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Rajnandgaon: थानों में खुलेंगे 'सियान डेस्क', बुजुर्गों की समस्याओं को करेंगे दूर
Fri, 14 Oct 2022 07:11 PM IST
मोहनीश श्रीवास्तव
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, राजनांदगांव
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, राजनांदगांव
Published by: मोहनीश श्रीवास्तव
Updated Fri, 14 Oct 2022 07:11 PM IST
सार
छत्तीसगढ़ सरकार के निर्देश पर बुजुर्गों की सुविधा के लिए अब हर थानों में एक विशेष डेस्क की शुरुआत की जा रही है। इसे सियान डेस्क का नाम दिया गया है।
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राजनांदगांव के थाने में खोली गई सियान डेस्क
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव पुलिस एक अनोखी पहल करने जा रही है। इसके तहत जिले के सभी थानों ने सियान डेस्क खोली जाएगी। इसका मकसद थाने आने वाले बुजुर्गों की समस्याओं को दूर करना होगा। खास बात यह है कि इस दौरान अकेले रहने वाले बुजुर्गों को लेकर विशेष सावधानी बरती जाएगी। इसकी जिम्मेदारी भी डेस्क की होगी।
दरअसल, थाने आने और अपनी समस्याएं बताने से बुजुर्ग बचते हैं। इससे भी ज्यादा समस्या उन बुजुर्गों की है, जो अकेले रहते हैं। ऐसे में उनके आपराधिक घटनाओं का शिकार होना ज्यादा आसान होता है। इसे देखते हुए राज्य सरकार ने सभी थानों में सियान डेस्क बनाने के निर्देश दिए हैं। इसी के तहत राजनांदगांव से इसकी शुरुआत की गई है। इसके जरिए जहां थाने में आने वाले बुजुर्गों की समस्या सुनने और उसके निराकरण के लिए एक स्पेशल अधिकारी नियुक्त रहेगा, वहीं उनके घर भी जाकर पुलिसकर्मी निगरानी रख सकेंगे।
एडिशनल एसपी लखन पटले ने बताया कि बुजुर्गों की सुविधा को देखते हुए इसे शुरू किया जा रहा है। कई बुजुर्ग अकेले रहते हैं। उनके बेटा या बेटी बाहर चले गए हैं या फिर कहीं और जॉब करते हैं। ऐसे में अकेले रहने वाले बुजुर्गों की देखभाल की ज्यादा जरूरत होती है। वह आपराधिक वारदातों के शिकार न हों, इसका भी विशेष रूप से ध्यान रखा जाएगा।
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दरअसल, थाने आने और अपनी समस्याएं बताने से बुजुर्ग बचते हैं। इससे भी ज्यादा समस्या उन बुजुर्गों की है, जो अकेले रहते हैं। ऐसे में उनके आपराधिक घटनाओं का शिकार होना ज्यादा आसान होता है। इसे देखते हुए राज्य सरकार ने सभी थानों में सियान डेस्क बनाने के निर्देश दिए हैं। इसी के तहत राजनांदगांव से इसकी शुरुआत की गई है। इसके जरिए जहां थाने में आने वाले बुजुर्गों की समस्या सुनने और उसके निराकरण के लिए एक स्पेशल अधिकारी नियुक्त रहेगा, वहीं उनके घर भी जाकर पुलिसकर्मी निगरानी रख सकेंगे।
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एडिशनल एसपी लखन पटले ने बताया कि बुजुर्गों की सुविधा को देखते हुए इसे शुरू किया जा रहा है। कई बुजुर्ग अकेले रहते हैं। उनके बेटा या बेटी बाहर चले गए हैं या फिर कहीं और जॉब करते हैं। ऐसे में अकेले रहने वाले बुजुर्गों की देखभाल की ज्यादा जरूरत होती है। वह आपराधिक वारदातों के शिकार न हों, इसका भी विशेष रूप से ध्यान रखा जाएगा।
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