अमर उजाला की खबर का असर: नींद से जागा प्रशासन, जनजाति आवासीय विद्यालयों के लिए सात करोड़ 41 हजार का फंड जारी
छत्तीसगढ़ के सभी 9 जिलों में चल रहे 10 विशेष संरक्षित जनजाति आवासीय विद्यालयों के लिए 7 करोड़ 41 हज़ार का फंड जारी किया है।
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केंद्र और राज्य सरकार की मदद से छत्तीसगढ़ की अति पिछड़ी जनजातियों को मुख्य धारा में लाने के लिए चलाए जा रहे विशेष पिछली जनजाति आवासी विश्वविद्यालय योजना में पिछले 11 महीने से शिष्यावृती सहित अन्य फंड नहीं मिलने की खबर प्रमुखता से दिखाए जाने के बाद, शासन ने खबर पर संज्ञान लेते हुए छत्तीसगढ़ के सभी 9 जिलों में चल रहे 10 विशेष संरक्षित जनजाति आवासीय विद्यालयों के लिए 7 करोड़ 41 हज़ार का फंड जारी किया है। यह आदेश छत्तीसगढ़ शासन के आदिम जाति कल्याण विकास विभाग कार्यालय आयुक्त पदेन सचिव द्वारा जारी हुआ है।
मामले पर राज्य शासन ने संज्ञान लेते हुए कार्यवाही की है जिसमें पहाड़ी कोरवा के लिए बलरामपुर में भेलवाडीह को 1 करोड़ 20 लाख ,अंबिकापुर में घंघरी को 69.30 लाख, कमार जनजाति के लिए धमतरी के मुकुंदपुर को 75 लाख, गरियाबंद में केशोडोर को 38.35 लाख, बैगा जनजाति के लिए कबीरधाम के पंडरिया के पोलमी को 73.59 लाख एवं बोड़ला में चौरा को 55.35 लाख , कोरिया भरतपुर में नोढिया को 53 लाख, गौरेला पेण्ड्रा मरवाही जिले में धनोली को 1 करोड़ 1 लाख 90 हजार, अबुझमाड़िया जनजाति के लिए नारायणपुर के ओरछा को 40.43 लाख सहित कुल राशि 7 करोड़ 41 हजार जारी किए हैं।
इस राशि में विद्यार्थियों को मिलने वाली शिष्यावृती के अतिरिक्त कर्मचारी वेतन भत्ता, कार्यालय व आकस्मिक व्यय व अतिरिक्त कोचिंग सहित, पेयजल, वाटर हार्वेस्टिंग, किचन गार्डन, खाना बनाने के संयंत्र, शैक्षणिक भ्रमण, सामग्री आपूर्ति सहित, साइंस ओलंपियाड, एनटीएस एवं अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए पुस्तकों का व्यय शामिल होगा।