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छत्तीसगढ़: 22 जनवरी को सभी मंदिरों में होगी पूजा-अर्चना और गंगा आरती, चारधाम की तर्ज पर विकसित होंगे 5 शक्तिपीठ
Thu, 11 Jan 2024 01:59 PM IST
ललित कुमार सिंह
अमर उजाला ब्यूरो, रायपुर
अमर उजाला ब्यूरो, रायपुर
Published by: ललित कुमार सिंह
Updated Thu, 11 Jan 2024 01:59 PM IST
सार
Ayodhya Ram Temple: अयोध्या में श्रीरामलला प्राण प्रतिष्ठा समारोह के दिन 22 जनवरी को ऐतिहासिक और यादगार बनाने के लिए छत्तीसगढ़ के सभी जिलों और ब्लॉक स्तर पर सभी प्रमुख मंदिरों में सुबह में आरती और पूजन होंगे। इस दिन शाम को गंगा आरती भी होगी।
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समीक्षा बैठक लेगे मंत्री बृजमोहन अग्रवाल
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
Ayodhya Ram Temple: अयोध्या में श्रीरामलला प्राण प्रतिष्ठा समारोह के दिन 22 जनवरी को ऐतिहासिक और यादगार बनाने के लिए छत्तीसगढ़ के सभी जिलों और ब्लॉक स्तर पर सभी प्रमुख मंदिरों में सुबह में आरती और पूजन होंगे। इस दिन शाम को गंगा आरती भी होगी। राज्य के सभी शासकीय भवनों में आकर्षक रोशनी की व्यवस्था की जाएगी। ये बातें छत्तीसगढ़ के संस्कृति मंत्री बृजमोहन अग्रवाल ने कही। मंत्री अग्रवाल ने नया रायपुर अटल नगर स्थित महानदी भवन में संस्कृति और पर्यटन विभाग के कार्यों की समीक्षा की।
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संस्कृति मंत्री अग्रवाल ने बैठक में विभागीय अधिकारियों को रामलला दर्शन योजना में प्रदेशवासियों को अध्योया ले जाने के लिए व्यवस्थित और सुविधापूर्ण कार्ययोजना भी तैयार करने कहा। केबिनेट बैठक में प्रदेशवासियों को श्री रामलला के दर्शन कराने के लिए ‘श्री रामलला दर्शन योजना‘ प्रारंभ करने का निर्णय लिया गया है। इस योजना में 18 से 75 आयु वर्ग के लोगों को श्रीरामलला के दर्शन के लिए अयोध्या की यात्रा करायी जाएगी।
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काशी और उज्जैन की तर्ज पर बनेगा कॉरिडोर
मंत्री बृजमोहन ने उज्जैन और बनारस में बनाये गए भव्य कॉरीडोर की तर्ज पर राजिम मंदिर परिसर को विकसित करने के लिए भव्य कॉरीडोर निर्माण के बारे में अधिकारियों के साथ विस्तृत विचार-विमर्श किया। उन्होंने कहा कि राजिम मंदिर परिसर के भव्य आकर्षक और गरिमामय ढंग से विकसित करने के लिए कॉरीडोर बनाने के दिए कॉन्सेप्ट प्लान बनाने के काम शुरू किया जाए। राजिम कुंभ की तैयारियों और इसके व्यवस्थित आयोजन को लेकर अधिकारियों से चर्चा की और राजिम कुंभ के भव्य आयोजन के लिए पर्यटन, धर्मस्व और संस्कृति विभाग को मिलकर काम करने के निर्देश दिए।
चरणबद्ध ढंग से होंगे कार्य
अग्रवाल ने चारधाम यात्रा की तर्ज पर छत्तीसगढ़ के महत्वपूर्ण धार्मिक आस्था के केन्द्रों को शक्तिपीठ परियोजना के तहत विकसित करने कहा। उन्होंने यह भी कहा कि सूरजपुर के कुदरगढ़, चन्द्रपुर के चन्द्रहासिनी मंदिर, रतनपुर के महामाया मंदिर, डोंगरगढ़ के बम्लेश्वरी मंदिर और दंतेवाड़ा के दंतेश्वरी मंदिर में इस योजना के तहत विभिन्न सुविधाओं के विकास के लिए कार्ययोजना तैयार कर चरणबद्ध ढंग से सुविधाएं विकसित करने का काम किया जाए। उन्होंने अधिकारियों को गरियाबंद जिले के भूतेश्वर महादेव, जतमई घटारानी जलप्रपात, शिवमहापीठ, सिरकट्टी आश्रम और कोपरा के कोपेश्वर महादेव को ट्रॉयबल परिपथ के रूप में विकसित करने के निर्देश दिए।
राजधानी के पुरखौती मुक्तांगन में होगा पतंग उत्सव
उन्होंने कहा है कि राजधानी रायपुर के पुरखौती मुक्तांगन परिसर में मकर संक्रांति के दिन भव्य पतंग उत्सव का आयोजन किया जाएगा। इसके लिए राज्य के साथ-साथ अन्य राज्यों के भी पतंगबाजों को आमंत्रित किया जाएगा। पतंग महोत्सव को भव्य और आकर्षक रूप देने के लिए दर्शकों और आम नागरिकों के लिए लोक कलाकारों की ओर से गीत-संगीत का भी आयोजन किया जाएगा। बैठक में अपर मुख्य सचिव सुब्रत साहू, पर्यटन विभाग के सचिव अन्बलगन पी., सचिव शिक्षा सिद्धार्थ कोमल परदेशी और संस्कृति विभाग के संचालक विवेक आचार्य सहित पर्यटन, धर्मस्व और संस्कृति विभाग के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे।