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नवा रायपुर में सहकारिता मंथन: 6 राज्यों के अफसर जुटे, पैक्स और डेयरी मॉडल को मजबूत करने पर फोकस

Sat, 23 May 2026 06:06 PM IST
अमन कोशले अमर उजाला नेटवर्क, रायपुर
अमर उजाला नेटवर्क, रायपुर Published by: अमन कोशले Updated Sat, 23 May 2026 06:06 PM IST
सार

एक दिवसीय इस कार्यशाला में सहकारिता क्षेत्र को आधुनिक, आत्मनिर्भर और रोजगार आधारित बनाने पर विस्तार से चर्चा हुई। कार्यक्रम का आयोजन केंद्रीय सहकारिता मंत्रालय और नेशनल डेयरी डेवलपमेंट बोर्ड (NDDB) के संयुक्त तत्वावधान में किया गया।
 

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Cooperative brainstorming session in Nava Raipur: Officers from 6 states gathered, focus on strengthening PACS
नवा रायपुर में सहकारिता मंथन - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की “सहकार से समृद्धि” सोच को आगे बढ़ाने के उद्देश्य से नवा रायपुर में पूर्वी क्षेत्र के छह राज्यों की क्षेत्रीय सहकारिता कार्यशाला आयोजित की गई। एक दिवसीय इस कार्यशाला में सहकारिता क्षेत्र को आधुनिक, आत्मनिर्भर और रोजगार आधारित बनाने पर विस्तार से चर्चा हुई। कार्यक्रम का आयोजन केंद्रीय सहकारिता मंत्रालय और नेशनल डेयरी डेवलपमेंट बोर्ड (NDDB) के संयुक्त तत्वावधान में किया गया।
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कार्यशाला की अध्यक्षता केंद्रीय सहकारिता मंत्रालय के सचिव डॉ. आशीष कुमार भूटानी ने की। इसमें बिहार, छत्तीसगढ़, मध्यप्रदेश, झारखंड, ओडिशा और पश्चिम बंगाल के वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए। बैठक में ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने, किसानों की आय बढ़ाने और सहकारी संस्थाओं को नई दिशा देने पर जोर दिया गया।
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बैठक के दौरान केंद्रीय सहकारिता मंत्रालय की योजनाओं की समीक्षा की गई। खासतौर पर डेयरी, मत्स्य और बहुउद्देशीय प्राथमिक कृषि साख सहकारी समितियों (पैक्स) के गठन और विस्तार पर चर्चा हुई। अधिकारियों ने देशभर में 2 लाख नई डेयरी, मत्स्य और बहुउद्देशीय पैक्स समितियों के गठन की प्रगति का भी आकलन किया।
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कार्यशाला में विश्व की सबसे बड़ी सहकारी अनाज भंडारण योजना के क्रियान्वयन पर भी मंथन हुआ। विशेषज्ञों ने बताया कि पैक्स समितियों को केवल ऋण वितरण तक सीमित नहीं रखा जाएगा, बल्कि उन्हें ग्रामीण सेवा केंद्र के रूप में विकसित किया जा रहा है। इसके तहत खाद-बीज वितरण, धान खरीदी, सार्वजनिक वितरण प्रणाली, डेयरी, मत्स्य पालन, वेयरहाउसिंग और ग्रामीण उद्यमिता जैसी गतिविधियों को बढ़ावा दिया जाएगा।


अधिकारियों ने पैक्स समितियों के बिजनेस डायवर्सिफिकेशन यानी व्यवसायिक विस्तार पर भी चर्चा की। उनका मानना है कि इससे ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के नए अवसर बढ़ेंगे और गांव स्तर पर आर्थिक गतिविधियों को मजबूती मिलेगी। कार्यक्रम में केंद्रीय सहकारिता मंत्रालय, नाबार्ड, अपेक्स बैंक, मार्कफेड, भारतीय खाद्य निगम, डेयरी और मत्स्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
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