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छत्तीसगढ़ : वन्य जीवों पर आईसीएच वायरस का खतरा, बिलासपुर के मिनी जू में तीन भालुओं की मौत, 632 पर जान की आफत
Sat, 26 Mar 2022 09:38 AM IST
सुरेंद्र जोशी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बिलासपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बिलासपुर
Published by: सुरेंद्र जोशी
Updated Sat, 26 Mar 2022 09:38 AM IST
सार
जू प्रबंधन का कहना है कि आईसीएच संक्रमण के कारण ये मौतें हो रही हैं। बीते दिनों में तीन भालुओं के प्राण चले गए हैं।
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bears in zoo
- फोटो : amar ujala
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विस्तार
छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले के कानन पेंडारी जूलॉजिकल पार्क में रखे गए वन्य जीवों में इनफेक्शियस कैनाइन हेपेटाइटिस (आईसीएच) संक्रमण फैल रहा है। बीते कुछ दिनों में इस जू में तीन भालुओं की इस वायरस से मौत हो चुकी है। 632 अन्य वन्य जीवों पर खतरा मंडरा रहा है।
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कानन पेंडारी मिनी जू में शुक्रवार को एक और भालू की मौत हो गई। इससे पहले दो भालू दम तोड़ चुके हैं। जू प्रबंधन का कहना है कि आईसीएच संक्रमण के कारण ये मौतें हो रही हैं। बीते 26 दिनों में तीन भालुओं के प्राण चले गए हैं। दो नर भालुओं ने पहले दम तोड़ा वहीं, मादा भालू कविता की शुक्रवार को मौत हो गई। आईसीएच संक्रमण के कारण अब कानन पेडारी में रहने वाले 632 विभिन्न वन्य जीवों की जान पर खतरा मंडरा रहा है, लेकिन जू प्रबंधन ध्यान नहीं दे रहा है।
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मादा भालू कविता की सोमवार रात से हालत बिगड़ती जा रही थी। तीन दिन के संघर्ष के बाद उसने भी हार मान ली। जू प्रबंधन का कहना है कि कविता उन दो मृत भालुओं के संपर्क में थी जिनकी पहले मौत हो चुकी है। उसने कुछ दिनों से खाना पीना बंद कर दिया था। उसे झटके आने लगे थे और सांस लेने में तकलीफ हो रही थी। डॉक्टर उसका उपचार कर रहे थे, लेकिन शुक्रवार को उसकी मौत हो गई।
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कोरोना की तरह आइसोलेशन ही है इलाज
कानन पेंडारी के डीएफओ विष्णु नायर का कहना है कि भालुओं में आईसीएच का संक्रमण कहां से फैला, यह नहीं कहा जा सकता। ये केवल कैनाइन प्रजाति के जीवों में ही फैलता है। जू के भालूओं पर नजर रखी जा रही है। अन्य जीवों में वायरस का संक्रमण नहीं दिखा है।
विषाणु जनित बीमारी है आईसीएच
भालू की मौत के बाद यूपी के आगरा स्थित वन्य जीव विशेषज्ञ व भालू रेस्क्यू सेंटर के डॉ. ईलाईराजा ने बताया कि ये इनफेक्सियस कैनाइन हेपेटाइटिस के लक्षण हो सकते हैं। यह क विषाणु जनित बीमारी है। एक बार यह संक्रमण होने पर उसका इलाज नहीं है। भालुओं को केवल कोरोना की तरह आइसोलेशन में रख कर ही बचाव कर सकते हैं।