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धमतरी में बदलेगी पर्यटन की सूरत: कलेक्टर ने होटल ऑपरेटर्स संग बनाई योजना, बढ़ेंगे रोजगार के मौके
Wed, 09 Sep 2026 11:48 AM IST
धमतरी ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, धमतरी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, धमतरी
Published by: धमतरी ब्यूरो
Updated Wed, 09 Sep 2026 11:48 AM IST
सार
धमतरी अब सिर्फ प्राकृतिक पर्यटन के लिए नहीं, बल्कि धार्मिक और ऐतिहासिक पर्यटन के नए केंद्र के रूप में विकसित होगा। प्रशासन ने होटल और टूर ऑपरेटर्स के साथ बैठक कर कैंपिंग, ट्रैकिंग, होमस्टे और डिजिटल प्रमोशन की रणनीति तैयार की है।
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धमतरी को पर्यटन क्षेत्र में विकसित करने को लेकर कलेक्टर ने ली बैठक
विस्तार
धमतरी में प्राकृतिक खूबसूरती, जलाशयों और पहाड़ियों से लेकर मंदिरों, गांधीवादी इतिहास और प्राचीन सांस्कृतिक विरासत तक पर्यटन की बेशुमार संभावनाएं हैं। अब इन्हें व्यवस्थित रूप से विकसित करने की तैयारी है। जिला प्रशासन ने पर्यटन को केवल घूमने-फिरने तक सीमित न रखते हुए इसे रोजगार, स्थानीय कारोबार और ग्रामीण अर्थव्यवस्था से जोड़ने की दिशा में कदम बढ़ाया है।
कलेक्टर अबिनाश मिश्रा ने होटल एवं टूर ऑपरेटर्स एसोसिएशन के पदाधिकारियों और सदस्यों के साथ बैठक कर जिले में पर्यटन गतिविधियों के विस्तार पर मंथन किया। बैठक में होटल, रिसॉर्ट और टूर संचालन से जुड़े लोगों ने अपने अनुभव, समस्याएं और नए पर्यटन प्रोजेक्ट की संभावनाएं साझा कीं।
विरासत को ब्रांड बनाने पर जोर
कलेक्टर ने कहा कि धमतरी शहर और जिले की पहचान केवल प्राकृतिक पर्यटन तक सीमित नहीं है। शहर में ही सात-आठ प्रमुख मंदिर हैं, जिनमें कुछ मंदिर करीब 700 वर्ष पुराने हैं। रुद्रेश्वर मंदिर, कुलेश्वर महादेव मंदिर, राम टेकरी की प्राचीन सांस्कृतिक धरोहर, गांधीजी के नेतृत्व में हुए कंडेल और जंगल सत्याग्रह तथा प्रदेश का एकमात्र गांधी मंदिर धमतरी को ऐतिहासिक और सांस्कृतिक पर्यटन का भी महत्वपूर्ण केंद्र बनाते हैं। उन्होंने कहा कि इन सभी स्थलों को जोड़कर धार्मिक, ऐतिहासिक, सांस्कृतिक, प्राकृतिक और साहसिक पर्यटन के अलग-अलग सर्किट विकसित किए जा सकते हैं।
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गंगरेल के बाद रुद्री में कयाकिंग
कलेक्टर ने बताया कि पिछले पौने तीन वर्षों में जिले के पर्यटन स्थलों पर बुनियादी सुविधाओं, पहुंच मार्ग, स्वच्छता और सौंदर्यीकरण के साथ जल एवं साहसिक पर्यटन को बढ़ावा देने के प्रयास किए गए हैं। गंगरेल में जल पर्यटन गतिविधियों के विस्तार के साथ रुद्री डैम में कयाकिंग अकादमी जैसी पहल पर्यटन के नए अवसर खोल रही है।
ये भी पढ़ें: 25 वर्षीय युवक ने फांसी लगाकर दी जान: पिता बोले- पहले भी देता था आत्महत्या की धमकी; कुछ महीने पहले हुई थी शादी
