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फिर चर्चा में आया मीना खाल्को फर्जी एनकाउंटर, रेप के बाद हुई थी हत्या

Tue, 19 Jul 2016 04:09 PM IST
टीम डिजिटल/अमर उजाला, नई दिल्ली
टीम डिजिटल/अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Tue, 19 Jul 2016 04:09 PM IST
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chhattisgarh: meena khalko fake encounter
- फोटो : indian express

पिछले पांच साल में बुद्धेश्वर राम अपनी बेटी मीना खाल्को की कहानी सैकडों बार लोगों को सुना चुके हैं, एक ऐसी बेटी की कहानी जिसे नक्सली बताकर पांच साले पहले छत्तीसगढ़ पुलिस ने फर्जी मुठभेड़ में मार दिया था। 

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मामले में तमाम आरोपों के बीच जांच के लिए बने न्यायिक आयोग ने अपनी रिपोर्ट राज्य सरकार को सौंपी तो तहलका मच गया। मीना खाल्को को मारने से पहले उससे बलात्कार किया गया था। सरकार ने मामले की जांच सीआईडी को सौंप दी जिसने बाद में 25 पुलिस वालों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया। 
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मीना खाल्को का यह किस्सा एक बार फिर चर्चा में हैं। इस मुद्दे पर विरोधी कांग्रेस और अन्य दल भाजपा को घेरते दिख रहे हैं। हालांकि इन सबसे इतर मीना के बुजुर्ग पिता आज भी इस आस में जिंदा हैं कि उनकी बेगुनाह बेटी के गुनहगारों को सजा मिल सकेगी। 
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राज्य के उत्तर में स्थित खारचा गांव में रहने वाले बुद्धेश्वर राय से इस बारे में बात की जाती है तो वह बिना रुके अपनी बात कहने लगते हैं। 

न्यायिक आयोग की रिपोर्ट में फर्जी निकला एनकाउंटर

chhattisgarh: meena khalko fake encounter

वो बताते हैं कि जुलाई 2011 में उनकी 15 साल की बेटी को पुलिसवालों ने झारखंड के बार्डर पर नक्सली बताकर मार डाला था। आरोन जनजाति से संबंध रखने वाली मीना के घरवाले सफाई देते हैं कि उसका नक्सलियों से कोई संबंध नहीं ‌था। 


उसकी मौत के बाद हुई न्यायिक जांच में पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर बताया गया था कि मरने से पहले मीना के साथ बलात्कार किया गया था। अगस्त 2015 में यह रिपोर्ट विधानसभा के पटल पर रखी गई तो सरकार के एक मंत्री ने यह कहकर भूचाल ला दिया कि मीना सेक्स की आदी थी। क्षेत्र में आने वाले ट्रक ड्राइवरों से उसके संबंध थे। 


जबकि मामले की जांच करने वाले जस्टिस अनिता झा आयोग ने बताया था कि अपने निष्कर्षों में उसने पाया था कि खाल्को एक नक्सलवादी नहीं थी। उसकी एक फर्जी मुठभेड़ में हत्या की गई थी। और मेडिकल जांच में इस बात के पुख्ता सबूत थे कि उसकी हत्या से पूर्व उससे जबरन सेक्स किया गया था। 

मामले में सवालों से घिरी छत्तीसगढ़ पुलिस और सरकार

chhattisgarh: meena khalko fake encounter

अगस्त 2015 में यह रिपोर्ट सदन के पटल पर रखी गई। जिसके बाद सरकार ने आगे की जांच के लिए मामला सीआईडी को सौंप दिया। इसके बाद खबर आई थी कि सीआईडी ने चांदो थाने के इंचार्ज निकोदिन खेस सहित 25 पुलिसवालों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया था। 

सालभर बाद यह मामला एक बार फिर तब सुर्खियों में आ गया जब विधानसभा के मौजूदा मानसून सत्र में एक सवाल के जवाब में राज्य के गृहमंत्री राम सेवक पाकेरा ने बयान दिया कि मामले में अभी अदालत के सामने कोई चालान पेश नहीं किया गया है न ही मामले में रेप की कोई धारा जोड़ी गई है। 

मामले की जांच चल रही है और थाना इंचार्ज का नाम भी अभी मामले में आरोपी के तौर पर नहीं जोड़ा गया है। मंत्री के इस बयान के बाद एक बार फिर यह मुद्दा गर्मा गया है। 

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