{"_id":"63316afc3b83a55a0f30b891","slug":"chhattisgarh-young-man-killed-his-elder-brother-by-giving-betel-nut-of-rs-50-thousand-due-to-illicit-relations","type":"story","status":"publish","title_hn":"पत्नी से अवैध संबंध में भाई की हत्या: 50 हजार में सुपारी दी, गला घोंटकर तालाब में फेंक दिया शव, 3 गिरफ्तार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
पत्नी से अवैध संबंध में भाई की हत्या: 50 हजार में सुपारी दी, गला घोंटकर तालाब में फेंक दिया शव, 3 गिरफ्तार
Mon, 26 Sep 2022 02:35 PM IST
मोहनीश श्रीवास्तव
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बिलासपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बिलासपुर
Published by: मोहनीश श्रीवास्तव
Updated Mon, 26 Sep 2022 02:35 PM IST
सार
पत्नी से अवैध संबंधों के चलते बुआ के बेटे ने अपने बड़े भाई की हत्या करा दी। तीन दिन बाद इस हत्याकांड का खुलासा हुआ है।
विज्ञापन
बिलासपुर में अवैध संबंधों में हुई हत्या मामले में पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में पत्नी से अवैध संबंधों के चलते एक युवक ने अपने ही ममेरे बड़े भाई की हत्या करा दी। पत्नी के साथ आपत्तिजनक हालत में देख युवक ने अपने दो साथियों को 50 हजार में हत्या की सुपारी दी थी। आरोपियों ने अधेड़ का गला घोंटने के बाद शव को तालाब में फेंक दिया था। शव जब फूलकर ऊपर आ गया तो मामला खुला। पुलिस ने इस मामले में सोमवार को भाई सहित तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। मामला तखतपुर थाना क्षेत्र का है।
22 सितंबर को घर से निकला था अधेड़
जानकारी के मुताबिक, दो दिन पहले पुलिस को ग्राम खम्हरिया के तालाब में एक अधेड़ का शव मिला था। पुलिस ने उसकी शिनाख्त स्थानीय निवासी सुंदरलाल कौशिक (52) के रूप में की। सुंदरलाल के बेटे ने एक दिन पहले ही पिता की गुमशुदगी भी दर्ज कराई थी। इसमें बताया था कि सुंदरलाल 22 सितंबर को देवरीखुर्द जाने के लिए निकला था। इसके बाद घर नहीं लौटा। पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराया तो उसमें गला दबाकर हत्या करने की बात सामने आई।
पत्नी के साथ देखा था, तो रची साजिश
पुलिस ने बताया कि जांच के दौरान पता चला कि सुंदरलाल का गांव के ही अपनी बुआ के बेटे विनय कौशिक के घर आना-जाना था। विनय उसकी खेती-बाड़ी की देखभाल किया करता था। विनय को शक था कि उसकी पत्नी के साथ सुंदरलाल के अनैतिक संबंध हैं। दोनों अक्सर साथ बातचीत करते भी दिखाई देते थे। विनय ने पुलिस को बताया कि उसने एक दिन अपनी पत्नी के साथ सुंदरलाल को आपत्तिजनक हालत में देख लिया था। इसके बाद ही हत्या की साजिश रची।
विज्ञापन
हत्या के लिए 4 हजार रुपए एडवांस दिए
विनय ने पुलिस को बताया कि उसने हत्या की साजिश में गांव के ही चंद्रपाल कौशिक और उमाशंकर कौशिक को शामिल किया। दोनों को हत्या के लिए 50 हजार की सुपारी दी। एडवांस में 4 हजार रुपए दिए, बाकी काम होने के बाद देना तय हुआ। हत्या वाले दिन विनय ने काम का बहाना कर सुंदरलाल को देवरीखुर्द से वापस बुलाया। सुंदरलाल जब खम्हारिया आया तो शाम के करीब 7 बज गए थे। तालाब के पास ही उसे चंद्रपाल और उमाशंकर ने रोक लिया और हत्या के बाद भाग निकले थे।
विज्ञापन
22 सितंबर को घर से निकला था अधेड़
जानकारी के मुताबिक, दो दिन पहले पुलिस को ग्राम खम्हरिया के तालाब में एक अधेड़ का शव मिला था। पुलिस ने उसकी शिनाख्त स्थानीय निवासी सुंदरलाल कौशिक (52) के रूप में की। सुंदरलाल के बेटे ने एक दिन पहले ही पिता की गुमशुदगी भी दर्ज कराई थी। इसमें बताया था कि सुंदरलाल 22 सितंबर को देवरीखुर्द जाने के लिए निकला था। इसके बाद घर नहीं लौटा। पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराया तो उसमें गला दबाकर हत्या करने की बात सामने आई।
विज्ञापन
पत्नी के साथ देखा था, तो रची साजिश
पुलिस ने बताया कि जांच के दौरान पता चला कि सुंदरलाल का गांव के ही अपनी बुआ के बेटे विनय कौशिक के घर आना-जाना था। विनय उसकी खेती-बाड़ी की देखभाल किया करता था। विनय को शक था कि उसकी पत्नी के साथ सुंदरलाल के अनैतिक संबंध हैं। दोनों अक्सर साथ बातचीत करते भी दिखाई देते थे। विनय ने पुलिस को बताया कि उसने एक दिन अपनी पत्नी के साथ सुंदरलाल को आपत्तिजनक हालत में देख लिया था। इसके बाद ही हत्या की साजिश रची।
विज्ञापन
हत्या के लिए 4 हजार रुपए एडवांस दिए
विनय ने पुलिस को बताया कि उसने हत्या की साजिश में गांव के ही चंद्रपाल कौशिक और उमाशंकर कौशिक को शामिल किया। दोनों को हत्या के लिए 50 हजार की सुपारी दी। एडवांस में 4 हजार रुपए दिए, बाकी काम होने के बाद देना तय हुआ। हत्या वाले दिन विनय ने काम का बहाना कर सुंदरलाल को देवरीखुर्द से वापस बुलाया। सुंदरलाल जब खम्हारिया आया तो शाम के करीब 7 बज गए थे। तालाब के पास ही उसे चंद्रपाल और उमाशंकर ने रोक लिया और हत्या के बाद भाग निकले थे।