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CG: सहकारिता मंत्री कश्यप ने केंद्रीय राज्यमंत्री से की मुलाकात, उपलब्धियों और मांगों पर हुई विस्तार से चर्चा
Tue, 25 Mar 2025 08:29 PM IST
अमन कोशले
अमर उजाला नेटवर्क, रायपुर
अमर उजाला नेटवर्क, रायपुर
Published by: अमन कोशले
Updated Tue, 25 Mar 2025 08:29 PM IST
सार
छत्तीसगढ़ के सहकारिता मंत्री केदार कश्यप ने आज दिल्ली में केंद्रीय सहकारिता राज्य मंत्री मुरलीधर मोहोल से सौजन्य भेंट की।
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सहकारिता मंत्री कश्यप ने केंद्रीय राज्यमंत्री से की मुलाकात
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
छत्तीसगढ़ के सहकारिता मंत्री केदार कश्यप ने आज दिल्ली में केंद्रीय सहकारिता राज्य मंत्री मुरलीधर मोहोल से सौजन्य भेंट की। इस दौरान अपर मुख्य सचिव सहकारिता छत्तीसगढ़ शासन सुब्रत साहू, आयुक्त सहकारिता एवं पंजीयक सहकारी संस्थाएं कुलदीप शर्मा तथा भारत सरकार के सहकारिता मंत्रालय के प्रतिनिधि उपस्थित रहे। बैठक में छत्तीसगढ़ की सहकारी क्षेत्र में उपलब्धियों, चुनौतियों और आवश्यकताओं पर विस्तृत चर्चा हुई।
मंत्री केदार कश्यप ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ में सहकारिता को मजबूत बनाने के लिए किए जा रहे कार्यों के बारे में केंद्रीय राज्य मंत्री मोहोल को विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के “सहकार से समृद्धि” विजन को साकार करने में छत्तीसगढ़ तेजी से आगे बढ़ रहा है।
मंत्री कश्यप ने बताया कि छत्तीसगढ़ में सहकारी समितियों के आधुनिकीकरण के लिए 2028 पैक्स का चयन किया गया है। इसके अलावा, शेष 30 पैक्स और प्रस्तावित 500 नए पैक्स के लिए शीघ्र स्वीकृति प्रदान करने की मांग की गई। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार ने 8500 करोड़ रुपये के अल्पकालिक कृषि ऋण वितरण का लक्ष्य रखा था, जिसमें से अब तक 7709 करोड़ रुपये वितरित किए जा चुके हैं। हालांकि, नाबार्ड द्वारा केवल 1150 करोड़ रुपये का ही रियायती पुनर्वित्त उपलब्ध कराया गया है, जो कुल ऋण का मात्र 14.9 प्रतिशत है। इस अनुपात को बढ़ाकर 45 प्रतिशत तक करने की मांग की गई।
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उन्होंने केंद्र सरकार से राज्य के शक्कर बिक्री मासिक कोटा प्रणाली में छूट देकर अधिक मात्रा में बिक्री की अनुमति प्रदान करने का आग्रह किया ताकि गन्ना किसानों का भुगतान तेजी से हो सके। सरदार वल्लभभाई पटेल सहकारी शक्कर कारखाना, पंडरिया द्वारा लिए गए टर्म लोन पर 84.79 लाख रुपये के विलंबित ब्याज को माफ करने का अनुरोध किया गया। अंतर्राष्ट्रीय सहकारिता वर्ष 2025 में छत्तीसगढ़ की भागीदारी के लिए छत्तीसगढ़ को एक्सपोजर विजिट में शामिल करने का भी आग्रह किया गया।
छत्तीसगढ़ सरकार ने सहकारिता के माध्यम से ग्रामीण और आदिवासी क्षेत्रों में आर्थिक विकास को गति देने की कई पहल की है, जिसमें जनजातीय परिवारों के लिए दुग्ध सहकारिता योजना के तहत 6 जिलों में 325 परिवारों को 650 दुधारू पशु उपलब्ध कराने की योजना तैयार की गई है। नाबार्ड की आरआईडीएफ योजना के तहत राज्य में 725 गोदामों का निर्माण किया जा रहा है, जिसमें से 665 पूर्ण हो चुके हैं। राज्य के 28 पैक्स में जनऔषधि केंद्र संचालित किए जा रहे हैं, जिनमें से 25 हाल ही में स्थापित किए गए हैं। 2029 पैक्स में कॉमन सर्विस सेंटर स्थापित किए गए हैं, जिनमें से 1103 हाल ही में शुरू किए गए हैं।
मंत्री कश्यप ने कहा कि राज्य सरकार जैविक खेती और वन उत्पादों के सहकारी विपणन को प्रोत्साहित कर रही है। छत्तीसगढ़ राज्य सहकारी लघु वनोपज संघ के माध्यम से 22 लघु वनोपजों का जैविक प्रमाणन प्राप्त किया गया है। छत्तीसगढ़ ने सभी पैक्स का एनसीसीएफ पोर्टल पर पंजीयन पूरा कर लिया है। सहकारी समितियों में माइक्रो एटीएम की स्थापना कर धान उपार्जन के दौरान 116 करोड़ रुपये का लेन-देन किया गया है। पिछले 6 महीनों में 2.50 लाख किसानों को केसीसी कार्ड वितरित किए गए हैं। राज्य के सभी पैक्स में पीएम किसान समृद्धि केंद्र स्थापित किए गए हैं, जहां से 1760.34 करोड़ रुपये का लेन-देन किया गया है।
