महादेव बेटिंग एप: सौरभ चंद्राकर के बाद अब सह-संस्थापक रवि उप्पल दुबई में गिरफ्तार, भारत लाने की तैयारी तेज
महादेव बेटिंग एप के सह-संस्थापक रवि उप्पल को इंटरपोल रेड नोटिस के आधार पर दुबई में गिरफ्तार किया गया है। भारत सरकार उसके प्रत्यर्पण की कोशिश कर रही है। इससे पहले एप के कथित प्रमोटर सौरभ चंद्राकर को ओमान से भारत लाया गया था।
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महादेव बेटिंग एप मामले में भारतीय जांच एजेंसियों को बड़ी सफलता मिली है। एप के सह-संस्थापक रवि उप्पल को दुबई में गिरफ्तार किया गया है। अब भारत सरकार उसके प्रत्यर्पण की कोशिश कर रही है। यह गिरफ्तारी भारतीय जांच एजेंसियों की ओर से जारी इंटरपोल रेड नोटिस के आधार पर हुई है।
रवि उप्पल छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले के भिलाई शहर का रहने वाला है। उसकी गिरफ्तारी ऐसे समय हुई है, जब महादेव बेटिंग एप के कथित प्रमोटर सौरभ चंद्राकर को भारत लाया जा चुका है। सौरभ चंद्राकर को एक नवंबर को सीबीआई की टीम ओमान से भारत लेकर आई थी। ओमान की एक अदालत ने मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में उसके प्रत्यर्पण की अनुमति दी थी। महादेव बेटिंग एप मामले की जांच प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) कर रहा है। केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) भी इस मामले में शामिल है। अब रवि उप्पल के प्रत्यर्पण की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है।
ओमान से हुई थी सौरभ चंद्राकर गिरफ्तारी
बता दें कि इससे पहले मुख्य आरोपी सौरभ चंद्राकर को रेड कॉर्नर नोटिस के आधार पर 8 जुलाई 2026 को ओमान की रॉयल पुलिस ने गिरफ्तार किया था। इसके बाद सीबीआई और ईडी ने भारत सरकार के जरिए ओमान को प्रत्यर्पण का औपचारिक प्रस्ताव भेजा। इसके साथ ही ओमान पुलिस को गड़बड़ी से जुड़े सारे सबूत भी दिये गये। भारत सरकार की एजेंसी, इंटरपोल और ओमान के अधिकारियों के बीच बातचीत के बाद प्रत्यर्पण को मंजूरी मिली। फिर सीबीआई टीम ओमान की राजधानी मस्कट पहुंची। जरूरी कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद टीम एक नवंबर को सौरभ चंद्राकर को लेकर भारत पहुंची।