उन्होंने कहा कि कैंपिंग एरिया विकसित होने से पर्यटकों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि हो सकती है। इसके लिए करीब एक एकड़ क्षेत्र उपलब्ध कराने की दिशा में पहल की जाएगी। हरफर और तिर्रा में भी कैंपिंग के लिए स्थल विकसित करने पर सहमति बनी।
मोहेरा में ट्रैकिंग और कैंपिंग की संभावना
कलेक्टर ने होटल एवं रिसॉर्ट संचालकों से पर्यटन क्षेत्र में नए प्रयोग और निवेश के सुझाव मांगे। उन्होंने जिले के सभी टूर ऑपरेटर्स को प्रमुख पर्यटन स्थलों का भ्रमण कर वहां की संभावनाओं को समझने और नए पर्यटन पैकेज तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि महानदी के किनारे बसे मोहेरा गांव में भी ट्रैकिंग और कैंपिंग की संभावनाएं तलाश की जा सकती हैं। पर्यटन स्थलों के आसपास स्थानीय स्तर पर रोजगार और व्यवसाय के अवसर तैयार करने पर भी जोर दिया गया।
पर्यटन की डिजिटल ब्रांडिंग
बैठक में पर्यटन की डिजिटल ब्रांडिंग को लेकर भी महत्वपूर्ण चर्चा हुई। कलेक्टर ने कहा कि जिले के पर्यटन स्थलों की जानकारी होटल, रेलवे स्टेशन और एयरपोर्ट जैसे प्रमुख स्थानों पर उपलब्ध कराई जानी चाहिए, ताकि बाहर से आने वाले लोगों को धमतरी के पर्यटन स्थलों की जानकारी आसानी से मिल सके। उन्होंने जिले के चुनिंदा स्थानों पर लग्जरी होमस्टे विकसित करने का सुझाव भी दिया। इसके साथ ही होटल और रिसॉर्ट का सोशल मीडिया के माध्यम से व्यापक प्रचार तथा पर्यटकों के लिए ऑनलाइन होटल बुकिंग की सुविधा उपलब्ध कराने पर जोर दिया।
कलेक्टर ने होटल एवं टूर ऑपरेटर्स से कहा कि पर्यटन क्षेत्र में नए प्रोजेक्ट या गतिविधियों से संबंधित कोई भी प्रस्ताव जिला प्रशासन के समक्ष लाया जाता है तो उसे आगे बढ़ाने में हरसंभव सहयोग किया जाएगा। उन्होंने कहा कि प्रशासन और निजी क्षेत्र की साझेदारी से धमतरी को ऐसा पर्यटन गंतव्य बनाया जा सकता है, जहां पर्यटक सिर्फ आएं नहीं, बल्कि यहां रुकें, स्थानीय उत्पादों और सेवाओं का उपयोग करें और बेहतर अनुभव लेकर लौटें।
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कलेक्टर अबिनाश मिश्रा ने होटल एवं टूर ऑपरेटर्स एसोसिएशन के पदाधिकारियों और सदस्यों के साथ बैठक कर जिले में पर्यटन गतिविधियों के विस्तार पर मंथन किया। बैठक में होटल, रिसॉर्ट और टूर संचालन से जुड़े लोगों ने अपने अनुभव, समस्याएं और नए पर्यटन प्रोजेक्ट की संभावनाएं साझा कीं।
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विरासत को ब्रांड बनाने पर जोर
कलेक्टर ने कहा कि धमतरी शहर और जिले की पहचान केवल प्राकृतिक पर्यटन तक सीमित नहीं है। शहर में ही सात-आठ प्रमुख मंदिर हैं, जिनमें कुछ मंदिर करीब 700 वर्ष पुराने हैं। रुद्रेश्वर मंदिर, कुलेश्वर महादेव मंदिर, राम टेकरी की प्राचीन सांस्कृतिक धरोहर, गांधीजी के नेतृत्व में हुए कंडेल और जंगल सत्याग्रह तथा प्रदेश का एकमात्र गांधी मंदिर धमतरी को ऐतिहासिक और सांस्कृतिक पर्यटन का भी महत्वपूर्ण केंद्र बनाते हैं। उन्होंने कहा कि इन सभी स्थलों को जोड़कर धार्मिक, ऐतिहासिक, सांस्कृतिक, प्राकृतिक और साहसिक पर्यटन के अलग-अलग सर्किट विकसित किए जा सकते हैं।
