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Raipur Crime: रायपुर में शेयर ट्रेडिंग के नाम पर ठगी, पुलिस ने आरोपियों को चेन्नई और गुजरात से किया गिरफ्तार
Thu, 12 Sep 2024 05:57 PM IST
अमन कोशले
अमर उजाला नेटवर्क, रायपुर
अमर उजाला नेटवर्क, रायपुर
Published by: अमन कोशले
Updated Thu, 12 Sep 2024 05:57 PM IST
सार
Raipur Crime: छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में ठगी का मामला बढ़ते जा रहा है। एक ओर शेयर ट्रेडिंग में मुनाफा कमाने के नाम से 88 लाख रुपये का ठगी किया गया। वहीं दूसरी ओर एल्यूमिनियम माल सप्लाई को लेकर 15 लाख रुपये की ठगी का ठगी किया गया।
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पुलिस के गिरफ्त में आरोपी
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
Raipur Crime: छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में ठगी का मामला बढ़ते जा रहा है। एक ओर शेयर ट्रेडिंग में मुनाफा कमाने के नाम से 88 लाख रुपये का ठगी किया गया। वहीं दूसरी ओर एल्यूमिनियम माल सप्लाई को लेकर 15 लाख रुपये की ठगी का ठगी किया गया। मामले में पुलिस ने शेयर ट्रेडिंग के नाम से ठगी करने वाला आरोपी चेन्नई और एल्यूमिनियम माल सप्लाई में ठगी कर एक साल से फरार आरोपी को गुजरात से गिरफ्तार किया गया है।
प्रार्थी रश्मि ने शेयर ट्रेडिंग में मुनाफा कमाने के नाम से उनसे 88 लाख रुपए की ठगी होने की रिपोर्ट रेंज साइबर थाना में दर्ज कराई थी। शिकायत के बाद पुलिस ने आरोपियों द्वारा उपयोग किए जा रहे बैंक खातों और मोबाइल नंबरों की ट्रांजैक्शन साथ ही आईपी की जानकारी प्राप्त की गई। इसके बाद पता चला कि पी हरिकिशोर सिंह बिहार निवासी, चेन्नई में जाकर सिम कार्ड, खाता अरेंज कर मुर्शिदाबाद वेस्ट बंगाल में अन्य साथियों के साथ मिलकर ठगी की घटना को अंजाम था। मामले में आरोपी के खिलाफ कर्नाटक बैंगलोर में भी रिपोर्ट दर्ज है। आरोपी को चेन्नई से गिरफ्तार कर न्यायिक अभिरक्षा में भेजा गया है। प्रकरण में 57 लाख रुपए बैंक खाता में होल्ड कराया गया है।
दूसरी ओर प्रार्थी ने देवेन्द्र नगर थाना में रिपोर्ट दर्ज कराया। उसने रिपोर्ट में बताया कि रायपुर के विशाल बिल्डर द्वारा एल्यूमिनियम कम्पोजिट पैनल, स्ट्रक्चर ग्लेजिंग, एयुमिनियम डोर्स और विन्डोज इत्यादि का काम करने के लिए वर्क ऑर्डर के संबंध में माल सप्लाई और काम के लिए वर्क ऑर्डर जयदेव दुआ जवाहर नगर वासना अहमदाबाद को दिया था। इस पर प्रार्थी ने 2019 में पांच लाख रुपये एडवांस दिया था, जिसके बाद जयदेव दुआ द्वारा कुछ माल भिजवाया था। इसके बाद कुछ दिनों बाद फिर 22 लाख 93 हजार 212 रुपये का इनवाईस भेजा।
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जिस पर प्रार्थी विश्वास करके 2019 में ही कुछ महीने बाद 10 लाख रुपये बतौर अग्रिम राशि जयदेव दुआ को दिया गया। इसके बाद जयदेव दुआ द्वारा न ही प्रार्थी को आश्वासन के अनुसार माल भेजा गया और ना ही साइट पर किसी भी प्रकार का काम किया गया। जयदेव दुआ द्वारा टाल मटोल किये जाने के कारण प्रार्थी को अपने फार्म को अन्य ठेकेदार से उपरोक्त साईट का कार्य करवाना पड़ा। मामले में शिकायत के बाद पुलिस ने आरोपी जयदेव दुआ को गुजरात से गिरफ्तार कर ट्रांजिट रिमाण्ड पर रायपुर लाया है।
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प्रार्थी रश्मि ने शेयर ट्रेडिंग में मुनाफा कमाने के नाम से उनसे 88 लाख रुपए की ठगी होने की रिपोर्ट रेंज साइबर थाना में दर्ज कराई थी। शिकायत के बाद पुलिस ने आरोपियों द्वारा उपयोग किए जा रहे बैंक खातों और मोबाइल नंबरों की ट्रांजैक्शन साथ ही आईपी की जानकारी प्राप्त की गई। इसके बाद पता चला कि पी हरिकिशोर सिंह बिहार निवासी, चेन्नई में जाकर सिम कार्ड, खाता अरेंज कर मुर्शिदाबाद वेस्ट बंगाल में अन्य साथियों के साथ मिलकर ठगी की घटना को अंजाम था। मामले में आरोपी के खिलाफ कर्नाटक बैंगलोर में भी रिपोर्ट दर्ज है। आरोपी को चेन्नई से गिरफ्तार कर न्यायिक अभिरक्षा में भेजा गया है। प्रकरण में 57 लाख रुपए बैंक खाता में होल्ड कराया गया है।
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दूसरी ओर प्रार्थी ने देवेन्द्र नगर थाना में रिपोर्ट दर्ज कराया। उसने रिपोर्ट में बताया कि रायपुर के विशाल बिल्डर द्वारा एल्यूमिनियम कम्पोजिट पैनल, स्ट्रक्चर ग्लेजिंग, एयुमिनियम डोर्स और विन्डोज इत्यादि का काम करने के लिए वर्क ऑर्डर के संबंध में माल सप्लाई और काम के लिए वर्क ऑर्डर जयदेव दुआ जवाहर नगर वासना अहमदाबाद को दिया था। इस पर प्रार्थी ने 2019 में पांच लाख रुपये एडवांस दिया था, जिसके बाद जयदेव दुआ द्वारा कुछ माल भिजवाया था। इसके बाद कुछ दिनों बाद फिर 22 लाख 93 हजार 212 रुपये का इनवाईस भेजा।
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जिस पर प्रार्थी विश्वास करके 2019 में ही कुछ महीने बाद 10 लाख रुपये बतौर अग्रिम राशि जयदेव दुआ को दिया गया। इसके बाद जयदेव दुआ द्वारा न ही प्रार्थी को आश्वासन के अनुसार माल भेजा गया और ना ही साइट पर किसी भी प्रकार का काम किया गया। जयदेव दुआ द्वारा टाल मटोल किये जाने के कारण प्रार्थी को अपने फार्म को अन्य ठेकेदार से उपरोक्त साईट का कार्य करवाना पड़ा। मामले में शिकायत के बाद पुलिस ने आरोपी जयदेव दुआ को गुजरात से गिरफ्तार कर ट्रांजिट रिमाण्ड पर रायपुर लाया है।