फार्महाउस में बच्चियों के जिस्म का सौदा, दो दिन में छह बार रेप
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छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले में पुलिस ने एक ऐसे गैंग का खुलासा किया है जो मासूम बच्चियों का अपहरण कर उनके जिस्म का सौदा करता था। पुलिस ने 11 लोगों को गिरफ्तार करते हुए दो किशोरियों को मुक्त कराया है जिनसे दो दिन में कई बार बलात्कार हुआ।
शर्मनाक ये है कि इस घिनौने काम में महिलाएं भी लिप्त थी, पुलिस ने ऐसी तीन महिलाओं को गिरफ्तार किया है। अंग्रेजी अखबार टाइम्स ऑफ इंडिया की खबर के अनुसार मामला राजधानी रायपुर से कुछ दूर स्थित कोरबा जिले का है।
जहां के लेमरू गांव से 12 और 14 साल की एक ही परिवार की दो लड़कियां कई दिनों से गायब थी। पुलिस ने एक फार्म हाउस से इन किशोरियों को बरामद किया तो उनकी आपबीती सुनकर हर कोई हैरत में पड़ गया।
दोनों किशोरियों से दो दिन में छह लोगों ने बलात्कार किया। इनमें से एक किशोरी का आगे भी सौदा कर दिया गया था जबकि दूसरी को बेचने की तैयारी चल रही थी।
बच्चियों को नौकरी दिलाने के नाम पर ले गए थे आरोपी
कोरबा के एसपी अमरीश मिश्रा ने बताया कि राजेन्द्र पटेल और एक महिला दुर्गा ने लेमरू गांव के एक व्यक्ति को उसकी बेटियों की नौकरी लगवाने का आश्वासन दिया, उसने कहा कि परिवार वाले लगातार बेटियों से फोन पर बात कर सकते हैं और वो इनका पूरा ध्यान रखेगा।
इसके बाद वह 18 मई को किशोरियों को अपने साथ लेकर मणिकपुर में चला आया। हफ्ते भर बाद ही आरोपी का फोन बंद हो गया जिससे परिवार वालों का अपनी बेटी से संपर्क टूट गया। डरे सहमे परिवार वाले पुलिस के पास पहुंचे और सारा मामला बताया।
उन्होंने आरोपी राजेन्द्र पटेल का फोन नंबर और गाड़ी का नंबर पुलिस को दिया। कोरबा पुलिस ने वाहन के नंबर के आधार पर गाड़ी के ड्राइवर का पीछा शुरू किया, कई दिन की भागदौड़ के बाद पुलिस को मनिकपुर के तिलाकेजा क्षेत्र के उस फार्म हाउस तक पहुंचने में कामयाबी मिल गई जहां लड़कियों को कैद करके रखा गया था।
यहां पटेल नाम का आदमी चौकीदारी करता था। पुलिस ने उसे और उसकी पत्नी ममता और उनके रिश्तेदार पवन कटेवर को हिरासत में लेकर पूछताछ की। शुरूआत में वह पुलिस को चकमा देने का प्रयास करता रहा लेकिन सख्ती करने पर टूट गया।
फार्म हाउस में लुट रही थी किशोरियों की आबरू
जिसके बाद पुलिस ने बरामद की गई लड़कियों से पूछताछ की तो उनकी आपबीती सुनकर वह हैरत में पड़ गई। एक लड़की ने बताया कि पटेल उनकी बुरी तरह से पिटाई करता था और वहां आने वालों से संबंध बनाने की बात करता था।
पुलिस के अनुसार दूसरी लड़की उसकी पत्नी ममता ने खरीदी थी जिससे सरगबुंदिया में दो बार बलात्कार किया जा चुका था। ममता ने उसे दस हजार रुपए में आगे पिंकी साहू नाम की महिला को बेच दिया था। इसी बीच पुलिस ने उसे बचा लिया।
पुलिस ने इसके बाद फार्म हाउस से बच्चियों का सौदा करने वाले पांच लोगों के अलावा छह ग्राहकों को भी गिरफ्तार किया है। सभी आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है।
आरोपियों की पहचान राजेन्द्र पटेल, ममता पटेल, पिंकी साहू, दुर्गा सिंह, पवन कटेवार, फार्म हाउस मालिक जॉन क्रूस टिग्गा, जांजगीर के भूखन कश्यप, अंबिकापुर के शेख सवाली, कठगोरा के रवीन्द्र अग्रवाल, बिलासपुर के संतोष प्रजापति और जंजगीर के नीतेश सिंह को गिरफ्तार किया है।
पुलिस ने बताया कि पकड़े गए आरोपियों के किसी बड़े गैंग से संबद्ध होने की उम्मीद जताई जा रही है। जो आदिवासी क्षेत्रों से गरीब लड़कियों को लाकर मेट्रो सिटी में बेचता है।