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GPM: सहायक शिक्षक ने शिक्षा अधिकारी को सौंपा त्यागपत्र, जानें वजह
Thu, 09 Jan 2025 05:31 PM IST
Digvijay Singh
अमर उजाला नेटवर्क,गौरेला पेंड्रा मरवाही
अमर उजाला नेटवर्क,गौरेला पेंड्रा मरवाही
Published by: Digvijay Singh
Updated Thu, 09 Jan 2025 05:31 PM IST
सार
जीपीएम जिले के मरवाही ब्लाक में पदस्थ एक सहायक शिक्षक इन दिनों काफी चर्चित हैँ। कारण है कि उन्होंने पिछले दिनों 27 दिसंबर को विकास खण्ड शिक्षा अधिकारी को एक सादे पेपर में अपना त्यागपत्र सौपा है।
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सहायक शिक्षक ने सौंपा त्यागपत्र
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
जीपीएम जिले के मरवाही ब्लाक में पदस्थ एक सहायक शिक्षक इन दिनों काफी चर्चित हैँ। कारण है कि उन्होंने पिछले दिनों 27 दिसंबर को विकास खण्ड शिक्षा अधिकारी को एक सादे पेपर में अपना त्यागपत्र सौपा है। साथ ही सोशल मीडिया में लिखा है कि वो नौकर माइंड सेट से काम नहीं करना चाहता। बल्कि हर्बल प्रोडक्ट के धंधे से जुड़कर लाखों रुपये की इनकम कर रहा है।
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दरअसल जीपीएम जिले के मरवाही विकासखंड के घुरदेवापारा प्राथमिक शाला स्कूल में पदस्थ सुनील कुमार पटेल 21 जून 2010 से पहली पोस्टिंग से पदस्थ है और ये लगातार अपने शिक्षकीय पेशे से नदारद रहते थे समय के साथ जांच और कार्यवाही भी समय समय पर इनके खिलाफ़ की जाती बाद में विभाग को जानकारी हुई ये महोदय स्कूल से नदारद होकर हर्बल प्रोडक्ट के मार्केटिंग में दुकानदारी चलाते है। यह भी जानकारी मिली कि घुरदेवा पारा के ही एक बढ़ई नाम के युवक को इन्होंने अपने जगह शिक्षकीय कार्य करवाने को रखता था और उसके लिए उस व्यक्ति को वो 2 से 3 हजार रुपये का भुगतान भी करता है।
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पिछले 27 दिसंबर को सुनील पटेल ने एक सादे पेपर में अपना त्यागपत्र लिखकर विकासखण्ड शिक्षा अधिकारी के चेम्बर में जाकर मिठाई देते हुए अपना त्यागपत्र भी दे आए साथ ही और यह सब सुनील ने अपने शोषल मीडिया प्लेटफार्म में पोस्ट कर दिया। मामले में जब हमने जानकारी जुटाई तो पता चला कि ये अपने गैरजिम्मेदाराना रवैये के बाद में नो वर्क, नो पेमेंट पर दो साल तक काम करता रहा। इन्होंने अपने त्यागपत्र में लिखा है नौकर माइंड सेट से मैं काम नहीं करना चाहता। जबकि इस्तीफा देने से पहले उसने 35 लाख की हैरियर कार खरीद लिया है ये सब उसके हर्बल प्रोडक्ट के साथ जुड़ने में ही ये लगातार पैसे कमा रहे है। वही पास के गांव में ही इनकी पत्नी भी सहायक शिक्षिका है और वह भी ज्यादातर अपने शिक्षकीय कार्य और स्कूल से गायब रहती है जो पति के हर्बल प्रोडक्ट के काम मे बिजी रहती है।
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मामले में जिला शिक्षा अधिकारी का कहना है नौकरी से रिजाइन देने के लिए जो प्रक्रिया होती है वो पूरी करनी होती है तीन माह पहले विधिवत जानकारी देनी होती है।वही मामले में जिला शिक्षा अधिकारी का कहना है कि जिले में जितने ऐसे शिक्षक है जो मार्केटिंग बिजनेस में जुड़े हुए है उनकी जानकारी ली जा रही है।उनके खिलाफ़ कार्यवाही की जावेगी,,वही उन्होंने बतलाया कि इनके लगातार अनुपस्थिति की जानकारी रहने पर विभाग के द्वारा इनका एक्रीमेंट रोका गया था साथ ही सेलरी भी नही दी जा रही थी।साथ ही जिले में जितने भी शिक्षक है शिक्षकीय कार्य के साथ और कुछ काम कर रहे है सबूत मिलने पर नियमानुसार कार्यवाही किये जाने की बात कही है।