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Raigarh News: अधिकारियों ने तैयार कर दी फर्जी जांच रिपोर्ट, ऐसे हुआ मामले का खुलासा
Fri, 21 Apr 2023 09:44 PM IST
आकाश दुबे
अमर उजाला नेटवर्क, रायगढ़
अमर उजाला नेटवर्क, रायगढ़
Published by: आकाश दुबे
Updated Fri, 21 Apr 2023 09:44 PM IST
सार
रायगढ़ में जांच टीम ने भू अर्जन के दौरान परिसंपत्तियों के मूल्यांकन में गड़बड़ी की शिकायत पर फर्जी जांच रिपोर्ट तैयार की। जिसके बाद अब शिकायतकर्ता ने दोबारा जांच की मांग की है।
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार
रायगढ़ में जांच टीम के द्वारा एक फर्जी जांच रिपोर्ट बनाने का मामला सामने आया है। जहां सीएसपीडीसीएल को आवंटित कोल ब्लॉक गारे पेलमा सेक्टर 3 में भू अर्जन के दौरान परिसंपत्तियों के मूल्यांकन में गड़बड़ी की शिकायत पर जांच टीम ने फर्जी जांच रिपोर्ट पेश की। अब इस मामले की पोल खोलते हुए शिकायतकर्ता ने दोबारा से जांच कराने की मांग की है।
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घरघोड़ा के बजरमुड़ा ग्राम में सीएसपीडीसीएल प्रोजेक्ट के प्रभावित भूमि मुआवजे के लिए हुए मूल्यांकन में गड़बड़ी को लेकर हुए शिकायत की जांच में खानापूर्ति की। कथित जांच में खानापूर्ति करते हुए जांच टीम ने इसमें संलिप्त लोगों को अन्य प्रोजेक्ट में गड़बड़ी करने के लिए हरी झंडी दिखा दी।
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जिला प्रशासन के अलावा राजस्व मंडल और ईडी को शिकायत की गई। शिकायत में ग्राम बजरमुड़ा की 149 हेक्टेयर भूमि में से 129 हेक्टेयर भूमि को दो फसली बताकर 300 करोड़ रुपए के मुआवजा में आधा से ज्यादा राशि को आपस में बांटने का आरोप है। शिकायत में यह भी बताया गया था कि शौचालय के नाम पर 88,60,065 रुपए का मुआवजा दिया गया। वहीं 43,54,246 रुपए मंदिर के नाम पर मुआवजा दिया गया है।
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पोल्ट्री फार्म के नाम पर 1,89,56,481 रुपए का मुआवजा दिया गया। इसके अलावा अन्य कई मामलों पर भी शिकायत की गई। जिसमें बताया गया कि मूल्यांकन में गड़बड़ी की गई। लेकिन जांच टीम ने बिना सत्यापन के ही जांच रिपोर्ट तैयार कर दी और क्लीन चिट भी दे दी। क्लीन चिट मिलने के बाद अन्य प्रोजेक्ट के लिए हरी झंडी मिल गई।
नहीं मिला एक भी नोटिस
नियमानुसार, किसी भी मामले में कार्रवाई के लिए संबंधित अधिकारी को तीन बार नोटिस या सूचना देने का प्रावधान है। इसके बाद जवाब न मिलने पर एकपक्षीय कार्रवाई की जाती है। लेकिन यहां तो शिकायतकर्ता को एक भी नोटिस या सूचना नहीं मिली और जांच रिपोर्ट पेश भी कर दी। अपर कलेक्टर राजीव पांडेय ने बताया कि कलेक्टर के निर्देश पर जांच की गई है। हमनें शिकयतकर्ता को उपस्थित होने सूचना दी थी। लेकिन वह उपस्थित नहीं हुए।