फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chhattisgarh ›   Congress allegation on CGBJP: 17,000 cows killed in Raman government, 1677 crore scam on Gaushala

कांग्रेस का बीजेपी पर पलटवार: रमन राज में 17 हजार गौ वंश की हत्या, गौशाला के नाम पर 1677 करोड़ का घोटाला

Mon, 22 May 2023 09:01 PM IST
ललित कुमार सिंह अमर उजाला ब्यूरो, रायपुर
अमर उजाला ब्यूरो, रायपुर Published by: ललित कुमार सिंह Updated Mon, 22 May 2023 09:01 PM IST
सार

कांग्रेस ने आज बीजेपी पर गोठान को लेकर जोरदार हमला किया है। पलटवार करते हुए बीजेपी पर कई गंभीर आरोप लगाए हैं। राजीव भवन में पत्रवार्ता में कांग्रेस ने आरोप लगाते हुए कहा कि रमन राज में 1677.67 करोड़ रुपए भाजपाइयों ने गौशाला के नाम पर डकार लिया।

विज्ञापन
Congress allegation on CGBJP: 17,000 cows killed in Raman government, 1677 crore scam on Gaushala
प्रेस कॉन्फ्रेंस लेते कांग्रेसी - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी

विस्तार

कांग्रेस ने आज बीजेपी पर गोठान को लेकर जोरदार हमला किया है। पलटवार करते हुए बीजेपी पर कई गंभीर आरोप लगाए हैं। राजीव भवन में पत्रवार्ता में कांग्रेस ने आरोप लगाते हुए कहा कि रमन राज में 1677.67 करोड़ रुपए भाजपाइयों ने गौशाला के नाम पर डकार लिया। रमन राज में 15 साल में 17 हजार से अधिक गौ-वंश की भूख से और बिना चारा-पानी के तड़प-तड़प कर मौत हुई।  कांग्रेस ने मांग कि है कि रमन शासनकाल में गौशालाओं को जो फंड दिया गया, जो जमीन दिया गया, इसकी ऑडिट किया जाए और भाजपा नेताओं की ओर से जो गौशाला के नाम से जमीन आवंटित कर निजी उपयोग किया जा रहा है, उन सभी जमीनों को गोठानो में अटैच किया जाए। 

विज्ञापन


विज्ञापन


कांग्रेस ने कहा कि पूरे देश में छत्तीसगढ़ की कांग्रेस सरकार देश की अकेली सरकार है, जो गौसेवा के लिए गांव के गोधन एवं अन्य पशुओं के लिये गोठान बना कर गोसेवा कर रही है पर भाजपा को इसमें भी पीड़ा हो रही। भाजपा गोठानों को बदनाम करने के लिये अभियान चला रही है जबकि गोठानों और गोधन न्याय योजना की तारीफ पूरे देश में हो रही।  पत्रकारों से चर्चा करते हुए प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि भाजपा गोठानों में भ्रष्टाचार की बात कर अपनी खीझ निकाल रही है। भाजपा को गोठान और गौशाला के बीच का मूल फर्क ही नहीं मालूम। गोठान छत्तीसगढ़ की वर्षों की पुरातन परंपरा है, हमारी सरकार ने गांवों के उसी गोठान को संवारने का काम किया है। बीजेपी ने 15 साल में गौशाला के नाम से भाजपा नेताओं ने गौमाता का अनुदान को खाया, गौशाला के नाम से सरकारी जमीनों को आवंटित कर निजी उपयोग किया। आज गोधन के संरक्षण की बेहतर व्यवस्था हो रही तो इनको पीड़ा हो रही है। 
विज्ञापन
विज्ञापन


पत्रकार वार्ता में प्रदेश कांग्रेस के प्रभारी महामंत्री प्रशासन रवि घोष, प्रवक्ता आरपी सिंह, धनंजय सिंह ठाकुर, घनश्याम राजू तिवारी, नितिन भंसाली, अजय साहू, सुरेंद्र वर्मा, मणी प्रकाश वैष्णव उपस्थित थे।

कांग्रेस ने उठाए सवाल

  • 15 साल तक गौशालाओं को प्रतिदिन आहार के नाम पर 115 गौशालाओं को प्रतिदिन 28 लाख 75 हजार रु. से अधिक राशि दिया जाता था। इसकी कुल राशि होती है एक साल में 1 अरब 4 करोड़ 93 लाख 75 हजार, 15 साल में 1560 करोड़ का गौशालाओं में चारा के नाम पर दिया गया।
  • 20 हजार रु. पशुओं की दवाइयों के लिए हर माह दिया जाता था। प्रत्येक गौशाला को एक साल में 2 लाख 40 हजार रुपया दिया गया। 115 गोशाला को एक साल दवाई के नाम से 2 करोड़ 76 लाख रु. 15 साल में 41.5 करोड़ रु. के करीब दिया गया। शेड निर्माण, बोरवेल, बिजली व्यवस्था के अलावा अन्य खर्चों के नाम से 76 करोड़ रू. बंदरबांट किया।
  • गौशाला को लगभग 5 से 10 एकड़ सरकारी जमीन आवंटित किया गया। 15 साल में लगभग 1000 एकड़ से अधिक के जमीन, भाजपा नेताओं ने गौशाला के नाम से लिया और उसका निजी उपयोग किया।
  • रमन सिंह के 15 सालों में गायों की सेवा के नाम पर भाजपा और आरएसएस के लोगों ने गायों को भूखा रख कर अपना पेट भरा, भाजपा राज में 17000 से अधिक गायों की मौतें हुई थी जिसके लिये हमने विपक्ष में रहते आंदोलन किया था।
  • दुर्ग जिले धमधा के राजपुर की गौशाला में गायें चारे-पानी के अभाव में भूखे मर गयी।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed