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धमतरी: धान खरीदी में अनियमितताओं और फर्जीवाड़े पर रहेगी प्रशासन की कड़ी नजर, दोषियों पर होगी सख्त कार्रवाई

Wed, 04 Nov 2026 09:22 PM IST
धमतरी ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, धमतरी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, धमतरी Published by: धमतरी ब्यूरो Updated Wed, 04 Nov 2026 09:22 PM IST
सार

धमतरी में खरीफ विपणन वर्ष 2026-27 की धान खरीदी के लिए प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। 108 केंद्रों पर खरीदी होगी। अवैध परिवहन रोकने के लिए सीसीटीवी, जांच नाके और फर्जी पंजीयन पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।

 

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The administration will keep a close watch on irregularities and fraud in paddy procurement.
कलेक्टर ने अधिकारियों की ली बैठक

विस्तार

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खरीफ विपणन वर्ष 2026-27 में समर्थन मूल्य पर धान खरीदी की प्रक्रिया को पारदर्शी, सुव्यवस्थित और किसान हितैषी बनाने के लिए जिला प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। धान खरीदी में अनियमितता, फर्जीवाड़े, अवैध परिवहन और बिचौलियों की भूमिका पर अंकुश लगाने के उद्देश्य से कलेक्टर अबिनाश मिश्रा ने संबंधित विभागों के अधिकारियों की बैठक लेकर तैयारियों की विस्तृत समीक्षा की।

कलेक्टर ने स्पष्ट किया कि धान खरीदी शासन की महत्वपूर्ण प्राथमिकता है। इसमें किसी भी स्तर पर लापरवाही, मिलीभगत या अनियमितता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने वास्तविक किसानों से ही धान की खरीदी सुनिश्चित करने और छोटे एवं सीमांत किसानों को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए।

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जिले में इस वर्ष 96 सहकारी समितियों के अंतर्गत 108 धान उपार्जन केंद्रों के माध्यम से खरीदी की जाएगी। खरीदी व्यवस्था को अधिक सुलभ बनाने के लिए पांच नई सहकारी समितियां पंजीकृत की गई हैं और आठ नए धान उपार्जन केंद्र भी स्थापित किए गए हैं।

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कलेक्टर ने सभी उपार्जन केंद्रों पर किसानों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए आवश्यक व्यवस्थाएं समय-सीमा में पूरी करने के निर्देश दिए। उन्होंने पर्याप्त कर्मचारियों, हमालों और अन्य जरूरी मानव संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित करने को कहा। जिन केंद्रों पर कर्मचारियों की कमी है, वहां नियमानुसार भर्ती प्रक्रिया जल्द पूरी करने के निर्देश दिए। साथ ही किसानों के लिए छाया, पेयजल, बैठने और अन्य बुनियादी सुविधाओं की व्यवस्था करने पर भी जोर दिया।

सीसीटीवी कैमरों से होगी निगरानी, जांच नाकों पर पकड़ा जाएगा अवैध धान परिवहन
धान के अवैध परिवहन और कोचियों एवं बिचौलियों की गतिविधियों पर नियंत्रण के लिए कलेक्टर ने मुख्य मार्गों, बोरई सहित अन्य संवेदनशील स्थानों पर सीसीटीवी कैमरे लगाने और जांच नाके स्थापित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि यह व्यवस्था आगामी दो दिनों के भीतर अनिवार्य रूप से शुरू हो जानी चाहिए। सीमावर्ती क्षेत्रों और धान परिवहन के प्रमुख मार्गों पर विशेष निगरानी रखी जाएगी। अवैध रूप से धान का परिवहन करते पाए जाने पर संबंधित वाहन और धान जब्त करने की कार्रवाई की जाएगी। जब्त वाहनों को तीन से चार माह बाद ही नियमानुसार छोड़ने के निर्देश दिए गए। कलेक्टर ने अधिकारियों को आपसी समन्वय के साथ नियमित जांच और निगरानी करने को कहा।

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फर्जी पंजीयन पर होगी कार्रवाई, पंचायतों से कराया जाएगा सत्यापन
किसानों के पंजीयन की समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने ग्राम पंचायतों के माध्यम से पंजीयन का सत्यापन कराने और वास्तविक किसानों की पहचान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पंजीयन में गड़बड़ी, दूसरे के नाम पर धान बेचने या फर्जी दस्तावेजों के आधार पर उपार्जन का प्रयास करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। ऐसे मामलों में संलिप्त पाए जाने वाले लोगों के साथ ही अनियमितताओं में सहयोग करने वाले संबंधित व्यक्तियों की जिम्मेदारी भी तय की जाएगी।

टोकन व्यवस्था में छोटे किसानों को प्राथमिकता
बैठक में टोकन व्यवस्था की समीक्षा के दौरान कलेक्टर ने छोटे एवं सीमांत किसानों को प्राथमिकता के आधार पर टोकन जारी करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि किसानों को अनावश्यक इंतजार न करना पड़े और उपार्जन केंद्रों पर भीड़ एवं अव्यवस्था की स्थिति न बने, इसका विशेष ध्यान रखा जाए। खरीदी से संबंधित सभी प्रक्रियाओं का निर्धारित दिशा-निर्देशों के अनुसार पालन किया जाए। कलेक्टर ने अधिकारियों को धान खरीदी की पूरी अवधि के दौरान नियमित निरीक्षण, सतत निगरानी और प्रभावी मॉनिटरिंग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी स्तर पर लापरवाही पाए जाने पर संबंधित अधिकारी-कर्मचारी की जवाबदेही तय की जाएगी। उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन का उद्देश्य वास्तविक किसानों को उनकी उपज का समर्थन मूल्य सहज, पारदर्शी और समयबद्ध तरीके से दिलाना है। इसके लिए सभी संबंधित विभाग पूरी तत्परता, जिम्मेदारी और आपसी समन्वय के साथ काम करें।

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