Chhattisgarh: CM बघेल ने राजनांदगांव को 24.31 करोड़ के विकास कार्यों की दी सौगात, कोदो-कुटकी पर एमएसपी की मांग
मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने मिलेट्स कोदो, कुटकी समर्थन मूल्य को लेकर कहा कि केंद्र ने अभी तक कोदो कुटकी को लेकर समर्थन मूल्य घोषित नहीं किया है। साथ ही बोले कि केंद्र सरकार से कहना चाहूंगा समर्थन मूल्य घोषित करें।
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मुख्यमंत्री भूपेश बघेल गुरुवार को राजनांदगांव जिले के दौरे पर थे, जहां भर्रेगांव में किसान अन्नदाता सम्मेलन कार्यक्रम में सीएम ने शिरकत की। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने राजनांदगांव जिले वासियों को 24 करोड़ 31 लाख रुपये के विकास कार्यों की सौगात दी। इसके साथ ही कई हितग्राहियों को विभिन्न सामग्रियों का वितरण किया।
मुख्यमंत्री ने विशाल किसान अन्नदाता सम्मेलन के दौरान ही दिवंगत चंदूलाल चंद्राकर की पुण्यतिथि पर उन्हें श्रद्धा सुमन अर्पित करते हुए उनकी मूर्ति का लोकार्पण किया। इसके साथ ही जिले के लोगों को 24 करोड़ रुपये से अधिक के विकास कार्यों की सौगात दी। पत्रकारों से चर्चा करते हुए मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि आज भरे गांव में चंदूलाल जी की स्मृति में विशाल किसान सम्मेलन का आयोजन किया गया। उनकी मूर्ति का अनावरण किया गया जहां चंदूलाल चंद्राकर सांसद रहे, केंद्रीय मंत्री रहे, कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव रहे। आज उनकी स्मृति में किसान सम्मेलन व पैरादान करने वालों का सम्मान किया गया। धान खरीद में जिन सोसाइटी ने अच्छा काम किया उन्हें भी सम्मानित किया गया। साथ ही 24 करोड़ से अधिक की राशि का भूमिपूजन और लोकार्पण 35-36 पंचायतों में मांग के अनुरूप पांच-पांच लाख रुपये की घोषणा की है।
वहीं मुख्यमंत्री ने मिलेट्स कोदो, कुटकी समर्थन मूल्य को लेकर कहा कि केंद्र ने अभी तक कोदो कुटकी को लेकर समर्थन मूल्य घोषित नहीं किया है। हमने छत्तीसगढ़ में 3000 रुपये प्रति क्विंटल के हिसाब से पिछले साल 52 हजार क्विंटल हमने कोदो कुटकी की खरीद की थी। हमारा मिलेट्स प्लांट भी शुरू हो गया है। साथी संजीवनी या महिला समूह के द्वारा भी कुटाई करके बेचने का काम भी हो रहा है। मिलेट्स से 22 प्रकार की वस्तुएं भी बन रही है। छत्तीसगढ़ इस मामले में बहुत आगे है। भारत सरकार से कहना चाहूंगा समर्थन मूल्य घोषित करें। वहीं प्रदेश में रिकॉर्ड धान खरीद को लेकर मुख्यमंत्री ने कहा कि मैं सभी अन्नदाता को बधाई देता हूं कि आज कृषि के क्षेत्र में लोगों का रुझान बढ़ा है। 12 लाख से बढ़ कर 23 लाख से अधिक किसानों ने धान बेचा है। 55 लाख मीट्रिक टन के बजाय 107 लाख मीट्रिक टन साथ ही जमीन का रकबा भी बड़ा है।
एथेनॉल प्लांट की इसलिए जरूरत है 15 क्विंटल प्रति एकड़ के हिसाब से खरीद होती है और बहुत सारे किसान है जो 20 क्विंटल 25 क्विंटल से भी अधिक धान का उत्पादन करते हैं तो वह धान को 12 से 13 सौ में बेचने के लिए मजबूर हो जाते हैं। समर्थन मूल्य उन्हें नहीं मिल पाता। वहीं पूर्व मुख्यमंत्री डॉ रमन सिंह के खिलाफ आय से अधिक मामले में शिकायत के मामले को लेकर मुख्यमंत्री ने कहा कि इस मामले को लेकर राज्यपाल से सहमति लेनी पड़ती है। राज्यपाल के पास भेजा गया है लेकिन अभी तक की अनुमति दी नहीं है, अनुमति मिले तब जांच की जाएगी।