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सीजी: भूपेश बघेल के खिलाफ चुनाव याचिका पर हाईकोर्ट में सुनवाई पूरी, फैसला सुरक्षित
Tue, 06 Oct 2026 06:50 PM IST
अमन कोशले
अमर उजाला नेटवर्क, रायपुर
अमर उजाला नेटवर्क, रायपुर
Published by: अमन कोशले
Updated Tue, 06 Oct 2026 06:50 PM IST
सार
पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के खिलाफ भारतीय जनता पार्टी के नेता विजय बघेल की ओर से दाखिल चुनाव याचिका पर छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट में अहम सुनवाई हुई।
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पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के खिलाफ भारतीय जनता पार्टी के नेता विजय बघेल की ओर से दाखिल चुनाव याचिका पर छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट में अहम सुनवाई हुई। मामले की सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता विजय बघेल ने व्यक्तिगत रूप से अदालत में उपस्थित होकर अपनी गवाही दर्ज कराई। इसके साथ ही, पूर्व मुख्यमंत्री की ओर से मामले में अतिरिक्त मुद्दे तय करने के संबंध में पेश आवेदन पर दोनों पक्षों की विस्तृत बहस सुनने के बाद हाईकोर्ट ने अपना फैसला सुरक्षित रखते हुए 13 अक्तूबर 2026 को आदेश जारी करने के लिए मामला सूचीबद्ध कर दिया।
अदालत में दर्ज कराई गवाही
अदालत में सुनवाई शुरू होते ही याचिकाकर्ता विजय बघेल खुद उपस्थित हुए और उन्होंने अपने पक्ष में साक्ष्य दर्ज कराए। इस दौरान प्रतिवादी क्रमांक 1 पूर्व मुख्यमंत्री की तरफ से अदालत को जानकारी दी गई कि उन्होंने मामले में अतिरिक्त मुद्दे तय करने के लिए 3 अक्तूबर को सिविल प्रक्रिया संहिता के ऑर्डर XIV के नियम 1, 2(2) और 5 के साथ-साथ जनप्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 की धारा 87 के तहत एक नया आवेदन प्रस्तुत किया है। यह आवेदन सुप्रीम कोर्ट की ओर से 28 सितंबर को एसएलपी (सी)-33790/2026 में पारित आदेश को ध्यान में रखकर दाखिल किया गया है। दूसरी ओर, याचिकाकर्ता विजय बघेल के वकीलों ने अदालत को बताया कि प्रतिवादी द्वारा 3 अक्तूबर को पेश किए गए इस आवेदन पर उनका लिखित जवाब पहले ही अदालत के समक्ष जमा किया जा चुका है।
खारिज हुआ था पिछला आवेदन
हाईकोर्ट ने इससे पूर्व 17 सितंबर को पारित अपने एक आदेश के माध्यम से प्रतिवादी क्रमांक 1 की ओर से दाखिल किए गए पिछले आवेदन को खारिज कर दिया था। वह आवेदन सिविल प्रक्रिया संहिता के ऑर्डर VII नियम 11 और जनप्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 की धारा 86(1) के तहत प्रस्तुत किया गया था। इस आवेदन के निरस्त होने के बाद अदालत ने मामले को चुनाव याचिकाकर्ता की ओर से साक्ष्य पेश करने और गवाही दर्ज करने के चरण में निर्धारित किया था। इसी प्रक्रिया का पालन करते हुए याचिकाकर्ता ने अदालत में उपस्थित होकर अपना बयान और साक्ष्य दर्ज कराए हैं।
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अधिवक्ताओं ने पेश किए तर्क
