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धान खरीदी से पहले बड़ी राहत: एग्री-स्टेक पोर्टल में खसरा लिंक न होने पर किसान समितियों में करवा सकेंगे अपडेट
Fri, 28 Nov 2025 06:31 PM IST
अमन कोशले
अमर उजाला नेटवर्क, रायपुर
अमर उजाला नेटवर्क, रायपुर
Published by: अमन कोशले
Updated Fri, 28 Nov 2025 06:31 PM IST
सार
कई ऐसे किसान, जिनके सभी खसरे उनकी एग्री-स्टेक आईडी में प्रदर्शित नहीं हो रहे थे, अब सीधे अपने सहकारी समितियों में जाकर इन्हें अपडेट करवा सकेंगे।
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
आगामी धान खरीदी सीजन से पहले छत्तीसगढ़ सरकार ने किसानों की सुविधा के लिए एग्री-स्टेक पोर्टल में एक महत्वपूर्ण व्यवस्था लागू की है। कई ऐसे किसान, जिनके सभी खसरे उनकी एग्री-स्टेक आईडी में प्रदर्शित नहीं हो रहे थे, अब सीधे अपने सहकारी समितियों में जाकर इन्हें अपडेट करवा सकेंगे।
जिला खाद्य अधिकारियों ने बताया कि एग्री-स्टेक पोर्टल में पंजीकृत कई किसानों की जमीन के कुछ खसरे अब तक लिंक नहीं हुए हैं। शासन ने ऐसी प्रविष्टियों की पहचान कर समिति-वार सूची तैयार कर दी है, जिसे प्रत्येक समिति के नोटिस बोर्ड पर चस्पा कर दिया गया है। किसानों से कहा गया है कि वे इन सूचियों में अपना नाम देखकर अपने छूटे हुए खसरों का मिलान अवश्य करें।
किसानों को अपने खसरे लिंक करवाने के लिए सुबह 9 बजे से शाम 5 बजे तक संबंधित समिति के किसान सहायता केंद्र में जाना होगा, जहाँ समिति ऑपरेटर या ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी पूरा अपडेट करेंगे।
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खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 के लिए भारत सरकार ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि धान खरीदी के लिए किसान का एग्री-स्टेक पोर्टल में पंजीकृत होना अनिवार्य है। साथ ही उनके सभी खसरे (Form IDs) पोर्टल पर उपलब्ध फार्मर आईडी से जुड़े होने चाहिए।
कबीरधाम जिले में ऐसे 34,566 खसरे पाए गए हैं जो किसानों की आईडी से लिंक नहीं हो पाए हैं। अब किसान इन्हें स्वयं जाकर अपडेट करा सकते हैं, ताकि धान बेचने के समय किसी प्रकार की समस्या न हो।
जिला प्रशासन ने किसानों से अपील की है कि समय सीमा समाप्त होने से पहले समिति में पहुंचकर अपने दस्तावेजों का सत्यापन अवश्य कराएं, जिससे धान खरीदी के दौरान उनकी पात्रता और भुगतान की प्रक्रिया सुचारू बनी रहे।
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जिला खाद्य अधिकारियों ने बताया कि एग्री-स्टेक पोर्टल में पंजीकृत कई किसानों की जमीन के कुछ खसरे अब तक लिंक नहीं हुए हैं। शासन ने ऐसी प्रविष्टियों की पहचान कर समिति-वार सूची तैयार कर दी है, जिसे प्रत्येक समिति के नोटिस बोर्ड पर चस्पा कर दिया गया है। किसानों से कहा गया है कि वे इन सूचियों में अपना नाम देखकर अपने छूटे हुए खसरों का मिलान अवश्य करें।
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किसानों को अपने खसरे लिंक करवाने के लिए सुबह 9 बजे से शाम 5 बजे तक संबंधित समिति के किसान सहायता केंद्र में जाना होगा, जहाँ समिति ऑपरेटर या ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी पूरा अपडेट करेंगे।
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खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 के लिए भारत सरकार ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि धान खरीदी के लिए किसान का एग्री-स्टेक पोर्टल में पंजीकृत होना अनिवार्य है। साथ ही उनके सभी खसरे (Form IDs) पोर्टल पर उपलब्ध फार्मर आईडी से जुड़े होने चाहिए।
कबीरधाम जिले में ऐसे 34,566 खसरे पाए गए हैं जो किसानों की आईडी से लिंक नहीं हो पाए हैं। अब किसान इन्हें स्वयं जाकर अपडेट करा सकते हैं, ताकि धान बेचने के समय किसी प्रकार की समस्या न हो।
जिला प्रशासन ने किसानों से अपील की है कि समय सीमा समाप्त होने से पहले समिति में पहुंचकर अपने दस्तावेजों का सत्यापन अवश्य कराएं, जिससे धान खरीदी के दौरान उनकी पात्रता और भुगतान की प्रक्रिया सुचारू बनी रहे।