{"_id":"64c0149a622e1996770dbae6","slug":"chhattisgarh-ias-officer-ranu-sahu-no-get-relief-will-remain-in-jail-till-4-august-2023-2023-07-25","type":"story","status":"publish","title_hn":"Chhattisgarh: IAS अफसर रानू साहू को नहीं मिली राहत; 4 अगस्त तक रहेंगी जेल में, ED ने इस बार नहीं मांगी रिमांड","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Chhattisgarh: IAS अफसर रानू साहू को नहीं मिली राहत; 4 अगस्त तक रहेंगी जेल में, ED ने इस बार नहीं मांगी रिमांड
Wed, 26 Jul 2023 12:34 AM IST
ललित कुमार सिंह
अमर उजाला ब्यूरो, रायपुर
अमर उजाला ब्यूरो, रायपुर
Published by: ललित कुमार सिंह
Updated Wed, 26 Jul 2023 12:34 AM IST
सार
कोयला घोटाले में छत्तीसगढ़ की आईएएस अफसर रानू साहू को फिलहाल कोर्ट से राहत नहीं मिली है। रानू साहू अब 4 अगस्त तक जेल में रहेंगी। उन्हें रायपुर के विशेण न्यायाधीश अजय सिंह राजपूत की कोर्ट में कल पेश किया गया था।
विज्ञापन
IAS ऑफिसर रानू साहू को नहीं मिली राहत
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
कोयला घोटाला मामले में छत्तीसगढ़ की आईएएस ऑफिसर रानू साहू को फिलहाल कोर्ट से राहत नहीं मिली है। रानू साहू अब 4 अगस्त तक जेल में रहेंगी। उन्हें रायपुर के स्पेशल जस्टिस अजय सिंह राजपूत की कोर्ट में मंगलवार को पेश किया गया। कोर्ट ने सुनवाई करते हुए साहू को न्यायिक रिमांड पर भेज दिया है। बड़ी बात ये है कि इस बार ईडी ने कोर्ट से रानू साहू के लिए रिमांड नहीं मांगी और कहा कि हमारी उनसे पूछताछ पूरी हो चुकी है, इसलिए रिमांड नहीं चाहिए। इसके बाद कोर्ट ने फैसला सुनाते हुए न्यायिक रिमांड पर भेज दिया।
ED ने 22 जुलाई को रानू साहू को गिरफ्तार किया था। इसके बाद उन्हें कोर्ट में पेश किया गया था। इस दौरान कोर्ट ने 25 जुलाई तक ईडी को रिमांड सौंपी थी। ईडी ने कोर्ट से 14 दिन की रिमांड मांगी थी, लेकिन अदालत ने तीन दिन की रिमांड ही दी थी। रानू साहू छत्तीसगढ़ की दूसरी IAS ऑफिसर हैं, जिन्हें ईडी ने गिरफ्तार किया है। वो वर्तमान में कृषि विभाग में संचालक के पद पर पदस्थ थीं। इससे पहले रानू रायगढ़ जिले की कलेक्टर रह चुकी हैं। इसके पूर्व IAS समीर विश्नोई की गिरफ्तारी हो चुकी है और वो कोल स्कैम में रायपुर की सेंट्रल जेल में सजा काट रहे हैं।
सहयोग नहीं किया: सौरभ पांडे
ईडी के वकील सौरभ पांडे ने कहा था कि कोल लेवी स्कैम में उनकी गिरफ्तारी हुई है। उनसे पहले भी पूछताछ की जा चुकी है, लेकिन उन्होंने कभी सहयोग नहीं किया। हर बार कुछ नहीं मालूम कहकर चुप हो जाती रहीं। रानू साहू की प्रॉपर्टी तीन भागों में बांटी गई है। इनमें A, B, C है। A के तहत वो संपत्तियां हैं, जिसके जरिए रिश्तेदारों के नाम पर खरीदी गई। B में बेनामी संपत्ति हैं और C में वो प्रॉपर्टी है, जिसमें वैल्यू नहीं बताई गई है। ऐसे में उसे मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट के तहत सीज किया जा सकता है।
विज्ञापन
करोड़ों रुपए की हेराफेरी में शामिल होने का आरोप
