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एनआरसी लागू हुआ तो छत्तीसगढ़ की आधे से अधिक आबादी प्रमाणित नहीं कर पाएगी नागरिकता: सीएम बघेल
Sat, 21 Dec 2019 12:44 PM IST
Priyesh Mishra
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रायपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रायपुर
Published by: Priyesh Mishra
Updated Sat, 21 Dec 2019 12:44 PM IST
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Chhattisgarh Chief Minister Bhupesh Baghel
- फोटो : ANI
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छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा है कि यदि देश में एनआरसी लागू हुआ तो छत्तीसगढ़ की आधे से अधिक जनता अपनी नागरिकता प्रमाणित नहीं कर पाएगी। बघेल ने शुक्रवार को कहा कि जिस तरह महत्मा गांधी ने वर्ष 1906 में अफ्रीका में अंग्रेजों के कानून का विरोध किया था, ठीक उसी तरह वह भी एनआरसी का विरोध कर रहे हैं।
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जब उनसे पूछा गया कि क्या एनआरसी लागू होने के बाद देश की जनता को नोटबंदी की तरह कतार में खड़े होकर अपनी नागरिकता साबित करनी होगी, तो इस पर मुख्यमंत्री ने कहा कि बिल्कुल सही बात है कि हमें प्रमाणित करना पड़ेगा कि हम भारतीय हैं और यदि कोई भारतीय किसी कारण से यह प्रमााणित नहीं कर पाया तो उसे किस प्रकार से रखा जाएगा?
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बघेल ने कहा कि छत्तीसगढ़ में दो करोड़ 80 लाख लोग हैं और उनमें से आधे से अधिक लोग अपनी नागरिकता प्रमाणित नहीं कर पाएंगे क्योंकि उनके पास जमीन का रिकार्ड नहीं है और कई लोगों के पास जमीन ही नहीं है। उनके पूर्वज पढ़े लिखे नहीं हैं। उनमें से कई दूसरे गांवों या राज्यों में चले गए हैं। वे 50-100 साल का रिकार्ड कहां से लाएंगे। यह अनावश्यक बोझ है।
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सीएम ने कहा कि यदि घुसपैठिए इस देश में हैं, तो उन्हें पकड़ने के लिए बहुत एजेंसियां हैं। उन्हें पकड़ें और उनके खिलाफ कार्रवाई करें लेकिन इस तरह वे (भाजपा) आम जनता को कैसे परेशान करेंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह उसी प्रकार का कानून है जैसे अंग्रेजों ने दक्षिण अफ्रीका में वर्ष 1906 में लागू किया था जिसका महात्मा गांधी ने विरोध किया था और कहा था कि वह रजिस्टर में दस्तखत नहीं करेंगे और न ही उंगलियों के निशान देंगे।