सीजी: धमतरी पुलिस को बड़ी सफलता, सात साल पुराने अपहरण और दुष्कर्म के मामले में आरोपी गिरफ्तार
धमतरी पुलिस ने वर्ष 2019 के अपहरण और दुष्कर्म के मामले में सात साल से फरार आरोपी को रायपुर से गिरफ्तार किया है। अलीगढ़ से नाबालिग पीड़िता को सकुशल बरामद किया गया। न्यायालय ने आरोपी को न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया।
विस्तार
धमतरी पुलिस ने वर्ष 2019 के एक गंभीर मामले में करीब सात साल से फरार चल रहे आरोपी को रायपुर से गिरफ्तार किया है। वहीं, पुलिस की दूसरी टीम ने उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ जिले से नाबालिग पीड़िता को सकुशल बरामद किया है। आरोपी को न्यायालय में पेश करने के बाद न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया है।
पुलिस के अनुसार, मामला धमतरी के सिटी कोतवाली थाना क्षेत्र का है। आरोपी दीपक कुमार उर्फ दयालु (33) उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ जिले के हरदुआगंज थाना क्षेत्र के ग्राम बुढ़ाँसी का निवासी है। वह वर्ष 2019 से फरार चल रहा था।
आरोपी की तलाश के लिए धमतरी पुलिस की विशेष टीम ने तकनीकी जानकारी और मुखबिर तंत्र की मदद ली। आरोपी की लोकेशन मिलने के बाद पुलिस ने रायपुर में दबिश देकर उसे गिरफ्तार कर लिया। दूसरी टीम ने उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ जिले में कार्रवाई करते हुए नाबालिग पीड़िता को सकुशल बरामद किया।
अपहरण के मामले में दर्ज हुआ था केस
पुलिस के मुताबिक, वर्ष 2019 में एक नाबालिग बालिका के लापता होने पर सिटी कोतवाली थाने में गुम इंसान का मामला दर्ज किया गया था। इसके बाद अपराध क्रमांक 71/2019 के तहत भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धारा 363 के अंतर्गत अपहरण का मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई। बाद में यह अपराध क्रमांक 74/2019 के रूप में दर्ज हुआ।
विवेचना के दौरान पीड़िता के बयान और पुलिस को मिले साक्ष्यों के आधार पर सामने आया कि आरोपी ने नाबालिग को शादी का झांसा देकर अपने साथ ले गया था और उसका शारीरिक शोषण कर रहा था। इसके बाद मामले में आईपीसी की धारा 366, 376(2)(i)(n) और पॉक्सो एक्ट की धारा 4 और 6 भी जोड़ी गईं।
विशेष न्यायालय ने आरोपी को जेल भेजा
रायपुर से गिरफ्तार आरोपी को धमतरी के विशेष न्यायालय (फास्ट ट्रैक कोर्ट) में पेश किया गया। न्यायालय ने उसे न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया। इस कार्रवाई पर पुलिस अधीक्षक भावना पांडेय ने पुलिस टीम की सराहना की। कार्रवाई में सिटी कोतवाली थाने की महिला सहायक उपनिरीक्षक पुष्पा पांडेय, आरक्षक गजेंद्र टंडन और महिला आरक्षक मीनाक्षी साहू का विशेष योगदान रहा।