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Korba: कोल डिस्पेच में लगी ठेका कंपनी कर रही मजदूरों का शोषण, सैकड़ों कर्मचारियों ने बंद किया काम
Thu, 20 Jun 2024 12:31 PM IST
श्याम जी.
अमर उजाला नेटवर्क, कोरबा
अमर उजाला नेटवर्क, कोरबा
Published by: श्याम जी.
Updated Thu, 20 Jun 2024 12:31 PM IST
सार
कोरबा में कोयला खदानों में काम करने वाले ठेका मजदूरों ने कंपनी पर शोषण का आरोप लगाया है। मजदूरों का आरोप है कि कंपनी एचपीसी दर पर भुगतान नहीं कर रही है। वहीं, महीने भर काम करने के बाद भी उन्हें समय पर भुगतान नहीं किया जा रहा है।
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ठेका मजदूर
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
कोयला खदानों में ठेका मजदूरों के साथ हो रहे शोषण पर कोई ठोस समाधान होता नहीं दिख रहा है। ठेका कंपनिया केवल आश्वाशन रूपी जुमला इस्तेमाल कर अपना काम निकाल रही हैं। ऐसी ही एक ठेका कंपनी एसईसीएल कुसमुंडा खदान में कोल डिस्पेच का काम कर रही जय अम्बे रोड लाइन है, जिस पर मजदूरों ने शोषण का आरोप लगाया है। कंपनी द्वारा एचपीसी दर पर भुगतान नहीं किया जा रहा है। इसके अलावा महीने भर काम करने के बाद भी उन्हें पेमेंट समय पर नहीं दिया जा रहा है।
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कर्मचारियों ने बताया कि उन्हें सेफ्टी के लिए ना ही जूते दिए गए हैं और ना ही टोपी। यहां तक की उनका बीफॉर्म भी नहीं है। बावजूद इसके उनसे काम लेकर उनके साथ शोषण किया जा रहा है। इन्हीं समस्याओ को लेकर जय अम्बे कंपनी के कर्मचारी आज एसईसीएल कुसमुंडा महाप्रबंधक कार्यालय पहुंचे, जहां महाप्रबंधक कार्यालय परिसर में जय अम्बे कंपनी के खिलाफ नारेबाजी करने लगे।
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भूविस्थापित अशोक कुमार ने बताया कि कई बार हादसे हो चुके हैं और कई लोगों की जान भी जा चुकी है, लेकिन उसके बाद भी प्रबंधन अपनी हरकतों से बाज नहीं आता। सेफ्टी बेल्ट नहीं होने के कारण कर्मचारियों को परेशानियों को सामना करना पड़ता है। इसके लिए कई बार आंदोलन भी किया गया और पत्र लिखकर उन्हें अवगत भी कराया गया था, निजी कंपनी की मनमानी रुकने का नाम नहीं ले रही है। कहीं ना कहीं इसमें एसईसीएल प्रबंधन भी दोषी है। ऐसी कंपनियों को ब्लैक लिस्ट कर हटा दिया यह जानना चाहिए।
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कुछ देर बाद एरिया महाप्रबंधक राजीव सिंह अपने चेंबर से बाहर निकलकर ठेका मजदूरों से मिलने पहुंचे। उन्होंने सभी ठेका मजदूरों की बात सुनी और मौके पर जय अम्बे कंपनी के अधिकारियों को बुलाया और कर्मचारियों को हो रही समस्याओं को दूर करने की बात कही, जिस पर जय अम्बे कम्पनी के अधिकारी कोई सार्थक जवाब नहीं दे पाए। इसके बाद जीएम ने भी मजदूरों से कहा कि जब तक जय अम्बे कंपनी तय वेतनमान में भुगतान नहीं करती आप लोग काम बंद रख सकते हैं। इसके बाद मजदूर जीएम कार्यालय से निकल गए। सभी मजदूरों ने अपनी बात पूरी नहीं होने तक काम बंद करने का निर्णय लिया है।