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पंचायत ने रेप के आरोपियों पर लगाया 30 हजार का जुर्माना, पूरे गांव को दी 'मटन पार्टी'
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रायपुर
Updated Wed, 11 Jul 2018 10:34 AM IST
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छत्तीसगढ़ के जनजातीय बहुल जशपुर जिले में एक पंचायत द्वारा रेप की कीमत लगाने का शर्मनाक मामला सामने आया है। यहां पंचायत ने रेप पीड़ित तीन लड़कियों के परिजनों से आरोपियों का समझौता करा दिया। पंचायत ने आरोपियों पर 10-10 हजार का जुर्माना लगाया और बाद में इन्ही पैसों से पूरे गांव को दावत दे दी गई। पंचायत ने गांव के सभी लोगों को दावत में आने के लिए आमंत्रित किया और फिर बाद में घोषणा की गई कि इस मामले का न्याय कर दिया गया है। यही नहीं, दावत के बाद बची हुई रकम को 45 लोगों के बीच बराबर-बराबर बांट दिया गया।
यह मामला तब प्रकाश में आया जब एक रेप पीड़िता के पिता ने स्थानीय मीडिया को ये बात बताई। रिपोर्ट्स के मुताबिक, सोंकयारी प्रांत के रेमनी गांव में 5 जुलाई की शाम तीनों लड़कियों के परिजन उनके घर आने का इंतजार कर रहे थे, लेकिन वो घर नहीं पहुंचीं। जिसके बाद उन्होंने खोजबीन शुरू की। इसी दौरान लड़कियों का जिस जगह पर रेप हो रहा था, वहां एक पीड़िता का पिता पहुंच गया और उसने आरोपियों को किसी तरह वहां से भगा दिया।
इसके बाद रेप पीड़िताओं के परिजनों ने पुलिस में जाने का फैसला किया, लेकिन उससे पहले ही उनके पास पंचायत का बुलावा आ गया। पंचायत के सदस्यों ने पीड़ितों के परिजनों को पुलिस के पास जाने के बजाय आरोपियों से समझौता करने को कहा। पंचायत ने तीनों आरोपियों पर 10-10 हजार रुपये का जुर्माना लगाया और बाद में उसी जुर्माने की राशि से पूरे गांव में मटन पार्टी (मांस की दावत) की। दावत के बाद समझौते की बची हुई रकम को 45 लोगों के बीच बांट दिया गया।
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वहीं, पीड़िता के पिता ने कहा कि मेरी बेटी से रेप की कोई कीमत नहीं लगाई जा सकती है। जशपुर की एएसपी उनेजा खातून अंसारी का कहना है कि इस मामले में अभी तक किसी भी प्रकार की शिकायत दर्ज नहीं कराई गई है। उन्हें पत्रकारों के जरिए इस घटना के बारे में पता चला। फिलहाल एक पुलिस टीम को मामले की जांच के लिए गांव में भेजा गया है। अगर परिजन इसकी शिकायत करते हैं तो निश्चित ही मामले में एफआईआर दर्ज किया जाएगा।
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यह मामला तब प्रकाश में आया जब एक रेप पीड़िता के पिता ने स्थानीय मीडिया को ये बात बताई। रिपोर्ट्स के मुताबिक, सोंकयारी प्रांत के रेमनी गांव में 5 जुलाई की शाम तीनों लड़कियों के परिजन उनके घर आने का इंतजार कर रहे थे, लेकिन वो घर नहीं पहुंचीं। जिसके बाद उन्होंने खोजबीन शुरू की। इसी दौरान लड़कियों का जिस जगह पर रेप हो रहा था, वहां एक पीड़िता का पिता पहुंच गया और उसने आरोपियों को किसी तरह वहां से भगा दिया।
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इसके बाद रेप पीड़िताओं के परिजनों ने पुलिस में जाने का फैसला किया, लेकिन उससे पहले ही उनके पास पंचायत का बुलावा आ गया। पंचायत के सदस्यों ने पीड़ितों के परिजनों को पुलिस के पास जाने के बजाय आरोपियों से समझौता करने को कहा। पंचायत ने तीनों आरोपियों पर 10-10 हजार रुपये का जुर्माना लगाया और बाद में उसी जुर्माने की राशि से पूरे गांव में मटन पार्टी (मांस की दावत) की। दावत के बाद समझौते की बची हुई रकम को 45 लोगों के बीच बांट दिया गया।
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वहीं, पीड़िता के पिता ने कहा कि मेरी बेटी से रेप की कोई कीमत नहीं लगाई जा सकती है। जशपुर की एएसपी उनेजा खातून अंसारी का कहना है कि इस मामले में अभी तक किसी भी प्रकार की शिकायत दर्ज नहीं कराई गई है। उन्हें पत्रकारों के जरिए इस घटना के बारे में पता चला। फिलहाल एक पुलिस टीम को मामले की जांच के लिए गांव में भेजा गया है। अगर परिजन इसकी शिकायत करते हैं तो निश्चित ही मामले में एफआईआर दर्ज किया जाएगा।