मंत्री केदार कश्यप ने केंद्रीय मंत्री मुरलीधर मोहोल से छत्तीसगढ़ की मांगों को पूरा करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि सहकारिता के माध्यम से राज्य में कृषि, ग्रामीण विकास और आर्थिक सशक्तिकरण के लिए कई योजनाएं सफलतापूर्वक क्रियान्वित की जा रही हैं। केंद्र सरकार से अपेक्षित सहयोग मिलने पर इन योजनाओं को और अधिक प्रभावी तरीके से लागू किया जा सकेगा।
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मंत्री केदार कश्यप ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ में सहकारिता को मजबूत बनाने के लिए किए जा रहे कार्यों के बारे में केंद्रीय राज्य मंत्री मोहोल को विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के “सहकार से समृद्धि” विजन को साकार करने में छत्तीसगढ़ तेजी से आगे बढ़ रहा है।
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मंत्री कश्यप ने बताया कि छत्तीसगढ़ में सहकारी समितियों के आधुनिकीकरण के लिए 2028 पैक्स का चयन किया गया है। इसके अलावा, शेष 30 पैक्स और प्रस्तावित 500 नए पैक्स के लिए शीघ्र स्वीकृति प्रदान करने की मांग की गई। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार ने 8500 करोड़ रुपये के अल्पकालिक कृषि ऋण वितरण का लक्ष्य रखा था, जिसमें से अब तक 7709 करोड़ रुपये वितरित किए जा चुके हैं। हालांकि, नाबार्ड द्वारा केवल 1150 करोड़ रुपये का ही रियायती पुनर्वित्त उपलब्ध कराया गया है, जो कुल ऋण का मात्र 14.9 प्रतिशत है। इस अनुपात को बढ़ाकर 45 प्रतिशत तक करने की मांग की गई।
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उन्होंने केंद्र सरकार से राज्य के शक्कर बिक्री मासिक कोटा प्रणाली में छूट देकर अधिक मात्रा में बिक्री की अनुमति प्रदान करने का आग्रह किया ताकि गन्ना किसानों का भुगतान तेजी से हो सके। सरदार वल्लभभाई पटेल सहकारी शक्कर कारखाना, पंडरिया द्वारा लिए गए टर्म लोन पर 84.79 लाख रुपये के विलंबित ब्याज को माफ करने का अनुरोध किया गया। अंतर्राष्ट्रीय सहकारिता वर्ष 2025 में छत्तीसगढ़ की भागीदारी के लिए छत्तीसगढ़ को एक्सपोजर विजिट में शामिल करने का भी आग्रह किया गया।
छत्तीसगढ़ सरकार ने सहकारिता के माध्यम से ग्रामीण और आदिवासी क्षेत्रों में आर्थिक विकास को गति देने की कई पहल की है, जिसमें जनजातीय परिवारों के लिए दुग्ध सहकारिता योजना के तहत 6 जिलों में 325 परिवारों को 650 दुधारू पशु उपलब्ध कराने की योजना तैयार की गई है। नाबार्ड की आरआईडीएफ योजना के तहत राज्य में 725 गोदामों का निर्माण किया जा रहा है, जिसमें से 665 पूर्ण हो चुके हैं। राज्य के 28 पैक्स में जनऔषधि केंद्र संचालित किए जा रहे हैं, जिनमें से 25 हाल ही में स्थापित किए गए हैं। 2029 पैक्स में कॉमन सर्विस सेंटर स्थापित किए गए हैं, जिनमें से 1103 हाल ही में शुरू किए गए हैं।
मंत्री कश्यप ने कहा कि राज्य सरकार जैविक खेती और वन उत्पादों के सहकारी विपणन को प्रोत्साहित कर रही है। छत्तीसगढ़ राज्य सहकारी लघु वनोपज संघ के माध्यम से 22 लघु वनोपजों का जैविक प्रमाणन प्राप्त किया गया है। छत्तीसगढ़ ने सभी पैक्स का एनसीसीएफ पोर्टल पर पंजीयन पूरा कर लिया है। सहकारी समितियों में माइक्रो एटीएम की स्थापना कर धान उपार्जन के दौरान 116 करोड़ रुपये का लेन-देन किया गया है। पिछले 6 महीनों में 2.50 लाख किसानों को केसीसी कार्ड वितरित किए गए हैं। राज्य के सभी पैक्स में पीएम किसान समृद्धि केंद्र स्थापित किए गए हैं, जहां से 1760.34 करोड़ रुपये का लेन-देन किया गया है।
मंत्री केदार कश्यप ने केंद्रीय मंत्री मुरलीधर मोहोल से छत्तीसगढ़ की मांगों को पूरा करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि सहकारिता के माध्यम से राज्य में कृषि, ग्रामीण विकास और आर्थिक सशक्तिकरण के लिए कई योजनाएं सफलतापूर्वक क्रियान्वित की जा रही हैं। केंद्र सरकार से अपेक्षित सहयोग मिलने पर इन योजनाओं को और अधिक प्रभावी तरीके से लागू किया जा सकेगा।