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जगदलपुर में फैली बीमारी: कोलावल बालिका आश्रम में 10 बच्चे हुए बीमार, एक की मौत
Mon, 02 Sep 2024 09:14 AM IST
अनुज कुमार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जगदलपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जगदलपुर
Published by: अनुज कुमार
Updated Mon, 02 Sep 2024 09:14 AM IST
सार
छत्तीसगढ़ के जगदलपुर में कोलावल बालिका आश्रम में एक बीमारी फैल गई है। जिसकी वजह से आठ से 10 बच्चे बीमार बताए जा रहे हैं। बीमारी की वजह से एक की मौत हो चुकी है।
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कोलावल बालिका आश्रम में फैली बीमारी
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
बस्तर जिले के बकावंड ब्लाक के कोलावल गांव में स्थित बालिका आश्रम में अचानक से दो दिन पहले फैली बीमारी ने वहां पढ़ रहे बच्चों के स्वास्थ्य पर बुरा असर डाला है। जिससे कि वहां के करीब आठ से 10 बच्चे बीमार हो गए हैं। घायलों को उपचार के लिए आयुष केंद्र ले जाया गया। जहां सामान्य बीमारी समझ उपचार के बाद वापस आश्रम ले गए। लेकिन रविवार को ज्यादा स्वास्थ्य खराब होने के कारण उन्हें सीएचसी ले जाया गया। लेकिन उससे पहले ही एक बच्ची ने दम तोड़ दिया, जिसके बाद आश्रम में अफरा-तफरी मच गई और बीमार बच्चों को बेहतर उपचार के लिए 108 एम्बुलेंस के माध्यम से सीएचसी बकावंड लाया गया। जहां से उन्हें 108 वाहन के माध्यम से ही जगदलपुर अस्पताल भेज दिया गया।
मामले की जानकारी देते हुए एसी ट्राइबल गणेश सोरी ने बताया कि कोलावल स्थित बालिका आश्रम में पढ़ने वाले बच्चों को दो दिन पहले से तेज बुखार व सिर में दर्द होने की शिकायत करने लगे। जिसके बाद आश्रम की अधीक्षिका ने उन बच्चों को गांव के ही आयुष केंद्र में डॉक्टर दास से उपचार के लिए भेजा गया। उपचार के बाद बच्चों को सामान्य बीमारी बताते हुए उन्हें दवा देकर वापस आश्रम भेज दिया गया। लेकिन रविवार की शाम से अचानक से आठ से 10 बच्चे बीमार हो गए।
इस बीमारी की चपेट में आने से पाथरी गांव की एक 10 वर्षीय बच्ची की मौत भी हो गई। घटना की जानकारी लगते ही आला अधिकारियों की टीम गांव पहुंची और बीमार सभी बच्चों को सीएचसी बकावंड लाया गया, जहां बीमार सभी बच्चों का मलेरिया से लेकर डेंगू टेस्ट भी करवाया गया। लेकिन रिपोर्ट नॉर्मल आने के बाद बच्चों का अन्य टेस्ट कराए जाने की बात और बच्चों की खराब हालत को देखते हुए उन्हें जगदलपुर से 108 की वाहनों में बेहतर उपचार के लिए रवाना किया गया है। इस मामले में आश्रम अधीक्षिका दुलारी ने बताया कि यहां पर पहली से पांचवी तक के करीब 50 बच्चे पढ़ाई करते हैं।
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ये बच्चे हुए है रेफर
बताया जा रहा है कि बीमार बच्चों को पहले पीएचसी कोलावल लाया गया, जहाँ से उन्हें बेहतर उपचार के लिए जगदलपुर भेज दिया गया, ऐसे बच्चों में मनीषा कश्यप 6 साल, संतोषी कश्यप 10 साल, संगीता 9 साल, फलिता 8 साल, संध्या बघेल 7 साल, दीपिका 8 वर्ष, अनिता कश्यप 8 वर्ष, ललिता नेताम 8 वर्ष, हेमबति कश्यप 10 वर्ष, मनमती नेताम 8 वर्ष शामिल है।
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मामले की जानकारी देते हुए एसी ट्राइबल गणेश सोरी ने बताया कि कोलावल स्थित बालिका आश्रम में पढ़ने वाले बच्चों को दो दिन पहले से तेज बुखार व सिर में दर्द होने की शिकायत करने लगे। जिसके बाद आश्रम की अधीक्षिका ने उन बच्चों को गांव के ही आयुष केंद्र में डॉक्टर दास से उपचार के लिए भेजा गया। उपचार के बाद बच्चों को सामान्य बीमारी बताते हुए उन्हें दवा देकर वापस आश्रम भेज दिया गया। लेकिन रविवार की शाम से अचानक से आठ से 10 बच्चे बीमार हो गए।
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इस बीमारी की चपेट में आने से पाथरी गांव की एक 10 वर्षीय बच्ची की मौत भी हो गई। घटना की जानकारी लगते ही आला अधिकारियों की टीम गांव पहुंची और बीमार सभी बच्चों को सीएचसी बकावंड लाया गया, जहां बीमार सभी बच्चों का मलेरिया से लेकर डेंगू टेस्ट भी करवाया गया। लेकिन रिपोर्ट नॉर्मल आने के बाद बच्चों का अन्य टेस्ट कराए जाने की बात और बच्चों की खराब हालत को देखते हुए उन्हें जगदलपुर से 108 की वाहनों में बेहतर उपचार के लिए रवाना किया गया है। इस मामले में आश्रम अधीक्षिका दुलारी ने बताया कि यहां पर पहली से पांचवी तक के करीब 50 बच्चे पढ़ाई करते हैं।
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ये बच्चे हुए है रेफर
बताया जा रहा है कि बीमार बच्चों को पहले पीएचसी कोलावल लाया गया, जहाँ से उन्हें बेहतर उपचार के लिए जगदलपुर भेज दिया गया, ऐसे बच्चों में मनीषा कश्यप 6 साल, संतोषी कश्यप 10 साल, संगीता 9 साल, फलिता 8 साल, संध्या बघेल 7 साल, दीपिका 8 वर्ष, अनिता कश्यप 8 वर्ष, ललिता नेताम 8 वर्ष, हेमबति कश्यप 10 वर्ष, मनमती नेताम 8 वर्ष शामिल है।