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छत्तीसगढ़: तीन नक्सलियों का समर्पण, बोले-माओवाद से मन भरा, लोन वराटू' में की घर वापसी

Sun, 04 Jul 2021 07:29 PM IST
सुरेंद्र जोशी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रायपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रायपुर Published by: सुरेंद्र जोशी Updated Sun, 04 Jul 2021 07:29 PM IST
सार

हमेशा नक्सली हमलों से मौत की खबर देने वाले छत्तीसगढ़ से रविवार को राहत की खबर आई। तीन नक्सलियों ने पुलिस के सामने समर्पण कर दिया। 
 

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Chhattisgarh: Surrender of three Naxalites, said-returned home in 'Lone Varatu'
arrest - फोटो : istock

विस्तार

छत्तीसगढ़ के बस्तर संभाग के दो जिलों में रविवार को तीन नक्सलवादियों ने आत्मसमर्पण कर दिया। इनमें से एक 2015 में दंतेवाड़ा में हुए बारुदी सुरंग धमाके मामले में वांछित था। इस धमाके में पांच पुलिसकर्मी मारे गए थे। नक्सलियों का दावा है कि  माओवाद की खोखली विचारधारा से मन भर गया। इसलिए  'लोन वराटू' कार्यक्रम के तहत घर वापसी की। 

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पुलिस ने बताया कि भीमा मंडावी (41) और जोगा मंडावी (31) ने दंतेवाड़ा जिले में जबकि पुनेम राजेश (21) ने बस्तर में पुलिस के समक्ष समर्पण किया।

जोगा मंडावी दंतेवाड़ा धमाके में लिप्त था, शहीद हुए थे पांच पुलिसकर्मी
दंतेवाड़ा के पुलिस अधीक्षक अभिषेक पल्लव ने बताया कि जोगा मंडावी पर 2015 में दंतेवाड़ा के चोलनार में आईईडी की मदद से बारुदी सुरंग में विस्फोट करने के मामले में कथित रूप से संलिप्त होने का आरोप है। हमले में पुलिस के पांच जवान मारे गए थे जबकि आठ अन्य घायल हो गए थे।
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अधिकारी ने बताया कि भीमा मंडावी पर पिछले साल गुमियापाल गांव में पुलिसकर्मियों के परिवारों को धमकी देने, मवेशियों, अनाज और अन्य चीजें लूटने में शामिल होने का आरोप है। उन्होंने बताया कि दोनों गैर कानूनी संगठन भाकपा (माओवादी) की मिलिशिया के सक्रिय सदस्य थे। अधिकारी के अनुसार, दोनों नक्सलियों का दावा है कि वे पुलिस के पुनर्वास कार्यक्रम 'लोन वराटू' (घर वापसी) से प्रभावित हैं और माओवाद की 'खोखली' विचाराधारा से निराश होकर मुख्य धारा में लौट रहे हैं।
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इसबीच, एक अन्य पुलिस अधिकारी ने बताया कि बस्तर जिले के मुख्यालय जगदलपुर में समर्पण करने वाला राजेश 2016 में प्रतिबंधित समूह में शामिल हुआ था और कांगेड़घाटी एरिया कमेटी का सक्रिय सदस्य था। वह संगठन के सचिव का गनमैन था।

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