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छत्तीसगढ़: कोरोना-काल में भी खूब काम आईं मुख्यमंत्री स्लम स्वास्थ्य योजना की चलित इकाइयां, पांच लाख का उपचार
Fri, 11 Jun 2021 11:29 PM IST
सुरेंद्र जोशी
Advertorial
Advertorial
Published by: सुरेंद्र जोशी
Updated Fri, 11 Jun 2021 11:29 PM IST
सार
छत्तीसगढ़ में चलित चिकित्सा इकाइयों के जरिए मरीजों को राहत पहुंचाई जा रही है। इनमें जांच से लेकर उपचार तक की सुविधाएं हैं।
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मुख्यमंत्री स्लम स्वास्थ्य योजना की चलित चिकित्सा इकाई
- फोटो : self
विस्तार
छत्तीसगढ़ में मुख्यमंत्री स्लम स्वास्थ्य योजना की चलित चिकित्सा इकाइयां कोरोना-काल में भी राहतकारी रही। इसके जरिए अब तक 14 शहरों में 10 हजार शिविरों का आयोजन किया जा चुका है। अब तक पांच लाख से ज्यादा मरीजों को नियमित स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ मिला है।
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इन चलित चिकित्सा इकाइयों के जरिए योग्य डॉक्टर और प्रशिक्षित टीमें घर-घर जा रही हैं। सभी 14 नगर निगमों की 1600 बस्तियों को जांच-उपचार-दवा की सुविधाएं मिल रही हैं। इसकी कामयाबी को देखते हुए योजना के विस्तारीकरण के लिए शीघ्र कार्य योजना बनाई जाएगी।
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छत्तीसगढ़ के स्थापना दिवस एक नवंबर 2020 को मुख्यमंत्री स्लम स्वास्थ्य योजना का शुभारंभ सांसद राहुल गांधी की मौजूदगी में मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने किया था। राज्य के सभी 14 नगर पालिक निगमों में आधुनिक उपकरण से सुसज्जित 60 मोबाइल मेडिकल यूनिट यानी एमएमयू स्वास्थ्य सेवाएं दे रही हैं।
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इन मोबाइल मेडिकल यूनिटों में एमबीबीएस डाक्टर द्वारा लगभग 1600 स्लम बस्तियों में कैम्प लगाकर मरीजों को स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। एमबीबीएस डाक्टर के साथ कैम्प में मुफ्त दवा वितरण हेतु फार्मासिस्ट, मुफ्त लैब टेस्ट करने हेतु लैब टेक्निशियन, मरीजों की सेवा के लिए एएनएम तथा एमएमयू चालक सेवाएं दे रहे हैं।
1.20 लाख मरीजों के मुफ्त टेस्ट किए
अब तक 1.20 लाख मरीजों के मुफ्त लैब टेस्ट किए गए हैं। इनमें 41 प्रकार के विभिन्न टेस्ट किए जाते हैं। इनमें खून, मल-मूत्र, थूक, टीबी, थायराइड, मलेरिया, टाईफाईड आदि की जांच कुशल लैब टेक्निशियन द्वारा अत्याधुनिक मशीनों से की जाती है।
4.40 लाख को मिली मुफ्त दवाएं
एमएमयू में मुफ्त दवा वितरण सेवा का लाभ लेते हुए लगभग 4.40 लाख मरीजों ने डाक्टर की पर्ची के आधार पर फार्मासिस्ट से सेवाएं प्राप्त की हैं।एमएमयू में पैरासिटामाल, ब्रुफेन, मेटफार्मिन, एटेनोलोल, बी-कांप्लेक्स, आयरन, फोलिक एसिड, सिफालेक्सिन, एमोक्सिसिलिन, लिमसी, ओआरएस, टिटेनस इंजेक्शन, रैबिज इंजेक्शन आदि 200 प्रकार की दवाईयों की उपलब्धता सुनिश्चित की जा रही है। इन एमएमयू गाड़ियों में ब्लड-प्रेशर मापने की मशीन, शुगर टेस्ट की मशीन, ईसीजी मशीन, आक्सीजन सिलेंडर आदि की भी व्यवस्था है।
पांच लाख मरीजों का इलाज करने की उपलब्धि पर मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के अधिकारियों, कर्मचारियों, जिला कलेक्टर तथा एमएमयू की टीम की प्रशंसा की है।