अदालत ने अतिरिक्त मुद्दे तय करने के आवेदन पर दोनों पक्षों की ओर से प्रस्तुत कानूनी तर्कों को ध्यानपूर्वक सुना। सुनवाई पूरी करने के उपरांत हाईकोर्ट ने आदेश देने के लिए 13 अक्तूबर की तारीख तय की है। मामले की पैरवी के दौरान याचिकाकर्ता की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता टी.के. झा, अधिवक्ता अमन ताम्रकार और रोहन कुम्हारे ने अपनी दलीलें रखीं। वहीं प्रतिवादी क्रमांक 1 का पक्ष अधिवक्ता मयंक जैन ने वर्चुअल माध्यम से तथा हर्षवर्धन परगनिहा और मनुभा शंकर ने अदालत में उपस्थित होकर रखा। इसके अतिरिक्त प्रतिवादी क्रमांक 3 की तरफ से डॉ. सुदीप अग्रवाल ने अपना पक्ष पेश किया।
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अदालत में दर्ज कराई गवाही
अदालत में सुनवाई शुरू होते ही याचिकाकर्ता विजय बघेल खुद उपस्थित हुए और उन्होंने अपने पक्ष में साक्ष्य दर्ज कराए। इस दौरान प्रतिवादी क्रमांक 1 पूर्व मुख्यमंत्री की तरफ से अदालत को जानकारी दी गई कि उन्होंने मामले में अतिरिक्त मुद्दे तय करने के लिए 3 अक्तूबर को सिविल प्रक्रिया संहिता के ऑर्डर XIV के नियम 1, 2(2) और 5 के साथ-साथ जनप्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 की धारा 87 के तहत एक नया आवेदन प्रस्तुत किया है। यह आवेदन सुप्रीम कोर्ट की ओर से 28 सितंबर को एसएलपी (सी)-33790/2026 में पारित आदेश को ध्यान में रखकर दाखिल किया गया है। दूसरी ओर, याचिकाकर्ता विजय बघेल के वकीलों ने अदालत को बताया कि प्रतिवादी द्वारा 3 अक्तूबर को पेश किए गए इस आवेदन पर उनका लिखित जवाब पहले ही अदालत के समक्ष जमा किया जा चुका है।
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खारिज हुआ था पिछला आवेदन
हाईकोर्ट ने इससे पूर्व 17 सितंबर को पारित अपने एक आदेश के माध्यम से प्रतिवादी क्रमांक 1 की ओर से दाखिल किए गए पिछले आवेदन को खारिज कर दिया था। वह आवेदन सिविल प्रक्रिया संहिता के ऑर्डर VII नियम 11 और जनप्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 की धारा 86(1) के तहत प्रस्तुत किया गया था। इस आवेदन के निरस्त होने के बाद अदालत ने मामले को चुनाव याचिकाकर्ता की ओर से साक्ष्य पेश करने और गवाही दर्ज करने के चरण में निर्धारित किया था। इसी प्रक्रिया का पालन करते हुए याचिकाकर्ता ने अदालत में उपस्थित होकर अपना बयान और साक्ष्य दर्ज कराए हैं।
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अधिवक्ताओं ने पेश किए तर्क
अदालत ने अतिरिक्त मुद्दे तय करने के आवेदन पर दोनों पक्षों की ओर से प्रस्तुत कानूनी तर्कों को ध्यानपूर्वक सुना। सुनवाई पूरी करने के उपरांत हाईकोर्ट ने आदेश देने के लिए 13 अक्तूबर की तारीख तय की है। मामले की पैरवी के दौरान याचिकाकर्ता की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता टी.के. झा, अधिवक्ता अमन ताम्रकार और रोहन कुम्हारे ने अपनी दलीलें रखीं। वहीं प्रतिवादी क्रमांक 1 का पक्ष अधिवक्ता मयंक जैन ने वर्चुअल माध्यम से तथा हर्षवर्धन परगनिहा और मनुभा शंकर ने अदालत में उपस्थित होकर रखा। इसके अतिरिक्त प्रतिवादी क्रमांक 3 की तरफ से डॉ. सुदीप अग्रवाल ने अपना पक्ष पेश किया।