Chhattisgarh Encounter: सुकमा में नक्सलियों और सुरक्षाबलों के बीच मुठभेड़, दो नक्सली ढेर; तलाशी अभियान जारी
छत्तीसगढ़ के सुकमा जिले में नक्सलियों और सुरक्षाबलों के बीच मुठभेड़ जारी है। जिसमें दो नक्सलियों के मार गिराया गया है। पुलिस ने बताया कि दो नक्सलियों के शव और हथियार भी बरामद हुए हैं। तलाशी अभियान जारी है।
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जगदलपुर, सुकमा जिले के किस्टाराम गुण्डराजगुडे़म में हुए मुठभेड़ के बाद जवानों ने महिला नक्सली के साथ 2 शव बरामद किया गया, इसके अलावा खून के धब्बे और घसीटने के निशान भी देखा गया है, जिससे कि यह अनुमान लगाया जा रहा है कि नक्सलियों के साथियों ने उन्हें अपने साथ घसीट कर ले जाने की बात कही जा रही है, देखा जाए तो 60 दिनों में 67 नक्सलियों के शव पुलिस ने बरामद किया जा चुका है।
मामले के बारे में बताया जा रहा है कि जिला सुकमा के गुण्डराजगुडे़म में शनिवार की सुबह रुक रुक कर हुए मुठभेड़ के बाद जवानों ने जब इलाके की सर्चिंग की तो 1 महिला सहित कुल 2 नक्सलियों का शव एवं हथियार बरामद किया गया है। मारे गए नक्सलियों के शव का अबतक शिनाख्त नही हो पाया है, इसके अलावा मुठभेड़ स्थल व आस-पास क्षेत्रों की सुरक्षा बलों द्वारा सघन सर्चिंग किया जा रहा है, अधिकारियों ने बताया कि 28 फरवरी को जिला सुकमा के थाना किस्टाराम क्षेत्रांतर्गत नक्सलियों की सूचना पर सुकमा डीआरजी एवं कोबरा की संयुक्त पार्टी नक्सल विरोधी अभियान के लिए रवाना हुई थी, अभियान के दौरान 1 मार्च की सुबह लगभग 9 बजे गुण्डराजगुडे़म जंगल क्षेत्र में सुकमा डीआरजी टीम एवं सशस्त्र नक्सलियों के बीच रूक-रूक कई बार कर मुठभेड़ हुई, मुठभेड़ के बाद जब इलाके की सर्चिंग की गई तो 2 वर्दीधारी (1 महिला एवं 1 पुरूष ) नक्सली का शव के साथ ही हथियार सामग्री भी बरामद किया गया है।
बस्तर रेंज आईजी सुन्दरराज पी. के द्वारा बताया गया कि वर्ष 2024 में नक्सल विरोधी अभियान में मिले बढ़त को आगे बरकरार रखते हुये वर्ष 2025 में भी बस्तर संभाग अंतर्गत सुरक्षा बलों द्वारा प्रभावी रूप से प्रतिबंधित एवं गैर कानूनी सीपीआई नक्सली संगठन के विरूद्ध नक्सल विरोधी अभियान संचालित किये जाने के परिणाम स्वरूप 60 दिनों में बस्तर रेंज में कुल 67 हार्डकोर नक्सलियों के शव बरामद किये गये,
सरकार के मंशा के अनुसार और जनता की इच्छा के अनुसार पुलिस मुख्यालय के मार्गदर्शन में बस्तर रेंज में तैनात DRG/STF/CoBRA/CRPF/BSF/ITBP/CAF/ Bastar Fighters & अन्य समस्त सुरक्षा बल सदस्यों द्वारा मजबूत मनोबल एवं स्पष्ट लक्ष्य के साथ बस्तर क्षेत्र की शांति, सुरक्षा व विकास हेतु समर्पित होकर कार्य किया जा रहा है, प्रतिबंधित एवं गैर कानूनी सीपीआई नक्सली संगठन के पास अब हिंसा छोड़कर आत्मसमर्पण करने के अलावा और कोई विकल्प नही बचा है, इसलिए नक्सली संगठन से अपील की गई है कि वे तत्काल हिंसात्मक गतिविधियों को छोड़कर समाज की मुख्य धारा में जुडे़ अन्यथा परिणाम भुगतने को तैयार रहे।
पुलिस अधीक्षक सुकमा किरण चव्हाण ने बताया कि मुठभेड़ स्थल के मौके पर खून के धब्बे एवं घसीटने के निशान से कई और नक्सलियों के मारे जाने एवं घायल होने की संभावना को देखते हुए आस पास के क्षेत्र में सुरक्षा बलों द्वारा सर्च अभियान जारी है।