीच कई बार सुखद समाचार भी देखने को मिलता है। ऐसा ही एक मामला छत्तीसगढ़ राज्य के बस्तर जिले के ब्लॉक बास्तानार से सामने आया है। जहां एक गर्भवती महिला को लेने के लिए (102) महतारी एक्सप्रेस के कर्मचारियों ने बहती नदी को पार कर गर्भवती तक पहुंचे, जहां महिला ने एक स्वस्थ बच्चें को जन्म दिया। जहां परिजनों की आंखों में आंसू छलक आए, उन्होंने कर्मचारियों का आभार व्यक्त किया।
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बता दें कि बस्तर जिले के बास्तानार ब्लॉक के गांव बड़े बोदेनार में रहने वाले एक परिवार ने 5 अगस्त की सुबह 10 बजे गर्भवती महिला लच्छो के प्रसव को लेकर 102 महतारी एक्सप्रेस से मदद की गुहार लगाई। सूचना पर एंबुलेंस चालक उमेश वेट्टी बड़े बोदेनार के लिए रवाना हुआ। गांव पहुंचने से पहले उसे उफान पर चल रही एक नदी को पार करना था, चालक बिना देर किए उस उफनती नदी को पार कर महिला के पास पहुंचा, जहां परिजनों की मदद से एक डोली बनाकर महिला को उसमें बैठाकर वापस उसी नदी को पार कर एम्बुलेंस तक पहुंचा। एंबुलेंस चालक के इस काम को देख लोगों ने वीडियो भी बनाया, जहां उसे शेयर भी किया गया। एंबुलेंस चालक ने स्थानीय ग्रामीणों की मदद से मरीज को सुरक्षित सीएचसी बड़े किलेपाल पहुंचाया। लच्छो को समय पर उपचार मिलने पर सफल प्रसव हुआ। महिला ने स्वस्थ बच्ची को को जन्म दिया। इस खुशी के मौके पर परिजनों ने 102 महतारी एक्सप्रेस के कर्मचारियों का धन्यवाद भी किया।
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25 किमी का सफर किया तय
बताया जा रहा है कि बास्तानार से बड़े बोदेनार की दूरी 25 किमी है, चालक ने अपनी जान की परवाह किए बगैर नदी को पार कर 2 किमी पैदल जाकर महिला को लाया। महिला ने एक कन्या को जन्म दिया।
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चालक की जितनी प्रशंसा की जाए कम है
इस मामले की जानकारी लगने के बाद महापौर संजय पांडे का कहना था कि बस्तर की तस्वीर अब पूरी तरह से बदल रही है, चालक ने सूझबूझ का परिचय देते हुए महिला को अस्पताल पहुंचाया, जहां महिला ने बच्ची को जन्म दिया। चालक की जितनी प्रशंसा की जाए कम है।