ईडी ने 21 जुलाई की देर रात तक रानू साहू के रायपुर स्थित देवेंद्र नगर सरकारी आवास में छापेमारी की थी। इस दौरान मिले अहम सबूतों के के आधार पर रानू साहू करोड़ों रुपए के हेराफेरी में शामिल हैं। पुलिस फिलहाल मामले की जांच कर रही है। ईडी ने शुक्रवार को रायपुर, बिलासपुर, कोरबा में कारोबारियों और ऑफिसर्स के घर रेड मारी थी। रायपुर में रामदास अग्रवाल के जोरा स्थित अनुपम नगर के घर में भी टीम ने दबिश दी थी। कोरबा में निगम कमिश्ननर प्रभाकर पांडेय के घर पर सुबह पांच बजे से पांच सदस्यीय टीम जांच पड़ताल की। ईडी की टीम के साथ सीआरपीएफ के जवान भी पहुंचे थे, जो घर के अंदर और बाहर तैनात रहे।
पिछले साल भी हुई थी छापेमारी
पिछले साल ईडी ने मनी लॉन्ड्रिंग और कोल अवैध वसूली केस में रानू साहू के कलेक्टर रहते हुए छापेमारी की थी। रानू साहू के मायके में ईडी के अधिकारियों ने रेड मारी थी। रानू के गांव पाण्डुका, गरियाबंद जिले में भी छापा पड़ा था। जिला पंचायत सदस्य लक्ष्मी साहू और कांग्रेस नेता शैलेंद्र साहू के घर टीम ने दबिश दी थी। लक्ष्मी साहू कलेक्टर रानू साहू की मां हैं। वहीं शैलेंद्र साहू उनके चचेरे भाई हैं।
विज्ञापन
ED ने 22 जुलाई को रानू साहू को गिरफ्तार किया था। इसके बाद उन्हें कोर्ट में पेश किया गया था। इस दौरान कोर्ट ने 25 जुलाई तक ईडी को रिमांड सौंपी थी। ईडी ने कोर्ट से 14 दिन की रिमांड मांगी थी, लेकिन अदालत ने तीन दिन की रिमांड ही दी थी। रानू साहू छत्तीसगढ़ की दूसरी IAS ऑफिसर हैं, जिन्हें ईडी ने गिरफ्तार किया है। वो वर्तमान में कृषि विभाग में संचालक के पद पर पदस्थ थीं। इससे पहले रानू रायगढ़ जिले की कलेक्टर रह चुकी हैं। इसके पूर्व IAS समीर विश्नोई की गिरफ्तारी हो चुकी है और वो कोल स्कैम में रायपुर की सेंट्रल जेल में सजा काट रहे हैं।
विज्ञापन
सहयोग नहीं किया: सौरभ पांडे
ईडी के वकील सौरभ पांडे ने कहा था कि कोल लेवी स्कैम में उनकी गिरफ्तारी हुई है। उनसे पहले भी पूछताछ की जा चुकी है, लेकिन उन्होंने कभी सहयोग नहीं किया। हर बार कुछ नहीं मालूम कहकर चुप हो जाती रहीं। रानू साहू की प्रॉपर्टी तीन भागों में बांटी गई है। इनमें A, B, C है। A के तहत वो संपत्तियां हैं, जिसके जरिए रिश्तेदारों के नाम पर खरीदी गई। B में बेनामी संपत्ति हैं और C में वो प्रॉपर्टी है, जिसमें वैल्यू नहीं बताई गई है। ऐसे में उसे मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट के तहत सीज किया जा सकता है।
विज्ञापन
करोड़ों रुपए की हेराफेरी में शामिल होने का आरोप
ईडी ने 21 जुलाई की देर रात तक रानू साहू के रायपुर स्थित देवेंद्र नगर सरकारी आवास में छापेमारी की थी। इस दौरान मिले अहम सबूतों के के आधार पर रानू साहू करोड़ों रुपए के हेराफेरी में शामिल हैं। पुलिस फिलहाल मामले की जांच कर रही है। ईडी ने शुक्रवार को रायपुर, बिलासपुर, कोरबा में कारोबारियों और ऑफिसर्स के घर रेड मारी थी। रायपुर में रामदास अग्रवाल के जोरा स्थित अनुपम नगर के घर में भी टीम ने दबिश दी थी। कोरबा में निगम कमिश्ननर प्रभाकर पांडेय के घर पर सुबह पांच बजे से पांच सदस्यीय टीम जांच पड़ताल की। ईडी की टीम के साथ सीआरपीएफ के जवान भी पहुंचे थे, जो घर के अंदर और बाहर तैनात रहे।
पिछले साल भी हुई थी छापेमारी
पिछले साल ईडी ने मनी लॉन्ड्रिंग और कोल अवैध वसूली केस में रानू साहू के कलेक्टर रहते हुए छापेमारी की थी। रानू साहू के मायके में ईडी के अधिकारियों ने रेड मारी थी। रानू के गांव पाण्डुका, गरियाबंद जिले में भी छापा पड़ा था। जिला पंचायत सदस्य लक्ष्मी साहू और कांग्रेस नेता शैलेंद्र साहू के घर टीम ने दबिश दी थी। लक्ष्मी साहू कलेक्टर रानू साहू की मां हैं। वहीं शैलेंद्र साहू उनके चचेरे भाई हैं।