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गंगरेल के बाद रुद्री में कयाकिंग
कलेक्टर ने बताया कि पिछले पौने तीन वर्षों में जिले के पर्यटन स्थलों पर बुनियादी सुविधाओं, पहुंच मार्ग, स्वच्छता और सौंदर्यीकरण के साथ जल एवं साहसिक पर्यटन को बढ़ावा देने के प्रयास किए गए हैं। गंगरेल में जल पर्यटन गतिविधियों के विस्तार के साथ रुद्री डैम में कयाकिंग अकादमी जैसी पहल पर्यटन के नए अवसर खोल रही है।
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उन्होंने कहा कि कैंपिंग एरिया विकसित होने से पर्यटकों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि हो सकती है। इसके लिए करीब एक एकड़ क्षेत्र उपलब्ध कराने की दिशा में पहल की जाएगी। हरफर और तिर्रा में भी कैंपिंग के लिए स्थल विकसित करने पर सहमति बनी।
मोहेरा में ट्रैकिंग और कैंपिंग की संभावना
कलेक्टर ने होटल एवं रिसॉर्ट संचालकों से पर्यटन क्षेत्र में नए प्रयोग और निवेश के सुझाव मांगे। उन्होंने जिले के सभी टूर ऑपरेटर्स को प्रमुख पर्यटन स्थलों का भ्रमण कर वहां की संभावनाओं को समझने और नए पर्यटन पैकेज तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि महानदी के किनारे बसे मोहेरा गांव में भी ट्रैकिंग और कैंपिंग की संभावनाएं तलाश की जा सकती हैं। पर्यटन स्थलों के आसपास स्थानीय स्तर पर रोजगार और व्यवसाय के अवसर तैयार करने पर भी जोर दिया गया।
पर्यटन की डिजिटल ब्रांडिंग
बैठक में पर्यटन की डिजिटल ब्रांडिंग को लेकर भी महत्वपूर्ण चर्चा हुई। कलेक्टर ने कहा कि जिले के पर्यटन स्थलों की जानकारी होटल, रेलवे स्टेशन और एयरपोर्ट जैसे प्रमुख स्थानों पर उपलब्ध कराई जानी चाहिए, ताकि बाहर से आने वाले लोगों को धमतरी के पर्यटन स्थलों की जानकारी आसानी से मिल सके। उन्होंने जिले के चुनिंदा स्थानों पर लग्जरी होमस्टे विकसित करने का सुझाव भी दिया। इसके साथ ही होटल और रिसॉर्ट का सोशल मीडिया के माध्यम से व्यापक प्रचार तथा पर्यटकों के लिए ऑनलाइन होटल बुकिंग की सुविधा उपलब्ध कराने पर जोर दिया।
कलेक्टर ने होटल एवं टूर ऑपरेटर्स से कहा कि पर्यटन क्षेत्र में नए प्रोजेक्ट या गतिविधियों से संबंधित कोई भी प्रस्ताव जिला प्रशासन के समक्ष लाया जाता है तो उसे आगे बढ़ाने में हरसंभव सहयोग किया जाएगा। उन्होंने कहा कि प्रशासन और निजी क्षेत्र की साझेदारी से धमतरी को ऐसा पर्यटन गंतव्य बनाया जा सकता है, जहां पर्यटक सिर्फ आएं नहीं, बल्कि यहां रुकें, स्थानीय उत्पादों और सेवाओं का उपयोग करें और बेहतर अनुभव लेकर लौटें।