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छत्तीसगढ़ नक्सल कमांडर की संदिग्ध तौर पर कोरोना वायरस से हुई मौत
Mon, 05 Oct 2020 01:00 AM IST
Kuldeep Singh
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, दंतेवाड़ा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, दंतेवाड़ा
Published by: Kuldeep Singh
Updated Mon, 05 Oct 2020 01:00 AM IST
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naxal (file photo)
- फोटो : ANI
छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा में स्वयंभू नक्सल कमांडर की मौत हो गई और शक है कि उसकी मृत्यु कोरोना वायरस संक्रमण के कारण हुई है। दंतेवाड़ा पुलिस ने रविवार को यह जानकारी दी, जिससे इस बात की आशंका पैदा हुई है कि जानलेवा वायरस राज्य के दूर-दराज के इलाकों में फैल रहा है जहां स्वास्थ्य के उचित बुनियादी ढांचे की कमी है।
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दंतेवाड़ा के पुलिस अधीक्षक अभिषेक पल्लव ने बताया कि शुरुआती जानकारी के मुताबिक, मदकम रमेश उर्फ गोन्चे रमेश (50) में संक्रमण के लक्षण दिख रहे थे और उसकी शनिवार शाम मौत हो गई। वह गैर कानूनी समूह की केरलपाल क्षेत्रीय समिति का सदस्य था। पल्लव ने बताया कि वह दंतेवाड़ा और सुकमा जिलों की सीमा से सटे इलाकों में सक्रिय था।
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पुलिस अधीक्षक ने कहा, बताया जाता है कि उसे बुखार था और सांस लेने में परेशानी हो रही थी जिसके बाद केरलपाल के चरमपंथियों ने उसे उसके पैतृक स्थान सुकमा के जगरगुंडा भेज दिया था जहां उसकी मौत हो गई। उसके शव को अंतिम संस्कार करने के लिए परिवार को सौंप दिया गया है।
पल्लव ने बताया, ग्रामीणों के मुताबिक, उसमें कोविड-19 के लक्षण दिख रहे थे, लेकिन जानकारी से मालूम चलता है कि उसने कोरोना वायरस की जांच नहीं कराई थी। बुखार और सांस लेने में तकलीफ के चलते अचानक से मौत हो जाने को जांच होने तक कोविड-19 से संदिग्ध मौत माना जाता है।
उन्होंने बताया कि रमेश पर पांच लाख रुपये का ईनाम था
माओवादी गतिविधियों के कारण बस्तर मंडल के अंदरूनी इलाकों में कोविड-19 के फैलने की आशंका पर चिंता व्यक्त करते हुए पल्लव ने कहा कि नक्सली महामारी के मद्देनजर लागू किए गए उपायों का पालन नहीं कर रहे हैं और बिना मास्क के आ-जा रहे हैं तथा सामाजिक दूरी को नजरअंदाज करके ग्रामीणों की बैठकें बुला रहे हैं।