Balrampur: रामानुजगंज विधानसभा में कांटे की टक्कर, दांव पर लगी है पूर्व गृहमंत्री की प्रतिष्ठा
भाजपा एवं कांग्रेस दोनों राजनीतिक दलों के द्वारा प्रचार में कोई कमी नहीं की गई। यहां तक की दोनों दलों के प्रत्याशी गांव-गांव तक पहुंचे परंतु अब मतदान के पश्चात दोनों दलों के लोगों को भीतरघात का डर बना हुआ है।
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बलरामपुर रामानुजगंज में 17 नवंबर को विधानसभा का दूसरे चरण का मतदान खत्म होने के बाद से ही छत्तीसगढ़ के सबसे महत्वपूर्ण विधानसभा में एक रामानुजगंज विधानसभा को लेकर कांग्रेस एवं भाजपा के प्रत्याशी के हार जीत को लेकर लोग अनुमान लगाने लगे है। रामानुजगंज विधानसभा के हर चौक चौराहे पर सिर्फ राजनीतिक चर्चा में लोग मसगुल दिख रहे हैं। अब बस लोगों को तीन दिसंबर का बेसब्री से इंतजार है।
रामानुजगंज विधानसभा में 65.50 मतदान का प्रतिशत रहा। कई पोलिंग बूथ में देर शाम तक मतदान होता रहा। मतदान के दिन सुबह से ही भाजपा एवं कांग्रेस दोनों प्रमुख दलों के लोग सभी पोलिंग बूथ में सक्रिय दिखे, कहीं भी गंभीर विवाद की स्थिति नहीं देखी गई सभी शांतिपूर्वक उत्साह से मतदान किये। भाजपा के राम विचार नेताम अपने गृह ग्राम सनावल में मतदान कर पोलिंग बूथ का जायजा लेने निकले तो वहीं कांग्रेस प्रत्याशी डॉक्टर अजय तिर्की मां महामाया मंदिर में मत्था टेक कर पोलिंग बूथों का जायजा लेने निकले विधायक बृहस्पति सिंह ने गम्हरिया में मतदान किया।
भीतरघात का दोनों प्रमुख पार्टियों को डर
भाजपा एवं कांग्रेस दोनों राजनीतिक दलों के द्वारा प्रचार में कोई कमी नहीं की गई। यहां तक की दोनों दलों के प्रत्याशी गांव-गांव तक पहुंचे परंतु अब मतदान के पश्चात दोनों दलों के लोगों को भीतरघात का डर बना हुआ है।
एकतरफा किसी भी क्षेत्र से नहीं मिलेगी बढ़त
दोनों राजनीतिक दलों के बीच जिस प्रकार से कांटे की टक्कर देखी गई किसी भी क्षेत्र से एकतरफा बढ़त की स्थिति किसी भी राजनीतिक दल की नही होगी। किसी पोलिंग बूथ पर एक राजनीतिक दल की बढ़त है तो दूसरे पोलिंग बूथ पर दूसरे राजनीतिक दल की बढ़त है, ऐसे में अनुमान लगाना बहुत ही कठिन हो रहा है कि किसी राजनीतिक दल का प्रत्याशी जीत का ताज पहनेगा।