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'बाहरियों' पर बवाल: दल्ली माइंस में दूसरे राज्यों के मजदूरों से काम कराने पर हंगामा, बोले- कैसे रुकेगा पलायन
Tue, 11 Apr 2023 04:17 PM IST
मोहनीश श्रीवास्तव
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बालोद
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बालोद
Published by: मोहनीश श्रीवास्तव
Updated Tue, 11 Apr 2023 04:17 PM IST
सार
स्थानीय लोगों का कहना है कि, एक तरफ तो सरकार पलायन रोकने की बात करती है तो दूसरी और यहां रोजगार को छीनने का काम स्थानीय मिला इस्पात संयंत्र प्रबंधन द्वारा किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि, प्रोजेक्ट खोलने को लेकर हम सभी खुश थे, लेकिन आज हमारी कोई सुध नहीं ली जा रही है।
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बाहरी मजदूरों को काम देने से स्थानीय ग्रामीण नाराज।
- फोटो : संवाद
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विस्तार
छत्तीसगढ़ के बालोद में भिलाई इस्पात संयंत्र की ओर से ग्राम धोबेदंड के आश्रित गांव में दल्ली माइंस में पेलेट प्लांट की स्थापना की जा रही है। इसमें दूसरे राज्यों के मजदूरों को काम पर रखने से स्थानीय लोग भड़क गए हैं। आरोप है कि स्थानीय मजदूर जो काम कर रहे थे, उन्हें हटा दिया गया है। पहले यहां 47 मजदूर स्थानीय थे। नाराज ग्रामीणों का कहना है कि, जब उनके गांव में इतना बड़ा संयंत्र खुल रहा है तो स्थानीय युवाओं और बेरोजगारों, पढ़े-लिखे लोगों को साथ ही रोजी मजदूरी करने वाले लोगों को काम मिलना चाहिए।
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पहले रखे थे काम पर
ग्रामीणों ने बताया कि प्लांट का अभी निर्माण कार्य चल रहा है। जिसमें सबसे पहले स्थानीय ग्रामीणों को रखा गया था। बात भी हुई थी कि स्थानीय बेरोजगारों को यहां पर काम दिया जाएगा, लेकिन जितने भी ग्रामीण यहां पर काम कर रहे थे सभी को निकाल दिया गया है। संभावना नहीं है कि भविष्य में प्लांट प्रबंधन की ओर से ग्रामीणों को रोजगार दिया जाएगा। इसलिए हम सब जिला प्रशासन और महाप्रबंधक भिलाई इस्पात संयंत्र से मांग कर रहे हैं कि हमें वहां पर उचित रोजगार दिया जाए।
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शुरू करेंगे मोर्चा
स्थानीय लोगों का कहना है कि, एक तरफ तो सरकार पलायन रोकने की बात करती है तो दूसरी और यहां रोजगार को छीनने का काम स्थानीय मिला इस्पात संयंत्र प्रबंधन द्वारा किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि, प्रोजेक्ट खोलने को लेकर हम सभी खुश थे, लेकिन आज हमारी कोई सुध नहीं ली जा रही है। जबकि शत-प्रतिशत काम देने की बात कही गई थी। ग्रामीणों ने बताया कि आदिवासी विकास खंड के अंतर्गत यह गांव आता है। जल जंगल और जमीन हमारे कार्य क्षेत्र में है। इसलिए पंचायत क्षेत्र के समस्त शिक्षित बेरोजगारों को काम में रखे जाने की मांग की जा रही है।
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